{"_id":"6890f515b137bc5ae80909a3","slug":"in-protest-against-geo-fencing-doctors-and-employees-left-opd-and-staged-a-symbolic-sit-in-for-one-hour-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-137758-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: जिओ फेंसिंग के विरोध में चिकित्सकों व कर्मचारियों ने छोड़ी ओपीडी, एक घंटे दिया सांकेतिक धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: जिओ फेंसिंग के विरोध में चिकित्सकों व कर्मचारियों ने छोड़ी ओपीडी, एक घंटे दिया सांकेतिक धरना
Mon, 04 Aug 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में मांगों को लेकर धरने पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारी।
भिवानी। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग अधिकारी एवं कर्मचारी तालमेल कमेटी की जिला इकाई के आह्वान पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों और कर्मचारियों ने जिओ फेंसिंग के विरोध में एक घंटे का सांकेतिक धरना दिया। सुबह 10 से 11 बजे तक सभी कर्मचारी व चिकित्सक ओपीडी छोड़कर सिविल सर्जन कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
एक घंटे तक ओपीडी बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, हालांकि आपातकालीन सेवाएं इस दौरान सुचारू रूप से जारी रहीं। धरने में आंकड़ा यूनियन के राज्य प्रधान प्रशांत शर्मा, एमपीएचडब्ल्यू के पूर्व राज्य उप प्रधान सोनू राठी, नर्सिंग एसोसिएशन की जिला प्रधान अनीता देवी व चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने जिओ फेंसिंग के विरोध में अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि जिओ फेंसिंग प्रणाली लागू कर सरकार कर्मचारियों की निजता का हनन कर रही है। महिला कर्मचारियों की संख्या स्वास्थ्य विभाग में अधिक है और इस तकनीक से उनकी लोकेशन और व्यक्तिगत जानकारी दूसरों तक पहुंच सकती है जिसका दुरुपयोग होने की आशंका है। यह महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकता है।
राज्य प्रधान प्रशांत शर्मा ने कहा कि अगर सरकार अटेंडेंस के लिए जिओ फेसिंग लागू करना ही चाहती है तो पहले कर्मचारियों को सरकारी मोबाइल फोन व इंटरनेट डाटा की सुविधा उपलब्ध कराए। धरने में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन, दंतक सर्जन एसोसिएशन, फार्मासिस्ट अधिकारी एसोसिएशन, नर्सिंग एसोसिएशन, रेडियोग्राफर एसोसिएशन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जिओ फेंसिंग को अनिवार्य करने का प्रयास किया, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक घंटे तक ओपीडी बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, हालांकि आपातकालीन सेवाएं इस दौरान सुचारू रूप से जारी रहीं। धरने में आंकड़ा यूनियन के राज्य प्रधान प्रशांत शर्मा, एमपीएचडब्ल्यू के पूर्व राज्य उप प्रधान सोनू राठी, नर्सिंग एसोसिएशन की जिला प्रधान अनीता देवी व चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने जिओ फेंसिंग के विरोध में अपनी बात रखी। वक्ताओं ने कहा कि जिओ फेंसिंग प्रणाली लागू कर सरकार कर्मचारियों की निजता का हनन कर रही है। महिला कर्मचारियों की संख्या स्वास्थ्य विभाग में अधिक है और इस तकनीक से उनकी लोकेशन और व्यक्तिगत जानकारी दूसरों तक पहुंच सकती है जिसका दुरुपयोग होने की आशंका है। यह महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकता है।
विज्ञापन
राज्य प्रधान प्रशांत शर्मा ने कहा कि अगर सरकार अटेंडेंस के लिए जिओ फेसिंग लागू करना ही चाहती है तो पहले कर्मचारियों को सरकारी मोबाइल फोन व इंटरनेट डाटा की सुविधा उपलब्ध कराए। धरने में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन, दंतक सर्जन एसोसिएशन, फार्मासिस्ट अधिकारी एसोसिएशन, नर्सिंग एसोसिएशन, रेडियोग्राफर एसोसिएशन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी संगठनों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जिओ फेंसिंग को अनिवार्य करने का प्रयास किया, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
विज्ञापन