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Bhiwani News: ग्रेप के आदेश हटे फिर भी शुरू नहीं हुआ खनन, खरकड़ी सोहान में खनन की मंजूरी के बाद भी पहाड़ का पोर्टल बंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Dec 2023 11:21 PM IST
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Grape orders were removed yet mining did not start, mountain portal closed even after approval for mining in Kharkadi Sohan
 खानक में बंद पड़ा क्रेशर
भिवानी। ग्रेप के आदेश हटने के बाद भी खनन शुरू नहीं हो पाया है। खरकड़ी सोहान में खनन की मंजूरी मिलने के बावजूद पहाड़ का पोर्टल बंद पड़ा है, जबकि खानक में चार माह से क्रशर बंद हैं। खनन बंद होने से राजस्थान के महंगे पत्थर से आंशिक रूप से क्रशरों पर पत्थर पिसाई का काम हो रहा है, जिससे भवन निर्माण सामग्री का भी संकट बना हुआ है। सरकारी परियोजनाओं के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। कंस्ट्रक्शन एजेंसियों के कई मिक्सिंग प्लांट भी बंद पड़े हैं।
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डाडम पहाड़ में पत्थर गिरने के हादसे के बाद से ही करीब दो साल से खनन कार्य बंद पड़ा है, जबकि खानक में चार माह पहले खनन चल रहा था। अब ग्रेप के आदेश हट चुके हैं, मगर इसके बाद भी खानक में खनन कार्य बंद है। क्रशर संगठन सदस्यों का कहना है कि सरकार पहाड़ पर एक कंपनी के बजाय अन्य कंपनियों को भी खनन की लीज देने की तैयारी में जुटी है। फिलहाल खनन बंद होने से सरकार को भी लाखों की चपत लग रहा है। जबकि क्रशरों पर नीले पत्थर के रोड़ी और क्रशर की आपूर्ति के लिए पत्थर नहीं मिल रहा है। राजस्थान से एक हजार रुपये प्रति टन के रेट पर पत्थर खरीदा जा रहा है, जिससे तैयार क्रशर और रोड़ी भी महंगी मिल रही है। जबकि खानक के नीले पत्थर के क्रशर की राजस्थान के पत्थर से गुणवत्ता कहीं बेहतर है।
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रेलवे ओवरब्रिज, भवन निर्माण परियोजनाओं का चल रहा है काम
भिवानी जिले में तीन से चार रेलवे ओवरब्रिज और पांच से छह भवन निर्माण परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बड़ी परियोजनाओं पर कंस्ट्रक्शन एजेंसियों ने अपने खुद के मिक्सिंग प्लांट भी लगा रखे हैं। मगर, इन मिक्सिंग प्लांटों पर अब कई माह से माइनिंग बंद होने से सामग्री का संकट भी बना हुआ है, जिसकी वजह से कई परियोजनाएं धीमी गति से चल रही हैं तो कई अभी बंद पड़ी हैं।
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--------------------------------------------------खानक पहाड़ में नवंबर से माइनिंग बंद है। जिसकी वजह से करीब 250 क्रशरों पर नीले पत्थर की रोड़ी और क्रशर नहीं है। कुछ क्रशर राजस्थान से लाल पत्थर लाकर उसकी पिसाई करा रहे हैं। मगर, यह पत्थर भी महंगा पड़ रहा है। खरकड़ी सोहान पहाड़ को चालू तो कर दिया है, मगर उसका पोर्टल अभी बंद है, जिसकी वजह से माइनिंग शुरू नहीं हो पाई है।
-अनिल जैन, क्रशर संचालक खानक।
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