{"_id":"665e1d2ff85f3b0ec10ed9b4","slug":"guar-root-rot-disease-is-not-incurable-dr-rk-saini-bhiwani-news-c-125-1-bwn1003-118205-2024-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्वार का जड़गलन रोग लाइलाज नहीं : डाॅ. आरके सैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्वार का जड़गलन रोग लाइलाज नहीं : डाॅ. आरके सैनी
Tue, 04 Jun 2024 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 04 Jun 2024 01:14 AM IST
विज्ञापन
कैरू के लोहानी गांव में कृषि शिविर में फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए सुझाव देते डाॅ. आरके सैन
भिवानी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और हिंदुस्तान गम एंड कैमिकल भिवानी की ओर से खंड कैरू के गांव लोहानी में कृषि शिविर लगाया गया। इसमें ग्वार, नरमा व अन्य खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए गए। बतौर मुख्य वक्ता चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से सेवानिवृत डाॅ. आरके सैनी ने ग्वार फसल की भरपूर पैदावार लेने के लिए किसानों को सुझाव दिए।
उन्होंने कहा कि ग्वार का जड़गलन रोग लाइलाज नहीं है। उन्नत किस्मों से 15 जून तक बिजाई, प्रति एकड़ 25-30 किलो डीएपी का प्रयोग, बिजाई से पहले कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत से बीज उपचार, दो बार नलाई-गोड़ाई करना तथा समय-समय पर कीटों व बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा स्प्रे करें। मात्र 20 रुपये के खर्च से ग्वार की बीज को कार्बेंडाजिम से उपचारित कर बौने से जड़गलन रोग की सफल रोकथाम की जा सकती है।
इससे पूर्व खंड कृषि अधिकारी डाॅ. श्रीभगवान ने किसानों से अनुरोध किया कि वे खेत में उगे जंगली भांग के पौधों को अवश्य नष्ट करें। उन्होंने किसानों से पिछली फसल के फाने व अन्य फसल अवशेषों को न जलाने की अपील। कृषि विकास अधिकारी डाॅ. देवेंद्र सिंह ने किसानों को नरमा फसल के लिए अपनाए जाने वाली कृषि क्रियाओं के बारे में भी अवगत कराया। इसके अलावा नरमा की गुलाबी सुंडी की रोकथाम के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। शिविर के आयोजन में प्रगतिशील किसान राजेश कुमार यादव का विशेष सहयोग रहा। शिविर में ग्वार पर साहित्य तथा बीज उपचार की दवा के सैंपल भी किसानों में बांटे गए। इस मौके पर सरपंच अशोक कुमार के अलावा जयवीर, राजकुमार, राजकरण, रमेश कुमार, संदीप, धन सिंह, ओमप्रकाश लीलाराम, राधेश्याम, यवन, रामकिशन, रोशनलाल, राजेंद्र, मुकेश मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि ग्वार का जड़गलन रोग लाइलाज नहीं है। उन्नत किस्मों से 15 जून तक बिजाई, प्रति एकड़ 25-30 किलो डीएपी का प्रयोग, बिजाई से पहले कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत से बीज उपचार, दो बार नलाई-गोड़ाई करना तथा समय-समय पर कीटों व बीमारियों की रोकथाम के लिए दवा स्प्रे करें। मात्र 20 रुपये के खर्च से ग्वार की बीज को कार्बेंडाजिम से उपचारित कर बौने से जड़गलन रोग की सफल रोकथाम की जा सकती है।
विज्ञापन
इससे पूर्व खंड कृषि अधिकारी डाॅ. श्रीभगवान ने किसानों से अनुरोध किया कि वे खेत में उगे जंगली भांग के पौधों को अवश्य नष्ट करें। उन्होंने किसानों से पिछली फसल के फाने व अन्य फसल अवशेषों को न जलाने की अपील। कृषि विकास अधिकारी डाॅ. देवेंद्र सिंह ने किसानों को नरमा फसल के लिए अपनाए जाने वाली कृषि क्रियाओं के बारे में भी अवगत कराया। इसके अलावा नरमा की गुलाबी सुंडी की रोकथाम के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। शिविर के आयोजन में प्रगतिशील किसान राजेश कुमार यादव का विशेष सहयोग रहा। शिविर में ग्वार पर साहित्य तथा बीज उपचार की दवा के सैंपल भी किसानों में बांटे गए। इस मौके पर सरपंच अशोक कुमार के अलावा जयवीर, राजकुमार, राजकरण, रमेश कुमार, संदीप, धन सिंह, ओमप्रकाश लीलाराम, राधेश्याम, यवन, रामकिशन, रोशनलाल, राजेंद्र, मुकेश मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन