फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   In the 11 years of suffering of the bull austerity absorbed in Baba Turntnath

बछड़े के दुख में 11 साल से तपस्या में लीन हैं बाबा तुरंतनाथ

Mon, 26 Oct 2015 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी Updated Mon, 26 Oct 2015 12:53 AM IST
विज्ञापन
तोशाम। बात करीब 11 साल पुरानी है। गैंडवास में एक गाय अंधे बछड़े को जन्म देकर मर गई। बछड़े की अंधता से बाबा तुरंतनाथ इतने विचलित हुए कि मौन व्रत के साथ-साथ खड़े होकर तपस्या का निर्णय लिया। आरंभ में 7 दिन का मौन व्रत किया। इसके बाद 21 दिन, 41 दिन, 3 महीने और फिर 9 माह तक खड़े होकर मौन व्रत चलता रहा। फिर12 महीने नंगला में, 12 महीने नारा पानीपत में, 12 महीने डूडीवाला, 3 महीने आसलवास और फिर लगातार 8 साल से मौन व्रत की यह तपस्या गांव नगला में चलती रही। अब पिछले करीबन ढाई साल से बहल मार्ग पर स्थित रोढ़ां मोड़ पर गौरक्ष शक्ति पीठ में यह व्रत चल रहा है।
विज्ञापन

सांड को साथ रखते हैं बाबा
जन्मजात अंधा यह बछड़ा अब पूरा सांड बन गया है। बाबा तपस्या के लिए जहां भी पंहुचे सांड को साथ रखा। बाबा सांड की देखरेख व खानपान का ख्याल स्वयं से भी ज्यादा रखते हैं। रोढ़ा मोड़ पर बाबा ने लोगों के सहयोग से अब गौरक्ष शक्ति पीठ की स्थापना यहां की है। इस स्थान पर ढाई साल से अखंड ज्योत जल रही है। बाबा ने गुरु गोरखनाथ के साथ सांड की खास प्रतिमा भी बनवा दी है।
विज्ञापन

60 बार रक्तदान कर चुके हैं बाबा
बाबा तुरंतनाथ अपने जीवन में 60 बार से अधिक रक्तदान भी कर चुके हैं। मौन व्रत रखने की सीमा पूछे जाने पर बाबा लिखकर बताते हैं कि मौन व्रत रखे हुए 11 साल हो चुके हैं, जब तक ईश्वर की इच्छा है व्रत जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोटो-06-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed