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Bhiwani News: जर्जर ट्रैक पर दौड़ती उम्मीदें, टूटे संसाधनों में पलती मेहनत
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शहर के भीम स्टेडियम में टूटा पड़ा जाल।
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भिवानी। खेल संसाधनों की कमी जिले के उभरते खिलाड़ियों पर भारी पड़ रही है। देश के लिए पदक जीतने में भिवानी के खिलाड़ियों का नाम हमेशा आगे रहता है लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। ‘मिनी क्यूबा’ के नाम से प्रसिद्ध भिवानी में खेल सुविधाओं का एकमात्र प्रमुख केंद्र भीम खेल परिसर बदहाल स्थिति में है।
संवाददाता द्वारा बुधवार शाम करीब छह बजे किए गए निरीक्षण में पाया गया कि स्टेडियम खिलाड़ियों से भरा हुआ था और सभी अपने-अपने अभ्यास में जुटे थे। बातचीत में सामने आया कि मुख्य मैदान का रनिंग ट्रैक जगह-जगह से टूट चुका है और उसमें गड्ढे बन गए हैं जिससे खिलाड़ी कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
स्टेडियम में गर्मी के मौसम में पीने के पानी और बिजली की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर प्रशिक्षकों ने बताया कि गोला फेंक अभ्यास के लिए जाली तक नहीं लगी है जिससे गोला कई बार ट्रैक पर आकर गिर जाता है और हादसे की आशंका बनी रहती है।
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प्रशिक्षकों के अनुसार खिलाड़ियों को पीने का पानी घर से लाना पड़ता है जबकि स्टेडियम में लगभग दो हजार खिलाड़ियों के लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है जिसकी हालत भी बेहद खराब है।
स्टेडियम में मूलभूत सुविधाएं तोड़ रही दम
स्टेडियम में शौचालयों के गेट टूटे हुए हैं, नल बंद पड़े हैं और लाइटें भी खराब हैं। खेल परिसर में वर्षों पुरानी सुविधाएं अब जर्जर हो चुकी हैं। यहां से कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं लेकिन नए खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
फोटो : 31
स्टेडियम पर पीने का पानी, बिजली का प्रबंध नहीं है। ट्रैक के हालात नाजुक हैं। शौचालयों का बुरा हाल है। सरकार जहां एक तरफ खेलों को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं भीम स्टेडियम की खस्ताहाल व्यवस्था सवाल खड़े कर रही है। यहां अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ियों को पूरी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। -सोमबीर, खेल प्रशिक्षक।
स्टेडियम पर प्रतिदिन गोला फेंक का अभ्यास करते हैं लेकिन यहां पोल व जाली तक का प्रबंध नहीं है। कई बार गोला ट्रैक पर जाकर गिर जाता है। प्रशासन को यहां खेल सुविधाओं का उचित प्रबंध करना चाहिए। -योगेश, खिलाड़ी।
रनिंग ट्रैक पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। ऐसे में अभ्यास करते समय कई बार पैर चोटिल हो चुका है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को सुविधाएं मिल सकें। -राजीव, खिलाड़ी।
स्टेडियम में पीने के पानी तक का प्रबंध नहीं है। घर से बोतल या कैंपर लेकर आते हैं। इसके अलावा बिजली का भी प्रबंध नहीं है। शौचालय खस्ताहाल हैं। -जीतू, खिलाड़ी।
भीम स्टेडियम के नवीनीकरण के लिए बजट जारी हुआ है। जल्द ही स्टेडियम में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। जहां भी कमी है उसे ठीक करवा दिया जाएगा। -विद्यानंद यादव, जिला खेल अधिकारी भिवानी।
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संवाददाता द्वारा बुधवार शाम करीब छह बजे किए गए निरीक्षण में पाया गया कि स्टेडियम खिलाड़ियों से भरा हुआ था और सभी अपने-अपने अभ्यास में जुटे थे। बातचीत में सामने आया कि मुख्य मैदान का रनिंग ट्रैक जगह-जगह से टूट चुका है और उसमें गड्ढे बन गए हैं जिससे खिलाड़ी कई बार गिरकर चोटिल हो चुके हैं।
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स्टेडियम में गर्मी के मौसम में पीने के पानी और बिजली की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर प्रशिक्षकों ने बताया कि गोला फेंक अभ्यास के लिए जाली तक नहीं लगी है जिससे गोला कई बार ट्रैक पर आकर गिर जाता है और हादसे की आशंका बनी रहती है।
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प्रशिक्षकों के अनुसार खिलाड़ियों को पीने का पानी घर से लाना पड़ता है जबकि स्टेडियम में लगभग दो हजार खिलाड़ियों के लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है जिसकी हालत भी बेहद खराब है।
स्टेडियम में मूलभूत सुविधाएं तोड़ रही दम
स्टेडियम में शौचालयों के गेट टूटे हुए हैं, नल बंद पड़े हैं और लाइटें भी खराब हैं। खेल परिसर में वर्षों पुरानी सुविधाएं अब जर्जर हो चुकी हैं। यहां से कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके हैं लेकिन नए खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
फोटो : 31
स्टेडियम पर पीने का पानी, बिजली का प्रबंध नहीं है। ट्रैक के हालात नाजुक हैं। शौचालयों का बुरा हाल है। सरकार जहां एक तरफ खेलों को बढ़ावा देने की बात कर रही है वहीं भीम स्टेडियम की खस्ताहाल व्यवस्था सवाल खड़े कर रही है। यहां अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ियों को पूरी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। -सोमबीर, खेल प्रशिक्षक।
स्टेडियम पर प्रतिदिन गोला फेंक का अभ्यास करते हैं लेकिन यहां पोल व जाली तक का प्रबंध नहीं है। कई बार गोला ट्रैक पर जाकर गिर जाता है। प्रशासन को यहां खेल सुविधाओं का उचित प्रबंध करना चाहिए। -योगेश, खिलाड़ी।
रनिंग ट्रैक पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। ऐसे में अभ्यास करते समय कई बार पैर चोटिल हो चुका है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि खिलाड़ियों को सुविधाएं मिल सकें। -राजीव, खिलाड़ी।
स्टेडियम में पीने के पानी तक का प्रबंध नहीं है। घर से बोतल या कैंपर लेकर आते हैं। इसके अलावा बिजली का भी प्रबंध नहीं है। शौचालय खस्ताहाल हैं। -जीतू, खिलाड़ी।
भीम स्टेडियम के नवीनीकरण के लिए बजट जारी हुआ है। जल्द ही स्टेडियम में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। जहां भी कमी है उसे ठीक करवा दिया जाएगा। -विद्यानंद यादव, जिला खेल अधिकारी भिवानी।