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Bhiwani News: गर्मी में ट्रेनों की सुरक्षा के लिए ट्रैकमैन जांचेंगे ट्रैक की वेल्डिंग, गिट्टियों व फिटिंग्स की स्थिति
Tue, 10 Jun 2025 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Jun 2025 11:13 PM IST
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शहर का मुख्य रेलवे स्टेशन।
- फोटो : 1
भिवानी। गर्मियों में बढ़ती दुर्घटनाओं और तकनीकी गड़बड़ियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ग्रीष्मकालीन सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इस दौरान रेलवे अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे और ट्रेन संचालन में लगे कर्मचारियों की काउंसिलिंग की जाएगी।
रेलवे ने ट्रैकमैनों को निर्देश दिए हैं कि पटरियों की पेट्रोलिंग के दौरान उनका गहन निरीक्षण करें। ट्रैक वेल्डिंग, गिट्टियों और फिटिंग्स की स्थिति की जांच की जाएगी। पटरियों पर ‘जीरो मिसिंग फिटिंग’ की नीति सुनिश्चित करने के लिए फिटिंग्स की पूर्ति और पर्याप्त लोडिंग जरूरी होगी। लिफ्टिंग या टेंपरिंग जैसे कार्य केवल ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान, और अनुमत तापमान सीमा के भीतर ही किए जाएंगे। गर्मी को देखते हुए रेल तापमान रिकॉर्ड की नियमित निगरानी की जाएगी। बता दें कि गर्मियों व सर्दियों के मौसम में रेलवे ट्रैक के सिकुड़ने का खतरा बना रहता है।
आग से बचाव के रखें पूरे प्रबंध
बिजली आपूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सब स्टेशन, वितरण नेटवर्क, पैनल, ट्रांसफार्मर, एसी प्लांट, डीजी सेट, लिफ्ट, एस्केलेटर और पंखों की कार्य क्षमता की निरंतर जांच की जाएगी। इसके साथ ही आग से बचाव के उपायों, अर्थिंग नेटवर्क और स्विच गियर की उपयुक्त रेटिंग की समय-समय पर समीक्षा अनिवार्य की गई है।
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इंजन का तापमान 90 डिग्री से अधिक तो नहीं चलेगी ट्रेन
तापमान के दौरान लोकोमोटिव में हॉट इंजन की समस्या रोकने के लिए लोको पायलटों को निर्देश दिए गए हैं कि इंजन के रेडिएटर रूम का दरवाजा ठीक से बंद करें। पानी के तापमान और ल्यूब ऑयल प्रेशर का ध्यान रखें। इंजन का तापमान 90 डिग्री से अधिक बढ़ने पर गाड़ी को स्टेशन पर खड़ा करें और तापमान सामान्य होने पर ही गाड़ी को आगे बढ़ाएं। एसी कोचों के उपकरणों व पावर कार का सही रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। अग्निशमन यंत्रों व स्माॅक डिटेक्शन प्रणाली की जांच नियमित करें। सुरक्षित रेल संचालन के लिए ट्रेन के इंजन के पावर इक्विपमेंट, फ्यूल टैंक, रेडिएटर फैन, वाटर कूलिंग सिस्टम की गहन जांच जरूरी है।
गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों की सुविधा के लिए एसी, पंप, कूलिंग प्लांट, डीजी सेट, लिफ्ट, एस्केलेटर, पंखों की जांच की जाएगी। तापमान बढ़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कर्मचारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।- शशि किरण, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे।
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रेलवे ने ट्रैकमैनों को निर्देश दिए हैं कि पटरियों की पेट्रोलिंग के दौरान उनका गहन निरीक्षण करें। ट्रैक वेल्डिंग, गिट्टियों और फिटिंग्स की स्थिति की जांच की जाएगी। पटरियों पर ‘जीरो मिसिंग फिटिंग’ की नीति सुनिश्चित करने के लिए फिटिंग्स की पूर्ति और पर्याप्त लोडिंग जरूरी होगी। लिफ्टिंग या टेंपरिंग जैसे कार्य केवल ट्रैफिक ब्लॉक के दौरान, और अनुमत तापमान सीमा के भीतर ही किए जाएंगे। गर्मी को देखते हुए रेल तापमान रिकॉर्ड की नियमित निगरानी की जाएगी। बता दें कि गर्मियों व सर्दियों के मौसम में रेलवे ट्रैक के सिकुड़ने का खतरा बना रहता है।
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आग से बचाव के रखें पूरे प्रबंध
बिजली आपूर्ति प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सब स्टेशन, वितरण नेटवर्क, पैनल, ट्रांसफार्मर, एसी प्लांट, डीजी सेट, लिफ्ट, एस्केलेटर और पंखों की कार्य क्षमता की निरंतर जांच की जाएगी। इसके साथ ही आग से बचाव के उपायों, अर्थिंग नेटवर्क और स्विच गियर की उपयुक्त रेटिंग की समय-समय पर समीक्षा अनिवार्य की गई है।
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इंजन का तापमान 90 डिग्री से अधिक तो नहीं चलेगी ट्रेन
तापमान के दौरान लोकोमोटिव में हॉट इंजन की समस्या रोकने के लिए लोको पायलटों को निर्देश दिए गए हैं कि इंजन के रेडिएटर रूम का दरवाजा ठीक से बंद करें। पानी के तापमान और ल्यूब ऑयल प्रेशर का ध्यान रखें। इंजन का तापमान 90 डिग्री से अधिक बढ़ने पर गाड़ी को स्टेशन पर खड़ा करें और तापमान सामान्य होने पर ही गाड़ी को आगे बढ़ाएं। एसी कोचों के उपकरणों व पावर कार का सही रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। अग्निशमन यंत्रों व स्माॅक डिटेक्शन प्रणाली की जांच नियमित करें। सुरक्षित रेल संचालन के लिए ट्रेन के इंजन के पावर इक्विपमेंट, फ्यूल टैंक, रेडिएटर फैन, वाटर कूलिंग सिस्टम की गहन जांच जरूरी है।
गर्मियों की छुट्टियों में यात्रियों की सुविधा के लिए एसी, पंप, कूलिंग प्लांट, डीजी सेट, लिफ्ट, एस्केलेटर, पंखों की जांच की जाएगी। तापमान बढ़ने पर किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कर्मचारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।- शशि किरण, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे।