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भाकियू के नेताओं को थाने लाकर बैठाए रखा दस घंटे
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थाने में किसान नेताओं से बातचीत करते एसएचओ श्रीभगवान। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : Bhiwani
गुरनाम सिंह गुट के भाकियू नेताओं को वीरवार को कुरुक्षेत्र की पिपली महारैली में जाने से पुलिस ने रोक लिया। किसानों का आरोप है कि सदर पुलिस ने वीरवार सुबह ही उनको घरों से उठा लिया और थाने लाकर दस घंटे तक बैठाए रखा। किसानों ने सरकार पर उनकी आवाज को दबाने का आरोप लगाया और रैली में जाने से रोके जाने की निंदा की।
वीरवार को कुरुक्षेत्र के पिपली वाली अनाज मंडी में तीन किसान अध्यादेशों के खिलाफ किसान महापंचायत आयोजित की गई थी। महापंचायत में प्रदेश भर से किसानों का जमावड़ा लगना था। करीब डेढ़ सौ किसान तोशाम, भिवानी, बवानीखेड़ा, सिवानी, लोहारू व बहल क्षेत्र से जाने थे। भिवानी में गुरनाम गुट के भाकियू युवा जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने बताया कि वह महापंचायत में जाने की तैयारी कर रहे थे कि इसी दौरान पुलिस उसके घर पहुंची और उसे थाने ले आई। उसके साथ भाकियू उपाध्यक्ष कटार सिंह सांगवान व एक अन्य प्रवीन नैन को भी थाने लाया गया। उन्हें पंचायत में नहीं जाने दिया गया और करीब आठ से दस घंटे तक उन्हें यहां रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। किसान तीन किसान विरोधी अध्यादेशों का विरोध कर रहे हैं।
कांग्रेस नेत्री सविता मान ने महापंचायत को रोकने के लिए सरकार द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज करवाने की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को लाठियों से दबाना लोकतंत्र की हत्या है। प्रदेश के आढ़ती, किसान और मजदूरों ने बहुत दिन पहले ही इस रैली का आह्वान कर दिया था। अगर सरकार किसान हितैषी होती तो महारैली को दबाने का प्रयास नहीं करती। किसान व आढ़ती नेताओं को बुलाकर बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करे।
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वर्जन::
कुरुक्षेत्र के पिपली में किसान महापंचायत को कोविड-19 की वजह से मंजूरी नहीं दी गई थी। इसलिए किसानों की भीड़ नहीं जुटे ये निर्देश सरकार की तरफ से दिए गए थे। सदर पुलिस किसी को घर से लाने नहीं गई, बल्कि कुछ किसान खुद थाने आए थे और अपनी मर्जी से थाने से चले गए।
- श्रीभगवान यादव, एसएचओ, सदर पुलिस थाना, भिवानी
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वीरवार को कुरुक्षेत्र के पिपली वाली अनाज मंडी में तीन किसान अध्यादेशों के खिलाफ किसान महापंचायत आयोजित की गई थी। महापंचायत में प्रदेश भर से किसानों का जमावड़ा लगना था। करीब डेढ़ सौ किसान तोशाम, भिवानी, बवानीखेड़ा, सिवानी, लोहारू व बहल क्षेत्र से जाने थे। भिवानी में गुरनाम गुट के भाकियू युवा जिला अध्यक्ष राकेश आर्य ने बताया कि वह महापंचायत में जाने की तैयारी कर रहे थे कि इसी दौरान पुलिस उसके घर पहुंची और उसे थाने ले आई। उसके साथ भाकियू उपाध्यक्ष कटार सिंह सांगवान व एक अन्य प्रवीन नैन को भी थाने लाया गया। उन्हें पंचायत में नहीं जाने दिया गया और करीब आठ से दस घंटे तक उन्हें यहां रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। किसान तीन किसान विरोधी अध्यादेशों का विरोध कर रहे हैं।
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कांग्रेस नेत्री सविता मान ने महापंचायत को रोकने के लिए सरकार द्वारा किसानों पर लाठीचार्ज करवाने की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को लाठियों से दबाना लोकतंत्र की हत्या है। प्रदेश के आढ़ती, किसान और मजदूरों ने बहुत दिन पहले ही इस रैली का आह्वान कर दिया था। अगर सरकार किसान हितैषी होती तो महारैली को दबाने का प्रयास नहीं करती। किसान व आढ़ती नेताओं को बुलाकर बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करे।
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कुरुक्षेत्र के पिपली में किसान महापंचायत को कोविड-19 की वजह से मंजूरी नहीं दी गई थी। इसलिए किसानों की भीड़ नहीं जुटे ये निर्देश सरकार की तरफ से दिए गए थे। सदर पुलिस किसी को घर से लाने नहीं गई, बल्कि कुछ किसान खुद थाने आए थे और अपनी मर्जी से थाने से चले गए।
- श्रीभगवान यादव, एसएचओ, सदर पुलिस थाना, भिवानी