{"_id":"649f17e2ae080a3988055436","slug":"drainage-of-dirty-water-of-industrial-sector-21-and-26-closed-at-vikas-nagar-disposal-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-1372-2023-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: औद्योगिक सेक्टर 21 व 26 के गंदे पानी की निकासी विकास नगर डिस्पोजल पर बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: औद्योगिक सेक्टर 21 व 26 के गंदे पानी की निकासी विकास नगर डिस्पोजल पर बंद
Fri, 30 Jun 2023 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 30 Jun 2023 11:28 PM IST
विज्ञापन
भिवानी। शहर के औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 में करीब पौने चार सौ औद्योगिक इकाइयों के कैमिकल युक्त गंदे पानी की निकासी विकास नगर डिस्पोजल पर बंद कर दी है। इसकी वजह से औद्योगिक सेक्टरों के अंदर सीवर मैनहोल ओवरफ्लो होने लगे हैं और ग्रीन बेल्ट भी गंदे पानी के तालाब बन चुके हैं।
अब अगर बारिश हुई तो औद्योगिक सेक्टर डूबने के कगार पर होगा। वहीं 11 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) अभी चालू नहीं हुआ है। औद्योगिक सेक्टरों के गंदे पानी की निकासी को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण दोनों ही आमने-सामने हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी विकास नगर डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाने में जुटे हैं, क्योंकि यहां बारिश के पानी का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। ऐसे में औद्योगिक सेक्टरों के गंदे पानी को अब यहां निकासी कर पाना संभव नहीं है। वहीं एचएसवीपी को खुद अपने सीईटीपी में गंदे पानी की निकासी करानी होगी, मगर सीईटीपी को अभी चालू नहीं किया गया है। जिस वजह से औद्योगिक सेक्टर के गंदे पानी की निकासी न नए सीईटीपी में हो रही है न ही विकास नगर डिस्पोजल तक गंदा पानी पहुंच पा रहा है।
रोहतक रोड पालुवास मोड पर औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) बनकर तैयार हो गया है। मगर अभी तक इसे न तो बिजली कनेक्शन मिला है न यहां लगा जनरेटर चालू हो पाया है। 11 करोड़ से बना ये सीईटीपी औद्योगिक सेक्टरों को न बारिश के जलभराव से बचा पा रहा है न औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी की निकासी में अभी इस्तेमाल हुआ है।
विज्ञापन
पांच एमएलडी की क्षमता का ये सीईटीपी दो किलोमीटर लंबी पाइप लाइन के जरिये ढाणा रोड के सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट की ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ा है। इससे औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी ट्रीटमेंट के बाद वहां खेतों में सिंचाई के लिए पहुंचेगा। फिलहाल शहर में बारिश से जलभराव के हालात बन रहे हैं। नया बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक सीसी सड़क काफी ऊंची हो गई है, जबकि विकास नगर नीचा पड़ गया है। ऐसे में आसपास के इलाके का काफी बारिश का पानी विकास नगर डिस्पोजल तक पहुंच रहा है। जिसकी निकासी में ही नौ एमएलडी क्षमता का डिस्पोजल हांफने लगता है। जिस पर औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 का बरसाती पानी भी यहीं आ रहा है।
इसके अलावा सीवरेज का गंदा पानी भी फिलहाल यहां आता रहा है, मगर अब सीवर लाइन के गंदे पानी की निकासी यहां बंद करा दी है। क्योंकि अधिकारी अपने डिस्पोजल की क्षमता बढ़ा रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि औद्योगिक सेक्टर का अब अलग से सीईटीपी बन चुका है। जिसमें गंदे पानी की निकासी कराए। मगर उनका सिस्टम अभी काम नहीं कर रहा है, इस बीच विकास नगर डिस्पोजल पर गंदे पानी की निकासी बंद होना औद्योगिक सेक्टर की इकाइयों के लिए भी मुश्किल बढ़ाने वाला है। अगर बारिश हुई तो यहां बाढ़ जैसे हालात बन जाएंगे और उद्योगों में पानी घुसा तो करोड़ों का कारोबार और मशीनरी भी बर्बाद होने का खतरा बढ़ जाएगा।
विकास नगर डिस्पोजल को फिलहाल अपग्रेड किया जा रहा है। यहां पर बारिश के पानी के साथ सीवर के गंदे पानी की निकासी हो रही है। अपग्रेड के लिए फिलहाल औद्योगिक सेक्टरों के गंदे पानी की निकासी यहां बंद करा दी है। जबकि बारिश का पानी फिलहाल यहीं आता है। विकास नगर डिस्पोजल पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में इसका अपग्रेड किया जाना जरूरी है, ताकि समय रहते पानी की निकासी संभव हो सके।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा भिवानी।
औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 का नया सीईटीपी बनकर तैयार हो चुका है। इसमें बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित राशि जमा कराई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। यहां जनरेटर के कनेक्शन भी नहीं हुए हैं, जिसकी वजह से इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। बिजली कनेक्शन मिलते ही इसकी ट्रायल लेकर इसे विधिवत चालू कराएंगे।
-पकज कुमार, कनिष्ठ अभियंता, एचएसवीपी भिवानी।
