सीसीआई ने घटाए कपास खरीद मूल्य में 65 रुपये, जिलेभर के किसान होंगे प्रभावित

Rohtak Bureauरोहतक ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2020 12:21 AM IST
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नई अनाज मंडी में रखी कपास। संवाद न्यूज एजेंसी।
नई अनाज मंडी में रखी कपास। संवाद न्यूज एजेंसी। - फोटो : Bhiwani

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भिवानी। कपास की समर्थन मूल्य पर खरीद करा रही कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) ने सोमवार से कपास का रेशा कम होने की वजह से 65 रुपये प्रति क्विंटल दामों में कटौती कर दी है। सीसीआई की कपास खरीद में की गई कटौती से जिलेभर के किसान प्रभावित होंगे। वहीं कटौती पर किसानों ने एतराज जताया है और कहा कि हमारी फसल श्रेष्ठ हैं। साथ ही जांच लैब रिपोर्ट की भी मांग की।
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एक अक्तूबर से ही प्रदेश में बाजरा और कपास की खरीद चल रही है। 25 अक्तूबर तक कपास की खरीद निर्धारित समर्थन पर मूल्य हुई। 26 अक्तूबर सोमवार को जैसे ही कपास की खरीद हुई, उसमें 65 रुपये की कटौती कर दी गई। देर रात से ही किसान मंडियों में अपनी कपास की फसल लेकर पहुंचे थे। मार्केट कमेटी से टोकन लेने के बाद कॉटन मिल में पहुंचे किसानों को जैसी ही पता लगा कि 65 रुपये प्रति क्विंटल कटौती की गई है, वे हैरान रह गए। किसानों का कहना था कि अब तक उनकी फसल को श्रेष्ठ आंका जा रहा था और अब उनकी फसल में कम रेशा बताकर रेट में कटौती कर दी गई। ढिगावा मंडी क्षेत्र में दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर भी कपास से लदे वाहनों की लंबी कतार थी। कपास के कम दाम मिलने पर किसानों ने रोष जताया। भिवानी मंडी में अब तक 20 हजार क्विंटल कपास की खरीद सीसीआई द्वारा कराई जा चुकी है।
सीसीआई की नई रेट लिस्ट
कॉटन कार्पोरेशन ऑफ इंडिया ने कपास खरीद की नई रेट लिस्ट जारी की है। आठ से 12 प्रतिशत तक कपास में नमी होनी चाहिए। इसको लेकर अलग-अलग भाव किसान को दिए जाएंगे। आठ प्रतिशत तक की नमी वाले फसल के 5665 रुपये प्रति क्विंटल, नौ प्रतिशत तक नमी वाली कपास के 5608 रुपये प्रति क्विंटल, 10 प्रतिशत तक नमी वाली के 5551 रुपये प्रति क्विंटल, 11 प्रतिशत तक नमी वाली फसल के 5495 रुपये प्रति क्विंटल, 12 प्रतिशत तक नमी वाली फसल के 5439 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को दिए जाएंगे।
ये बोले किसान
किसान राजबीर, विनोद, धर्मेंद्र, हवा सिंह, जितेंद्र, राममेहर, भरत सिंह, विकास, दलबीर, प्रदीप, नरेश, मनोज, अशोक, राकेश ने कहा कि खुलेआम लूट मचा रखी है, जो कपास हमारे खेत में पैदा हुई थी, वही कपास लेकर आ रहे हैं। क्या पिछले 25 दिन खरीदी गई कपास का रेशा ज्यादा था। अब अचानक कपास में रेशा कम होने का कारण बताकर प्रति क्विंटल किसानों को 65 रुपये की चपत लगाई जा रही है।
वर्जन-
सीसीआई की ओर से कपास की गुणवत्ता को निम्न बताकर न्यूनतम समर्थन मूल्य में 65 रुपये की कटौती करना किसानों से अन्याय है। जिसका भाकियू विरोध करती है। 27 अक्तूबर को भाकियू का प्रतिनिधिमंडल खरीद केंद्रों का दौरा करेगा। इसके बाद आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
- रवि आजाद, युवा प्रदेशाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
वर्जन-
कपास की खरीद को लेकर अलग-अलग नियम बनाए हैं। हिसार, भिवानी और पलवल जिले की कपास का रेशा कम होने के कारण कपास के रेट में कटौती की गई है।
- बनवारीलाल, सीसीआई खरीद इंचार्ज
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