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Bhiwani News: समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस की तैयारी का बिजली कर्मचारियों ने किया विरोध
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बवानीखेड़ा में आयोजित बैठक में बिजली कर्मचारी।
भिवानी। गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस देने की तैयारियों के खिलाफ हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने विरोध जताया है। बवानीखेड़ा में सोमवार को हुई बैठक में नेताओं ने इसे सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को कमजोर करने और बैक-डोर निजीकरण का प्रयास बताते हुए जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया।
मोर्चा नेताओं ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह सरकारी डिस्कॉम को सबसे अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। इन मुनाफे वाले क्षेत्रों को समानांतर लाइसेंस के जरिये निजी कंपनी को सौंपने से सरकारी डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और इसका असर आम उपभोक्ताओं, किसानों व बिजली कर्मचारियों पर पड़ेगा। नेताओं ने कहा कि कंपनी की ओर से प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल करना कई सवाल खड़े करता है।
उन्होंने आयोग से जल्दबाजी में फैसला न लेने तथा कर्मचारी यूनियनों, उपभोक्ता संगठनों, किसानों और सरकारी डिस्कॉम के प्रतिनिधियों को अपनी आपत्तियां रखने का पूरा अवसर देने की मांग की। मोर्चा ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से मामले में हस्तक्षेप की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि पारदर्शी प्रक्रिया के बिना लाइसेंस दिया गया तो बिजली कर्मचारी, इंजीनियर और जनता लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं कानूनी मंचों पर इसका विरोध करेंगे।
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मोर्चा नेताओं ने कहा कि गुरुग्राम और नूंह सरकारी डिस्कॉम को सबसे अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। इन मुनाफे वाले क्षेत्रों को समानांतर लाइसेंस के जरिये निजी कंपनी को सौंपने से सरकारी डिस्कॉम की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी और इसका असर आम उपभोक्ताओं, किसानों व बिजली कर्मचारियों पर पड़ेगा। नेताओं ने कहा कि कंपनी की ओर से प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल करना कई सवाल खड़े करता है।
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उन्होंने आयोग से जल्दबाजी में फैसला न लेने तथा कर्मचारी यूनियनों, उपभोक्ता संगठनों, किसानों और सरकारी डिस्कॉम के प्रतिनिधियों को अपनी आपत्तियां रखने का पूरा अवसर देने की मांग की। मोर्चा ने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से मामले में हस्तक्षेप की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि पारदर्शी प्रक्रिया के बिना लाइसेंस दिया गया तो बिजली कर्मचारी, इंजीनियर और जनता लोकतांत्रिक, संवैधानिक एवं कानूनी मंचों पर इसका विरोध करेंगे।
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