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पेयजल संकट : अब छह दिन नहीं, नौ दिन करना पड़ेगा नहरों में पानी का इंतजार
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पुराने जलघर का सूखा पड़ा टैंक। संवाद
- फोटो : Bhiwani
अब नहरों में पानी आने के लिए छह दिन नहीं, बल्कि नौ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। पहले 15 मार्च तक नहरों में पानी आने के कयास लगाए जा रहे थे, मगर अब 18 मार्च की शाम तक नहरों में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में पहले से ही 15 से 20 मिनट की राशनिंग झेल रहे पूरे शहरवासियों को अब एक दिन छोड़कर पेयजल मिलेगा।
जनस्वास्थ्य विभाग ने वाटर टैंक खाली होने के साथ ही पानी की राशनिंग की मियाद भी बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बुधवार को शहर में पानी की आपूर्ति मिलेगी, मगर वीरवार को पानी नहीं आएगा। गर्मियों की शुरुआत में ही शहर की करीब ढाई लाख की आबादी जल संकट से घिर गई है। तापमान बढ़ने के साथ ही पानी की जरूरतें भी बढ़ गई हैं, मगर टैंकों में नाममात्र पानी बचा है, ऐसे में पेयजल आपूर्ति का दायरा भी घट गया है।
नहरी पानी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सुंदर ग्रुप की नहरों में आठ फरवरी को पानी बंद हो गया था, जिसके बाद जलघर के टैंक खाली रह गए थे। इसके बाद अधिकारियों की गुहार के बाद चार दिन फिर सुंदर ग्रुप को पानी मिला, जिसके बाद एक बार पेयजल आपूर्ति की स्थिति को नियंत्रित करने में काफी हद तक मदद मिली। पहले 10 मार्च नहरों में पानी आने के कयास लगाए गए थे, मगर यह बढ़ते-बढ़ते 15 मार्च तक जा पहुंची थी। अब 18 मार्च को नहरों में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 15 मार्च तक टैंकों के अंदर बचे पानी से शहरी आबादी को 15 से 20 मिनट की राशनिंग के साथ सुचारु रखने का शेड्यूल बनाया था, मगर अब नौ दिन बाद नहरों में पानी आने की बात सुनते ही राशनिंग का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है।
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हुडा सेक्टर के लोग भी प्यासे, महम रोड के जलघर सूखे
हुडा के सेक्टर 13 व 23 में जल संकट बना हुआ है। सेक्टर में पहले से ही एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। अब महम रोड के पुराने जलघर के टैंक सूखने के बाद शहरी आबादी को भी एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा। निनान जलघर के टैंकों में भी 30 फीसदी पानी बचा है। यही हाल डाबर कॉलोनी के जलघर के टैंकों का है। यहां पर भी राशनिंग के बाद एक सप्ताह तक ही पानी की आपूर्ति संभव है।
31 डिग्री तक पहुंचने लगा दिन का तापमान, डेढ़ गुणा बढ़ी पानी की मांग
गर्मी का आगाज होते ही दिन का तापमान भी 31 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है। अब पानी की मांग डेढ़ गुणा तक बढ़ गई है। लोग पानी की भी बर्बादी कर रहे हैं, इस वजह से शहर के कई हिस्सों में पीने का पानी भी नहीं है, जबकि कुछ लोग पानी को व्यर्थ में ही बहा रहे हैं। ऐसे लोगों से भी अधिकारी पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील कर रहे हैं।
वर्जन
शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति का नया शेड्यूल बनाया है। बुधवार को शहर में पानी की आपूर्ति होगी, वीरवार को पानी नहीं दिया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि नहर में पानी 15 की बजाय 18 मार्च की शाम तक आएगा। शहरवासियों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे पानी की बर्बादी न करें और पानी की महता को समझें।
-प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ शहरी पेयजल आपूर्ति भिवानी।
वर्जन
