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Bhiwani News: जूई अनाज मंडी में हैंडलिंग एजेंट व सोसाइटी के बीच विवाद

Fri, 28 Mar 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 28 Mar 2025 12:25 AM IST
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Dispute between handling agent and society in Jui grain market
जूई अनाजमंडी में ट्राली से सरसों उतारते मजदूर। 
जूई। अनाज मंडी में नेफेड द्वारा सरसों खरीद मामले में हैंडलिंग एजेंट व दी लोहारू कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी के बीच विवाद हो गया है। हैंडलिंग एजेंटों ने नई शर्त पर सरसों खरीद नहीं करने और अपनी सिक्योरिटी राशि वापस लेने की बात कही है। वहीं सोसाइटी की तरफ से कोई हैंडलिंग एजेंट नहीं मिलने पर किसानों की सरसों खुद खरीद करने की बात कही है।
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इससे पहले भिवानी की मंडी में भी हैंडलिंग एजेंटों ने सोसायटी की 25 लाख रुपये सिक्योरिटी जमा कराने की शर्त के चलते सरसों की सरकारी खरीद से बहिष्कार किया हुआ है। ऐसे में अब जूई मंडी में भी हैंडलिंग एजेंटों और सोसायटी के बीच विवाद सामने आ गया है। जूई मंडी में आवक के साथ वीरवार को पहले दिन ही सरसों की खरीद होनी थी, मगर विवाद के चलते किसानों की सरसों की ढेरियां लगी रह गई। संवाद
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जूई में ये बने थे हैंडलिंग एजेंट, काम नहीं करने का ऐलान

अनाजमंडी में सरसों खरीद करने के लिए दी लोहारू कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी के अधीन जूई के हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए सुरेश, शुशीला, चेतन व विजय ने राशि जमा करवाई थी। एक हैंडलिंग एजेंट ने 25 लाख कैश व एक करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि के चेक देकर खरीद प्रक्रिया करने का मन बनाया था। चारों हैंडलिंग एजेंटों ने बताया कि सोसाइटी फिजूल के नियम खरीद मामले में थोप रही है। प्रति बैग हर कट्टे पर टैग लगाने का फरमान सुनाया गया है जो गोदाम में रखे जाने के बाद जब तक टेंडर ना हो अगर गड़बड़ पाई तो भी उसका जिम्मेदार हैंडलिंग एजेंट होगा। ये नियम किसी भी सूरत में जायज नहीं है। जिस पर सब हैंडलिंग एजेंटों को ऐतराज है और काम नहीं करने का फैसला लिया गया है।
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सरकार व एजेंसी की नीयत ठीक नहीं : आढ़ती
आढ़ती सुरेन्द्र, नरेश, राज, राजकुमार, अनूप, कुलदीप, दीपक, कमलेश, महेंद्र, करतार ने रोष जताते हुए बताया कि सरकार व एजेंसी की नीयत ठीक नहीं है। 25 लाख राशि व साथ में एक करोड़ रुपये के चेक लेना और ऊपर से गोदाम में रखी सरसों की जिम्मेदारी भी आढ़ती पर डालना कहां तक जायज है। सरकार इतनी ज्यादा दामी भी नहीं दे रही। प्रति क्विंटल 40 रुपये देकर सरकार आढ़तियों को गुलाम बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि अगर हमारी खरीदी सरसों में दिक्कत है तो मंडी में पर्चेजर रोक सकता है। यहां से ओके होकर गोदाम में जाने पर वहां के इंचार्ज भी माल को चेक कर रिजेक्ट कर वापस भेज सकते हैं, लेकिन उतरने के 6 महीने टेंडर नहीं होने की सूरत तक हैंडलिंग एजेंट की जवाबदेही तो सरासर नाजायज है। जब उनकी खुद की जिम्मेदारी होती है तब वो गड़बड़ करते रहते हैं, जवाबदेही नहीं होने पर तो हैंडलिंग एजेंट के साथ गड़बड़ी कर सकते हैं। ऐसा काम नहीं करेंगे। अभी तक जो टोकन कटे है उनकी जिम्मेदारी सोसाइटी की होगी।



हैंडलिंग एजेंट नहीं मिलने पर सोसाइटी करेगी खरीद

दी लोहारू कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी के चेयरमैन राजेराम ने बताया कि सरकार की हिदायत के अनुसार काम करवाया जाएगा। टैग लगाना ही पड़ेगा। कोई हैंडलिंग एजेंट नहीं मिलने पर सोसाइटी किसानों की सरसों की खरीद करेगी। अभी बातचीत चल रही है समाधान निकल सकता है।
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