{"_id":"f0158b29dbd526073bb4a0a66600648d","slug":"gokulpura-muslim-family-s-rice-filled-hindu-daughter-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोकुलपुरा में मुस्लिम परिवार ने भरा हिंदू बेटी का भात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोकुलपुरा में मुस्लिम परिवार ने भरा हिंदू बेटी का भात
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Mon, 07 Dec 2015 01:26 AM IST
विज्ञापन
बहल। देश में असहिष्णुता के नाम पर बवाल मचा है। इस माहौल में गोकलपुरा गांव में ऐसी मिसाल देखने को मिली जहां धर्म और संप्रदाय पर भावनाओं की मजबूत डोर में बंधा रिश्ता बड़ा साबित हुआ। गांव में राजस्थान का एक मुस्लिम परिवार अपनी बेटी की धर्म बहन बनीं हिंदू परिवार की महिला की बेटी की शादी में भात की रस्म निभाने पहुंचा। गांव में भाती बनकर आए मुस्लिम परिवार का लोगों ने एक रिश्तेदार के तौर पर मान सम्मान किया और नई परंपरा की नींव रखी।
गोकलपुरा गांव में महाबीर की दो लड़कियों अंजू और पूजा की रविवार को शादी है। शादी की रस्म अदायगी के दौरान राजस्थान के चुरू जिले के कामाण गांव से आए लड़कियों के मामा जयबीर, रामनिवास, कृपाल और रामभगत ने बहन को चूंदड़ी ओढ़ाई और भात की परंपरा के तौर पर सामान भेंट किया। झुंझुनू जिले के सिथल गांव से आए हफीज खान ने भी अपनी बेटी की धर्म बहन सुलोचना की लड़की की शादी में भात भरने की इच्छा जताई। पहले से ही तैयारी कर आए हफीज खान ने सुलोचना को भात का सामान दिया। सुलोचना के पति महाबीर को तिलक लगाकर जवांई की रस्म निभाई। भात भरने के लिए हफीज खान के साथ उनके परिवार के लोग पत्नी शरीफा, जमील खान, शकील खान, कासम खान भी साथ आए थे। महाबीर की बेटी अंजू, पूजा का रविवार को बिधवान निवासी अरुण और प्रवीण के साथ होना है, बेटे राजेश का विवाह सूरजगढ़ निवासी ममता के साथ 7 दिसंबर को होगा।
बेटी की धर्म बहन तो मेरी भी बेटी
हफीज खान ने बताया कि उसकी बेटी मोबिला की शादी गोकलपुरा में ईशाक खान से हुई है। मोबिला और सुलोचना लंबे समय से एक दूसरे से धर्म बहन का रिश्ता रखती आ रही हैं। दोनों हर सुख-दुख सांझा करती हैं। जब उन्हें सुलोचना की बेटियों और बेटे की शादी का पता चला तो खुद को इस रस्म अदायगी से रोक नहीं सके। आज वह और उनका परिवार शादी में शामिल होकर अपनी बेटी की शादी से भी ज्यादा खुश है।
विज्ञापन
भावना का रिश्ता धर्म से ऊपर
भात की ऐसी परंपरा का गांव गोकलपुरा के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों महाबीर चहल, जयप्रकाश, अनिल पूनिया, रामनारायण, सत्यनारायण, फतेह सिंह, बद्रीप्रसाद, रामकिशन, प्रताप बेडवाल, महाबीर शर्मा ने हफीज खान और उसके परिवार का एक रिश्तेदार की भांति स्वागत किया। लोगों का कहना था कि यह पहल उन लोगों के लिए नसीहत है जो धर्म के नाम पर देश में माहौल खराब कर रहे है।
विज्ञापन
गोकलपुरा गांव में महाबीर की दो लड़कियों अंजू और पूजा की रविवार को शादी है। शादी की रस्म अदायगी के दौरान राजस्थान के चुरू जिले के कामाण गांव से आए लड़कियों के मामा जयबीर, रामनिवास, कृपाल और रामभगत ने बहन को चूंदड़ी ओढ़ाई और भात की परंपरा के तौर पर सामान भेंट किया। झुंझुनू जिले के सिथल गांव से आए हफीज खान ने भी अपनी बेटी की धर्म बहन सुलोचना की लड़की की शादी में भात भरने की इच्छा जताई। पहले से ही तैयारी कर आए हफीज खान ने सुलोचना को भात का सामान दिया। सुलोचना के पति महाबीर को तिलक लगाकर जवांई की रस्म निभाई। भात भरने के लिए हफीज खान के साथ उनके परिवार के लोग पत्नी शरीफा, जमील खान, शकील खान, कासम खान भी साथ आए थे। महाबीर की बेटी अंजू, पूजा का रविवार को बिधवान निवासी अरुण और प्रवीण के साथ होना है, बेटे राजेश का विवाह सूरजगढ़ निवासी ममता के साथ 7 दिसंबर को होगा।
विज्ञापन
बेटी की धर्म बहन तो मेरी भी बेटी
हफीज खान ने बताया कि उसकी बेटी मोबिला की शादी गोकलपुरा में ईशाक खान से हुई है। मोबिला और सुलोचना लंबे समय से एक दूसरे से धर्म बहन का रिश्ता रखती आ रही हैं। दोनों हर सुख-दुख सांझा करती हैं। जब उन्हें सुलोचना की बेटियों और बेटे की शादी का पता चला तो खुद को इस रस्म अदायगी से रोक नहीं सके। आज वह और उनका परिवार शादी में शामिल होकर अपनी बेटी की शादी से भी ज्यादा खुश है।
विज्ञापन
भावना का रिश्ता धर्म से ऊपर
भात की ऐसी परंपरा का गांव गोकलपुरा के लोगों ने जोरदार स्वागत किया। ग्रामीणों महाबीर चहल, जयप्रकाश, अनिल पूनिया, रामनारायण, सत्यनारायण, फतेह सिंह, बद्रीप्रसाद, रामकिशन, प्रताप बेडवाल, महाबीर शर्मा ने हफीज खान और उसके परिवार का एक रिश्तेदार की भांति स्वागत किया। लोगों का कहना था कि यह पहल उन लोगों के लिए नसीहत है जो धर्म के नाम पर देश में माहौल खराब कर रहे है।