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भिवानी: पहले हालातों से लड़ी, अब अन्याय से लड़ेगी नीलम, सब इंस्पेक्टर बनी ई-रिक्शा चालक की बेटी

Sun, 31 Oct 2021 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो आदेश चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
आदेश चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 31 Oct 2021 01:18 AM IST
सार

कृषि मंत्री जेपी दलाल का गांव भी घुसकानी ही है। नीलम की उपलब्धि पर जेपी दलाल ने कहा के उन्हें गांव की होनहार बेटी पर गर्व है। उन्होंने जिलेभर से सब इंस्पेक्टर के लिए चयनित सभी 10 बेटियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ईमानदारी से नौकरियों पर युवाओं को रख रही है। सभी बेटियां अपनी प्रतिभा के बल पर इस पद के लिए चुनी गई हैं।

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E-rickshaw driver daughter selected as Sub Inspector in Bhiwani
सब इंस्पेक्टर बनीं नीलम को आशीर्वाद देतीं उनकी माता प्रोमिला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

जीवन में सफल होने का कोई शॉर्टकट नहीं होता। संघर्ष ही एकमात्र सफलता का रास्ता है। किस्मत और हालात खराब होने का बहाना बनाकर कितने ही लोग संघर्ष से मुंह मोड़ लेते हैं। सफल नहीं होने पर हालातों को उसका जिम्मेदार बताते हैं। मगर हरियाणा के भिवानी जिले के गांव घुसकानी की बेटी नीलम ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मेहनत और संघर्ष के बल पर हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर के लिए क्वालिफाई किया है।

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प्रदेश के कृषि मंत्री के गांव की इस बेटी की उपलब्धि पर पूरे गांव ने उसे आशीर्वाद दिया और उसके चयन पर खुशी भी जताई है। बता दें कि नीलम के पिता भिवानी में ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। नीलम ने कहा कि ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद व अन्याय के खिलाफ लड़ेगी।
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गांव घुसकानी निवासी रमेश शहर में ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी बेटी नीलम ने हरियाणा पुलिस के लिए सब इंस्पेक्टर का फार्म भरा था। सभी टेस्ट पास करने के बाद नीलम का चयन सब इंस्पेक्टर के लिए हो गया है। नीलम के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि परिवार का गुजारा हो पाना ही मुश्किल है। मगर नीलम ने इस पद के लिए दिनरात मेहनत कर इसे संभव कर दिखाया है।

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उधार लेकर कराई कोचिंग

रमेश ने बताया कि ई-रिक्शा से इतने ही रुपये मिल पाते हैं कि परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता है। उन्होंने लोगों से पैसे उधार लेकर किसी तरह से बेटी नीलम को तैयारी के लिए कोचिंग कराई। बेटी ने भी इस बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया। उन्होंने कहा कि बेटी को यही शिक्षा दी है कि वह गरीब और जरूरतमंदों को न्याय दिलाए।

अन्याय के खिलाफ लड़ूंगी लड़ाई
नीलम ने कहा कि पुलिस की नौकरी ऐसी फील्ड है, जहां अन्याय से पीड़ित लोग पहुंचते हैं। मेरा सपना है कि मैं उन लोगों के लिए अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ूं। गरीब और पीड़ित लोगों को न्याय दिलाऊं। मेरे परिवार द्वारा दिए गए संस्कारों पर सदा खरा उतर सकूं।

बेटी अफसर बन गई बस यही पता है
नीलम की मां प्रोमिला का कहना है कि उसे नहीं पता है कि सब इंस्पेक्टर कितना बड़ा अफसर होता है। मुझे तो बस यही पता है कि मेरी बेटी अफसर बन गई है। मैंने भी बेटी से कहा है कि पुलिस अफसर पर लोग भरोसा करते हैं। उसको कभी कमजोर मत होने देना।

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