यमुना का जलस्तर काफी घट चुका है। इस बार 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी गई है। लगातार उच्चाधिकारियों से नहरी पानी को लेकर संपर्क बनाए हुए हैं। उम्मीद है जल्द ही नहरों में पानी मिलेगा। हमारी प्राथमिकता जलघर के टैंकों को पर्याप्त पानी देने की रहेगी।
- पुनीत राय, कार्यकारी अभियंता यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।
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जनस्वास्थ्य विभाग ने वाटर टैंक खाली होने के साथ ही पानी की राशनिंग की मियाद भी बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो बुधवार को शहर में पानी की आपूर्ति मिलेगी, मगर वीरवार को पानी नहीं आएगा। गर्मियों की शुरुआत में ही शहर की करीब ढाई लाख की आबादी जल संकट से घिर गई है। तापमान बढ़ने के साथ ही पानी की जरूरतें भी बढ़ गई हैं, मगर टैंकों में नाममात्र पानी बचा है, ऐसे में पेयजल आपूर्ति का दायरा भी घट गया है।
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नहरी पानी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सुंदर ग्रुप की नहरों में आठ फरवरी को पानी बंद हो गया था, जिसके बाद जलघर के टैंक खाली रह गए थे। इसके बाद अधिकारियों की गुहार के बाद चार दिन फिर सुंदर ग्रुप को पानी मिला, जिसके बाद एक बार पेयजल आपूर्ति की स्थिति को नियंत्रित करने में काफी हद तक मदद मिली। पहले 10 मार्च नहरों में पानी आने के कयास लगाए गए थे, मगर यह बढ़ते-बढ़ते 15 मार्च तक जा पहुंची थी। अब 18 मार्च को नहरों में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने 15 मार्च तक टैंकों के अंदर बचे पानी से शहरी आबादी को 15 से 20 मिनट की राशनिंग के साथ सुचारु रखने का शेड्यूल बनाया था, मगर अब नौ दिन बाद नहरों में पानी आने की बात सुनते ही राशनिंग का शेड्यूल भी गड़बड़ा गया है।
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हुडा सेक्टर के लोग भी प्यासे, महम रोड के जलघर सूखे
हुडा के सेक्टर 13 व 23 में जल संकट बना हुआ है। सेक्टर में पहले से ही एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति हो रही है। अब महम रोड के पुराने जलघर के टैंक सूखने के बाद शहरी आबादी को भी एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा। निनान जलघर के टैंकों में भी 30 फीसदी पानी बचा है। यही हाल डाबर कॉलोनी के जलघर के टैंकों का है। यहां पर भी राशनिंग के बाद एक सप्ताह तक ही पानी की आपूर्ति संभव है।
31 डिग्री तक पहुंचने लगा दिन का तापमान, डेढ़ गुणा बढ़ी पानी की मांग
गर्मी का आगाज होते ही दिन का तापमान भी 31 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है। अब पानी की मांग डेढ़ गुणा तक बढ़ गई है। लोग पानी की भी बर्बादी कर रहे हैं, इस वजह से शहर के कई हिस्सों में पीने का पानी भी नहीं है, जबकि कुछ लोग पानी को व्यर्थ में ही बहा रहे हैं। ऐसे लोगों से भी अधिकारी पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील कर रहे हैं।
वर्जन
शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति का नया शेड्यूल बनाया है। बुधवार को शहर में पानी की आपूर्ति होगी, वीरवार को पानी नहीं दिया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि नहर में पानी 15 की बजाय 18 मार्च की शाम तक आएगा। शहरवासियों से भी अनुरोध किया जा रहा है कि वे पानी की बर्बादी न करें और पानी की महता को समझें।
-प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ शहरी पेयजल आपूर्ति भिवानी।
वर्जन
यमुना का जलस्तर काफी घट चुका है। इस बार 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी गई है। लगातार उच्चाधिकारियों से नहरी पानी को लेकर संपर्क बनाए हुए हैं। उम्मीद है जल्द ही नहरों में पानी मिलेगा। हमारी प्राथमिकता जलघर के टैंकों को पर्याप्त पानी देने की रहेगी।
- पुनीत राय, कार्यकारी अभियंता यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।