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ग्राउंड रिपोर्ट: रेतीली माटी पर किसान ही बढ़ाएंगे सियासी गर्मी, लोस चुनाव में दिखा था असर, इस बार भी सुगबुगाहट

Mon, 26 Aug 2024 12:59 PM IST
शाहरुख खान संजय वर्मा, अमर उजाला, भिवानी
संजय वर्मा, अमर उजाला, भिवानी Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 26 Aug 2024 12:59 PM IST
सार

रेतीली माटी पर किसान ही सियासी गर्मी बढ़ाएंगे। किसान आंदोलन का लोकसभा चुनाव में असर दिखा था। इस बार विधानसभा चुनाव में भी सुगबुगाहट दिख रही है। 

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Haryana Election impact of farmer movement was visible in Lok Sabha elections this time too there is a stir
Haryana Election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान से सटे भिवानी जिले के लोहारू की रेतीली माटी पर एक बार फिर किसान व जाट ही सियासी गर्मी बढ़ाएंगे। 2019 में जयप्रकाश दलाल ने यहां कमल खिलाया था। एक बार फिर वे इसी क्षेत्र से ताल ठोकने को तैयार हैं। कांग्रेस में भी पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के दामाद सोमबीर प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वे यहां से दो बार विधानसभा भी जा चुके हैं। 
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एक बार फिर दोनों पार्टियां इन्हीं के सहारे चुनावी मैदान में उतर सकती हैं। दलाल फिलहाल प्रदेश के वित्त मंत्री हैं। इससे पहले कृषि मंत्री रहते हुए कई काम भी करवा चुके हैं, लेकिन किसान आंदोलन के कारण जाट और किसान वोटरों के भाजपा के दूर जाने का असर लोकसभा चुनाव में दिखाई पड़ा है। किसानों के धरने व उनकी मांगों की सुगबुगाहट अभी भी इलाके में है।
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ढाई माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में लोहारू से कांग्रेस प्रत्याशी राव दान सिंह को करीब 8300 वोट ज्यादा मिले थे। किसानों ने कांग्रेस को लगभग एकतरफा मतदान किया था। इससे कांग्रेस के नेता उत्साहित हैं, लेकिन दलाल व भाजपा को भी पांच साल में कराए गए कामों पर भरोसा है। 
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हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद किसानों को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की है। ऐसे में भाजपा के सामने अपनी जीत को बरकरार रखने व कांग्रेस के लिए बाजी पलटने की चुनौती है। इस इलाके में चौधरी बंसीलाल के परिवार का भी प्रभाव है। कांग्रेस यहां से सात बार अपना खाता खोल चुकी है, जबकि इनेलो ने भी तीन बार जीत दर्ज की है।

जाट बाहुल्य इलाका है लोहारू
लोहारू विधानसभा क्षेत्र जाट बाहुल्य इलाका है। इस इलाके में एक लाख 92 हजार से अधिक मतदाता हैं। इसमें दो तिहाई मतदाता जाट हैं। श्योराण गोत्र के लोग यहां सबसे अधिक हैं। लोहारू में श्योराण खाप के लोगों के 52 गांव हैं जिन्हें लोहारू बावनी बोला जाता है। इसके बाद इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या है।


 

सीएम सैनी ने की रैली
इलाके में चुनावी माहौल चरम पर है। भाजपा पूरी ताकत लगा रही है ताकि लोकसभा चुनाव में जो नुकसान हुआ है, उसे पूरा किया जा सके। सीएम नायब सैनी रैली कर चुके हैं। जेपी भी अपने बेटों के साथ प्रचार में जुटे हैं। वहीं, कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जोश में हैं। दो प्रबल दावेदार होने के कारण अंतर्विरोध होने का खतरा बना हुआ है। सबसे बड़े पानी के मुद्दे की भी चर्चा हो रही है। बहल और सीवानी मंडी क्षेत्र में भूमिगत जल की स्थिति ठीक नहीं है। दिल्ली से सीधा संपर्क पथ भी नहीं है।


 

लोहारू से कौन-कौन रहे विधायक
वर्ष विधायक पार्टी
1967 हीरानंद आर्य कांग्रेस
1968 चंद्रावती  कांग्रेस
1972 चंद्रावती  कांग्रेस
1977 हीरानंद आर्य कांग्रेस
1982 हीरानंद आर्य कांग्रेस
1987 हीरानंद आर्य कांग्रेस
1991 चंद्रावती कांग्रेस
1996 सोमबीर सिंह हविपा
2000 बहादुर सिंह इनेलो
2005 सोमबीर सिंह हविपा
2009 मास्टर धर्मपाल ओबरा इनेलो
2014 ओम प्रकाश बड़वा इनेलो
2019 जेपी दलाल भाजपा


 
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