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Bhiwani News: हैफेड ने बंद की सरसों खरीद, अधिकारियों को नहीं मिले खरीद के कोई निर्देश
Mon, 01 May 2023 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 01 May 2023 11:19 PM IST
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चारा मंडी में बारिश के कारण भीगी सरसों।
भिवानी। हैफेड ने सोमवार को किसानों की सरसों खरीद नहीं की, क्योंकि अधिकारियों को सरकार की तरफ से सरसों खरीद के कोई निर्देश नहीं मिले। जिलेभर में करीब ढाई हजार किसानों ने सरसों बिक्री के लिए मंडियों में गेट पास कटवाए थे, जिनकी 55 हजार क्विंटल सरसों अब भी बिक्री होना बाकी है।
कई मंडियों में तो किसानों ने सरसों खरीद नहीं होने पर रोष भी जताया है। वेयर हाउस और एफसीआई के गोदामों में अनलोडिंग प्वाइंट बहुत कम हैं, जिसकी वजह से गेहूं और सरसों से लदी सैकड़ों गाड़ियों की लाइनें लगी हैं। सोमवार दोपहर बाद भिवानी में बारिश हुई, जिसकी वजह से खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं और सरसों भी भीगी। जिन्हें बारिश से बचाव के कोई प्रबंध नहीं किए गए। वहीं अधिकारियों के दावों की भी पोल खुली।
भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं के साथ-साथ सरसों की सरकारी खरीद चल रही थी। लेकिन 30 अप्रैल के बाद हैफेड अधिकारियों के पास सरसों खरीद के कोई आदेश नहीं मिले। इसको लेकर सोमवार को हैफेड अधिकारियों ने सरसों की खरीद नहीं कराई। अब तक भिवानी जिले में किसानों की एक लाख 21 हजार टन सरसों की सरकारी खरीद हो चुकी है।
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किसानों का कहना है कि मौसम की मार झेल चुकी फसल इस बार देरी से कटाई हुई थी। किसान जब तक अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचते सरकार ने खरीद ही बंद कर दी है। अभी भी जिले में हजारों टन सरसों खरीद होना बाकी है। जो सरसों पहले खरीद हो चुकी है हैफेड अभी तक उसका उठान ही नहीं करा पाई है। उठान तो दूर खरीद हुई सरसों की भिवानी चारामंडी में खुले में ढेरियां लगी हैं, जिनकी भराई के लिए पर्याप्त बारदाना तक नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने सोमवार को बारदाना का प्रबंध होने का दावा किया है वहीं जल्द भराई शुरू कराने की बात भी कही है। लेकिन सोमवार दोपहर बाद हुई बारिश में ये सरसों फिर से बारिश से भीग गई।
52 फीसदी गेहूं का हुआ मंडियों से उठान, खुले में फिर भीगा गेहूं
भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं की खरीद अभी बंद नहीं की गई है। लेकिन खराब मौसम और उठान न होने के कारण पिछले चार दिन से गेहूं की खरीद नहीं हुई। अब तक जिले में 99110 टन गेहूं 13411 किसानों से खरीदा जा चुका है। इसमें 52452 टन गेहूं का उठान हुआ है, जबकि 46658 टन गेहूं का उठान बाकी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 52 फीसदी गेहूं का ही मंडियों से उठान हुआ है। गेहूं पर बारिश की मार भी पड़ी है। इससे गोदामों में पहुंचने से पहले ही गेहूं सड़क पर ही खराब होने का खतरा है।
ये आ रही है अड़चन
मंडियों से गेहूं और सरसों का उठान धीमा चल रहा है। इसकी वजह है कि मंडियों से भरकर गाड़ियां जब वेयर हाउस और एफसीआई के गोदामों तक पहुंच रही हैं जो इन्हें खाली करने के लिए अनलोडिंग लेबर नहीं है। गोदामों में लेबर की कमी से कुछ प्वाइंटों पर ही अनलोडिंग का काम चल रहा है। इसकी वजह से गोदामों के बाहर सैकड़ों गाड़ियां खाली होने के इंतजार में दो दिन से खड़ी हैं। जब तक ये गाड़ी खाली नहीं होती तब तक नई गाड़ियों को भरकर गोदामों में भेजना संभव नहीं है। एक ठेकेदार के पास ही कई मंडियों में अनलोडिंग काम का ठेका है। इसके पास पर्याप्त लेबर तक नहीं है। यही हाल उठान में भी है। वहां पर भी ऐसी ही स्थिति है।
अभी तक सरकार की तरफ से हमारे पास सरसों की खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं। जब तक आदेश नहीं आते हम सरसों की खरीद आगे नहीं कर सकते हैं। मंडियों में बारदाना पहुंच चुका है। इसके बाद सरसों भराई और तुलाई का काम तेजी से चल रहा है। उठान में अनलोडिंग लेबर की कमी की वजह से परेशानी आ रही है।
- राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।
भिवानी मंडी में करीब 1500 किसानों ने सरसों बिक्री के लिए गेट पास कटवाए हैं, लेकिन अभी तक उन किसानों की करीब 20 हजार क्विंटल सरसों बिक्री को लेकर अधिकारियों के पास कोई आदेश नहीं हैं, जिससे किसान न फसल बेच पा रहे हैं न ही वापस घर ले जा पा रहे हैं। प्राइवेट बिक्री में भी किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्योंकि मार्केट भाव काफी कम हैं।