विकास नगर डिस्पोजल पर औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी की निकासी बंद हो चुकी है। नया सीईटीपी 31 मार्च तक चालू किया जाना था, जो अब तक शुरू नहीं किया है। औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। अगर बारिश हुई तो दोनों सेक्टर डूब जाएंगे और उद्योगों को भी करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ेगा। ऐसे में जल्द से जल्द नया सीईटीपी चालू कराया जाए।
-शैलेंद्र जैन, अध्यक्ष, जिला भिवानी उद्योग संघ भिवानी।
विज्ञापन
अब अगर बारिश हुई तो औद्योगिक सेक्टर डूबने के कगार पर होगा। वहीं 11 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) अभी चालू नहीं हुआ है। औद्योगिक सेक्टरों के गंदे पानी की निकासी को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण दोनों ही आमने-सामने हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी विकास नगर डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाने में जुटे हैं, क्योंकि यहां बारिश के पानी का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। ऐसे में औद्योगिक सेक्टरों के गंदे पानी को अब यहां निकासी कर पाना संभव नहीं है। वहीं एचएसवीपी को खुद अपने सीईटीपी में गंदे पानी की निकासी करानी होगी, मगर सीईटीपी को अभी चालू नहीं किया गया है। जिस वजह से औद्योगिक सेक्टर के गंदे पानी की निकासी न नए सीईटीपी में हो रही है न ही विकास नगर डिस्पोजल तक गंदा पानी पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन
रोहतक रोड पालुवास मोड पर औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) बनकर तैयार हो गया है। मगर अभी तक इसे न तो बिजली कनेक्शन मिला है न यहां लगा जनरेटर चालू हो पाया है। 11 करोड़ से बना ये सीईटीपी औद्योगिक सेक्टरों को न बारिश के जलभराव से बचा पा रहा है न औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी की निकासी में अभी इस्तेमाल हुआ है।
विज्ञापन
पांच एमएलडी की क्षमता का ये सीईटीपी दो किलोमीटर लंबी पाइप लाइन के जरिये ढाणा रोड के सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट की ड्रेनेज सिस्टम से जुड़ा है। इससे औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी ट्रीटमेंट के बाद वहां खेतों में सिंचाई के लिए पहुंचेगा। फिलहाल शहर में बारिश से जलभराव के हालात बन रहे हैं। नया बस स्टैंड से अग्रसेन चौक तक सीसी सड़क काफी ऊंची हो गई है, जबकि विकास नगर नीचा पड़ गया है। ऐसे में आसपास के इलाके का काफी बारिश का पानी विकास नगर डिस्पोजल तक पहुंच रहा है। जिसकी निकासी में ही नौ एमएलडी क्षमता का डिस्पोजल हांफने लगता है। जिस पर औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 का बरसाती पानी भी यहीं आ रहा है।
इसके अलावा सीवरेज का गंदा पानी भी फिलहाल यहां आता रहा है, मगर अब सीवर लाइन के गंदे पानी की निकासी यहां बंद करा दी है। क्योंकि अधिकारी अपने डिस्पोजल की क्षमता बढ़ा रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि औद्योगिक सेक्टर का अब अलग से सीईटीपी बन चुका है। जिसमें गंदे पानी की निकासी कराए। मगर उनका सिस्टम अभी काम नहीं कर रहा है, इस बीच विकास नगर डिस्पोजल पर गंदे पानी की निकासी बंद होना औद्योगिक सेक्टर की इकाइयों के लिए भी मुश्किल बढ़ाने वाला है। अगर बारिश हुई तो यहां बाढ़ जैसे हालात बन जाएंगे और उद्योगों में पानी घुसा तो करोड़ों का कारोबार और मशीनरी भी बर्बाद होने का खतरा बढ़ जाएगा।
विकास नगर डिस्पोजल को फिलहाल अपग्रेड किया जा रहा है। यहां पर बारिश के पानी के साथ सीवर के गंदे पानी की निकासी हो रही है। अपग्रेड के लिए फिलहाल औद्योगिक सेक्टरों के गंदे पानी की निकासी यहां बंद करा दी है। जबकि बारिश का पानी फिलहाल यहीं आता है। विकास नगर डिस्पोजल पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में इसका अपग्रेड किया जाना जरूरी है, ताकि समय रहते पानी की निकासी संभव हो सके।
-आशीष कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा भिवानी।
औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 का नया सीईटीपी बनकर तैयार हो चुका है। इसमें बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित राशि जमा कराई जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला है। यहां जनरेटर के कनेक्शन भी नहीं हुए हैं, जिसकी वजह से इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। बिजली कनेक्शन मिलते ही इसकी ट्रायल लेकर इसे विधिवत चालू कराएंगे।
-पकज कुमार, कनिष्ठ अभियंता, एचएसवीपी भिवानी।
विकास नगर डिस्पोजल पर औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी की निकासी बंद हो चुकी है। नया सीईटीपी 31 मार्च तक चालू किया जाना था, जो अब तक शुरू नहीं किया है। औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। अगर बारिश हुई तो दोनों सेक्टर डूब जाएंगे और उद्योगों को भी करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ेगा। ऐसे में जल्द से जल्द नया सीईटीपी चालू कराया जाए।
-शैलेंद्र जैन, अध्यक्ष, जिला भिवानी उद्योग संघ भिवानी।