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Bhiwani News: गर्भवती महिलाओं का तिमाही के अंदर पंजीकरण के लिए एएनएम और आशा वर्कर की ड्यूटी

Mon, 03 Apr 2023 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 03 Apr 2023 11:20 PM IST
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Duty of ANM and Asha worker for registration of pregnant women within the quarter
भिवानी। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं की हो रही मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए विशेष योजना बनाई है। इसके तहत एएनएम और आशा वर्कर को गर्भवती महिलाओं के तिमाही के अंदर ही पंजीकरण करने की डयूटी लगाई है, ताकि गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। जिले में 2022 में 14 मातृ मृत्यु हुए थी और इस संख्या को शून्य करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है।
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जनवरी के अंतिम सप्ताह में स्वास्थ्य निदेशालय की टीम ने जिले में गर्भवती महिलाओं की दी जाने वाली सेवाओं का जायजा लिया था और 39 स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी थी। अब एंटी नेटल चेकअप के माध्यम से मातृ मृत्यु को कम करने पर फोकस है। गर्भवती महिलाओं की दूसरी तीसरी टाइम-सेटर की कम से कम एक एंटी नेटल चेकअप की जाएगी। इसमें हाई रिस्क प्रेग्नेंसी महिलाओं की पहचान की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित आशा वर्कर को भी निर्देश दिए गए।
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ये सुविधाएं भी मिलेंगी
- चेकअप के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को लैब, जांच और दवा की सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध होंगी।
- शिविर के दौरान डायटीशियन की ड्यूटी भी लगाई जाएगी।
- यदि किसी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है तो इसके लिए जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम से बजट लिया जाएगा।
- यदि किसी गर्भवती महिला को शिविर तक जाना होगा तो आशा कार्यकर्ता 108 नंबर पर एंबुलेंस की सेवा लेगी।
- डिलीवरी होने के बाद भी आशा वर्कर घर जाकर महिलाओं की जांच करेंगी।
- यदि उसमें खून की कमी है तो दवा दी जाएगी। यही फिर भी खून की कमी रहती है तो टीके लगाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर ब्लड चढ़ाया जाएगा।
मातृ-मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के मकसद से सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की सभी प्रकार की जांच के लिए हर माह की 9, 10, 23 तारीख निर्धारित है जिसमें उनकी खून व अल्ट्रासाउंड अन्य सभी प्रकार की जांच निशुल्क करने का प्रावधान है। सुरक्षित प्रसूति के लिए पीएमएसएमए योजना का चिकित्सा अधिकारी कर्मचारी ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार करें। गर्भवती महिलाओं को भी चाहिए कि प्रत्येक माह जांच अवश्य करवाएं।
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- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
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