-सतीश सांकरोडिय़ां, जिला महासचिव, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।
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कई मंडियों में तो किसानों ने सरसों खरीद नहीं होने पर रोष भी जताया है। वेयर हाउस और एफसीआई के गोदामों में अनलोडिंग प्वाइंट बहुत कम हैं, जिसकी वजह से गेहूं और सरसों से लदी सैकड़ों गाड़ियों की लाइनें लगी हैं। सोमवार दोपहर बाद भिवानी में बारिश हुई, जिसकी वजह से खुले आसमान के नीचे पड़ा गेहूं और सरसों भी भीगी। जिन्हें बारिश से बचाव के कोई प्रबंध नहीं किए गए। वहीं अधिकारियों के दावों की भी पोल खुली।
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भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं के साथ-साथ सरसों की सरकारी खरीद चल रही थी। लेकिन 30 अप्रैल के बाद हैफेड अधिकारियों के पास सरसों खरीद के कोई आदेश नहीं मिले। इसको लेकर सोमवार को हैफेड अधिकारियों ने सरसों की खरीद नहीं कराई। अब तक भिवानी जिले में किसानों की एक लाख 21 हजार टन सरसों की सरकारी खरीद हो चुकी है।
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किसानों का कहना है कि मौसम की मार झेल चुकी फसल इस बार देरी से कटाई हुई थी। किसान जब तक अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचते सरकार ने खरीद ही बंद कर दी है। अभी भी जिले में हजारों टन सरसों खरीद होना बाकी है। जो सरसों पहले खरीद हो चुकी है हैफेड अभी तक उसका उठान ही नहीं करा पाई है। उठान तो दूर खरीद हुई सरसों की भिवानी चारामंडी में खुले में ढेरियां लगी हैं, जिनकी भराई के लिए पर्याप्त बारदाना तक नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने सोमवार को बारदाना का प्रबंध होने का दावा किया है वहीं जल्द भराई शुरू कराने की बात भी कही है। लेकिन सोमवार दोपहर बाद हुई बारिश में ये सरसों फिर से बारिश से भीग गई।
52 फीसदी गेहूं का हुआ मंडियों से उठान, खुले में फिर भीगा गेहूं
भिवानी जिले की 11 मंडियों में गेहूं की खरीद अभी बंद नहीं की गई है। लेकिन खराब मौसम और उठान न होने के कारण पिछले चार दिन से गेहूं की खरीद नहीं हुई। अब तक जिले में 99110 टन गेहूं 13411 किसानों से खरीदा जा चुका है। इसमें 52452 टन गेहूं का उठान हुआ है, जबकि 46658 टन गेहूं का उठान बाकी है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 52 फीसदी गेहूं का ही मंडियों से उठान हुआ है। गेहूं पर बारिश की मार भी पड़ी है। इससे गोदामों में पहुंचने से पहले ही गेहूं सड़क पर ही खराब होने का खतरा है।
ये आ रही है अड़चन
मंडियों से गेहूं और सरसों का उठान धीमा चल रहा है। इसकी वजह है कि मंडियों से भरकर गाड़ियां जब वेयर हाउस और एफसीआई के गोदामों तक पहुंच रही हैं जो इन्हें खाली करने के लिए अनलोडिंग लेबर नहीं है। गोदामों में लेबर की कमी से कुछ प्वाइंटों पर ही अनलोडिंग का काम चल रहा है। इसकी वजह से गोदामों के बाहर सैकड़ों गाड़ियां खाली होने के इंतजार में दो दिन से खड़ी हैं। जब तक ये गाड़ी खाली नहीं होती तब तक नई गाड़ियों को भरकर गोदामों में भेजना संभव नहीं है। एक ठेकेदार के पास ही कई मंडियों में अनलोडिंग काम का ठेका है। इसके पास पर्याप्त लेबर तक नहीं है। यही हाल उठान में भी है। वहां पर भी ऐसी ही स्थिति है।
अभी तक सरकार की तरफ से हमारे पास सरसों की खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं। जब तक आदेश नहीं आते हम सरसों की खरीद आगे नहीं कर सकते हैं। मंडियों में बारदाना पहुंच चुका है। इसके बाद सरसों भराई और तुलाई का काम तेजी से चल रहा है। उठान में अनलोडिंग लेबर की कमी की वजह से परेशानी आ रही है।
- राजेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, हैफेड भिवानी।
भिवानी मंडी में करीब 1500 किसानों ने सरसों बिक्री के लिए गेट पास कटवाए हैं, लेकिन अभी तक उन किसानों की करीब 20 हजार क्विंटल सरसों बिक्री को लेकर अधिकारियों के पास कोई आदेश नहीं हैं, जिससे किसान न फसल बेच पा रहे हैं न ही वापस घर ले जा पा रहे हैं। प्राइवेट बिक्री में भी किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है, क्योंकि मार्केट भाव काफी कम हैं।
-सतीश सांकरोडिय़ां, जिला महासचिव, ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।