फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Ignoring the rules, the Nagar Panchayat created the property ID and got five land registries done fraudulently in the restricted area

Bhiwani News: नियमों को ताक पर रख नप ने बनाई प्रॉपर्टी आईडी, प्रतिबंधित इलाके में फर्जी तरीके से करा डाली पांच भूमि रजिस्ट्री

Tue, 10 Jun 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 10 Jun 2025 11:16 PM IST
विज्ञापन
Ignoring the rules, the Nagar Panchayat created the property ID and got five land registries done fraudulently in the restricted area
नगर परिषद की वेबसाइट पर दर्शाया गया लाजपत नगर का नक्शा। 
भिवानी। अवैध कॉलोनाइजरों के साथ नगर परिषद भिवानी और जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों की मिलीभगत से नया गड़बड़झाला उजागर हुआ है। पहले तो नियमों को ताक पर रखकर नगर परिषद ने गलत प्रॉपर्टी आईडी बनाई, उसके बाद उसी आधार पर प्रतिबंधित इलाके में फर्जी तरीके से पांच भूमि रजिस्ट्री करा दी गई। जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय ने प्रतिबंधित किला और खसरा नंबर की भूमि रजिस्ट्री में हरियाणा सरकार की ओर से जारी 2018 और 2025 के नोटिफिकेशन को भी दरकिनार कर डाला।
विज्ञापन

अवैध कॉलोनाइजरों ने शहर के लाजपत नगर में अधिकारियों से मिलीभगत कर प्रतिबंधित इलाके में बेचे गए प्लाटों की गलत तरीके से भूमि रजिस्ट्री भी करा डाली। अगर मामले की जांच कराई जाए तो अवैध लाजपत नगर में प्रतिबंधित इलाके में काटी गई अवैध कॉलोनियों के अंदर फर्जी तरीके से काफी रजिस्ट्रियां भी सामने आ सकती हैं। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन ने प्रतिबंधित क्षेत्र में फर्जीवाड़ा से कराई गई भूमि रजिस्ट्री के सभी तथ्य जुटाकर इसकी विजिलेंस जांच की मांग की है।
विज्ञापन

शहर के खरकड़ी फाटक लाइनपार स्थित लाजपत नगर कॉलोनी में नहर के पास अवैध कॉलोनाइजरों ने कृषि भूमि पर प्लाट काटकर उनकी धड़ल्ले से बिक्री कर डाली। प्लाट खरीद करने वालों ने नगर परिषद अधिकारियों से मिलीभगत कर गलत तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनवा डाली। जिसका प्रयोग करते हुए जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से भूमि की नियमों को ताक पर रखकर रजिस्ट्री भी करा डाली। जबकि हरियाणा सरकार की तरफ से 2018 और 2025 में नोटिफिकेशन जारी किया हुआ है। जिसमें खुला और प्रतिबंधित क्षेत्र किला और खसरा नंबर से स्पष्ट दर्शाया हुआ है। इसी तरह नगर परिषद की तरफ से भी अधिकृत वेबसाइट पर लाजपत नगर कॉलोनी का नक्शा दर्शाया गया है। जिसमें लाजपत नगर के अंदर खुला और प्रतिबंधित इलाका में किला और खसरा नंबर स्पष्ट दिए हुए हैं। नियमों को ताक पर रखकर खसरा नंबर 138 में भूमि की रजिस्ट्री कराई गई हैं। ये खसरा नंबर नगर परिषद की प्रतिबंधित क्षेत्र में दर्शाया गया है। जिसकी नियम के अनुसार प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई जा सकती है। रजिस्ट्री कराना तो दूर की बात है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने भूमि की पीआईडी और गलत तरीके से की गई रजिस्ट्री से जुड़े तथ्य जुटाकर इसकी विजिलेंस जांच की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनाधिकृत दायरे में आती है लाजपत नगर कॉलोनी
नगर परिषद की नई हदबंदी की बात करें तो खरकड़ी फाटक लाइनपार क्षेत्र में लाजपत नगर प्रथम और द्वितीय दर्शाया हुआ है। अधिकांश इलाका अनाधिकृत दायरे में आता है। जिसके अंदर भूमि की खरीद और बिक्री करने पर न तो पीआईडी का प्रावधान है न भूमि की रजिस्ट्री कराना संभव है। मगर अधिकारियों की मिलीभगत से सब कुछ संभव हो गया है। फिलहाल राजस्व विभाग के लोहड़ में आने वाले किला और खसरा नंबरों के हिसाब से भी लाजपत नगर कॉलोनी में ये इलाका नहर के पास नक्शा में दिखाया गया है। जहां रिकार्ड में खेत हैं लेकिन धरातल पर यहां प्लाट बिक कर अवैध कॉलोनी विकसित हो चुकी हैं।

नगर परिषद से पीआईडी बनवाई गई है, जिसके बाद इस भूमि की रजिस्ट्री की गई है। फिलहाल ये क्षेत्र प्रतिबंधित दायरे में आता है या नहीं यह बात नगर परिषद को पीआईडी बनाते समय ध्यान में रखना होता है। राजस्व विभाग के रिकार्ड की जांच के बाद ही भूमि की रजिस्ट्री की जाती है। अगर किसी तरह का संशय है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
-राजकुमार जिला राजस्व अधिकारी भिवानी।

नगर परिषद में याशी कंपनी के सर्वे के आधार पर ही शहरी दायरे में प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई है। कोई भी नई प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई है। अगर नई पीआईडी बनाई गई है तो ये जांच का विषय है। नगर परिषद की तरफ से वेबसाइट पर लाजपत नगर कॉलोनी का नक्शा भी जारी किया हुआ है। जिसमें हदबंदी और हद से बाहर का क्षेत्र स्पष्ट दर्शाया गया है।

-राजाराम कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद भिवानी।

नगर परिषद में गलत पीआईडी और जिला राजस्व विभाग में भूमियों की गलत रजिस्ट्री के काफी गड़बड़झाले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद भ्रष्टाचार कर अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। भिवानी तहसील कार्यालय की जांच विजिलेंस कर रही है। इसके बावजूद प्रतिबंधित इलाकों की गलत रजिस्ट्री और नगर परिषद में फर्जी तरीके से पीआईडी बनाने का धंधा नहीं रुक रहा है। हरियाणा सरकार को ऐसे मामलों की विजिलेंस जांच कराकर दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
-बृजपाल सिंह परमार अध्यक्ष स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन भिवानी।
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed