{"_id":"6765c349c0baa4f8e5012514","slug":"incomplete-sector-13-gymkhana-bhiwani-news-c-21-1-hld1018-528795-2024-12-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: बजट के इंतजार में छह साल से अधूरा सेक्टर-13 का जिमखाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: बजट के इंतजार में छह साल से अधूरा सेक्टर-13 का जिमखाना
Sat, 21 Dec 2024 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 21 Dec 2024 12:49 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। सेक्टर-13 का जिमखाना पिछले छह साल से बजट के अभाव में अधर में पड़ा है। देखरेख के अभाव में यह अधूरा भवन ही खंडहर में तब्दील हो रहा है। यहां लावारिस पशु आराम करते हैं। नशेड़ी भी यहां से सामान चोरी कर रहे हैं। इस कार्य को पूरा कराने के लिए पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने ठिठुरती ठंड में शुक्रवार को धरना शुरू कर दिया।
सेक्टर-13 के लोगों के लिए जिमखाना निर्माण का काम करीब छह साल पहले शुरू हुआ था। इस भवन का ढांचा तैयार हो गया। इसमें चहारदीवारी भी अधूरी है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों का कहना है कि बजट की दूसरी किश्त के लिए छह साल से बजट का इंतजार किया जा रहा है। मान ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी की वजह से सेक्टर के लोगों को जिमखाना नहीं मिल पाया है। अगर अधिकारी समय रहते इसका बजट दिला देते तो इसका काम पूरा हो जाता।
करीब दो करोड़ रुपये की पहली किश्त मिलने पर यह कार्य कभी छह माह तो कभी चार माह चला और फिर बंद हो गया। कोरोना काल भी इस बाधा का एक कारण रहा। इस परिसर में खच्चर और लावारिस पशु यहां दिनभर आराम फरमा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टर-13 के लोगों के लिए जिमखाना निर्माण का काम करीब छह साल पहले शुरू हुआ था। इस भवन का ढांचा तैयार हो गया। इसमें चहारदीवारी भी अधूरी है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों का कहना है कि बजट की दूसरी किश्त के लिए छह साल से बजट का इंतजार किया जा रहा है। मान ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी की वजह से सेक्टर के लोगों को जिमखाना नहीं मिल पाया है। अगर अधिकारी समय रहते इसका बजट दिला देते तो इसका काम पूरा हो जाता।
विज्ञापन
करीब दो करोड़ रुपये की पहली किश्त मिलने पर यह कार्य कभी छह माह तो कभी चार माह चला और फिर बंद हो गया। कोरोना काल भी इस बाधा का एक कारण रहा। इस परिसर में खच्चर और लावारिस पशु यहां दिनभर आराम फरमा रहे हैं।
विज्ञापन