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Bhiwani News: टैंक से पानी की सप्लाई और स्कूल अपग्रेड करने के मुद्दे पर वोट करेंगे ग्रामीण
Mon, 13 May 2024 04:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 13 May 2024 04:34 AM IST
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गांव ढाणी छतरियां की चौपाल में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण।
राजेश मेहूवाला
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर स्थित गांव ढाणी छतरियां के लोग इस बार शिक्षा और पानी के मुद्दे पर मतदान करेंगे। गांव में 1955 में बना पांचवीं तक का स्कूल 69 साल बाद भी अपग्रेड नहीं हो सका है। इसके अलावा गांव में जलघर का टैंक बने हुए तीन वर्ष बीत चुके हैं। फिर भी इससे घरों तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी है। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीण खासे नाराज दिखाई देते हैं।
ढाणी छतरियां की आबादी 2500 हैं जबकि मतदाता यहां 1150 हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर गांव में मतदाता अपना रुख बनाना शुरू कर चुके हैं। अभी तक किसी भी दल का प्रत्याशी गांव में नहीं आया है। ग्रामीण प्रत्याशियों के गांव में आने की राह देख रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि मौजूदा समय में भाजपा के प्रत्याशी अशोक तंवर ने साल 2014 में कांग्रेस पार्टी से सांसद होते हुए अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में गांव के पशु चिकित्सालय के भवन और अन्य विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। मगर यह घोषणा आज तक पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब अशोक तंवर गांव में वोटाें की अपील करने आएंगे तो उनसे जवाब लिया जाएगा। 2019 के विधानसभा चुनाव में रतिया के मौजूदा विधायक लक्ष्मण नापा को गांव से भारी मत मिले थे, लेकिन चुनाव के बाद कभी भी विधायक गांवों की स्थिति जानने नहीं आए।
हांसपुर चौक पर ओवरब्रिज बनने का इस गांव को भी मिलेगा फायदा
ग्रामीण देंवेद्र मेहला, जगदीश चंद्र, ईश्वर सिंह और रिशाल सिंह बताते हैं कि निवर्तमान भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल ने ग्रामीणों की मांग पर नेशनल हाईवे पर हांसपुर चौक पर ओवरब्रिज मंजूर करवाया था। इस ओवरब्रिज का काम शुरू हो चुका है। कुछ दिनों में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद हादसे होने की आशंका नहीं रहेगी। इन ग्रामीणों ने बताया कि गांव ढाणी छतरियां में 1955 में कक्षा पांचवीं तक का स्कूल बनवाया गया था। इसके बाद अभी तक किसी भी नेता ने इस स्कूल को अपग्रेड करवाने का काम नहीं किया।
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वर्ष 2014 में मैं गांव का सरपंच था। उस समय में तत्कालीन सांसद अशोक तंवर के समक्ष गांव में पशु चिकित्सालय के भवन बनवाने और विकास कार्याें के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। तंवर ने इस मांग को पूरा करवाने की घोषणा भी की। मगर 10 वर्ष बीतने के बाद भी यह घोषणा पूरा नहीं हुई। जब वह गांव में वोटों की अपील करने आएंगे तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। -देवेंद्र मेहला, पूर्व सरपंच, गांव ढाणी छतरियां
गांव के चारों तरफ बनी फिरनी पर ग्रामीणों का कब्जा है, जिसके कारण गांव का मेन रास्ता बंद है। वहीं, गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है। गांव में वोटों की अपील करने आने वाले हर लोकसभा प्रत्याशी के सामने इन मांगों को रखा जाएगा। -जगदीश चंद्र, निवासी, गांव ढाणी छतरियां
हमारे गांव के लोग अपने हकों की मांग रखने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। गांव में हाई स्कूल, उप स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल की कमी है। इसका हल करने के लिए नेताओं ने कई बार घोषणा की है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई है। फतेहाबाद से नागपुर जाने वाले रोड पर ग्रामीणों की जमीनें दब गई हैं, जिसकी मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिली है। -रिशाल सिंह,पूर्व पंच, गांव ढाणी छतरियां
किसानों को दिल्ली जाने से रोकने पर गांव अयाल्की में शुरू किए गए धरने पर काेई भी विधायक या सांसद नहीं आया था। इसका जवाब सत्ताधारी नेताओं से मांगा जाएगा। गांव में मतदाताओं की संख्या कम है, इस कारण कोई भी नेता गांव के विकास को लेकर प्रमुखता से चर्चा नहीं करता है। -बृजलाल शर्मा, निवासी, गांव ढाणी छतरियां
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फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर स्थित गांव ढाणी छतरियां के लोग इस बार शिक्षा और पानी के मुद्दे पर मतदान करेंगे। गांव में 1955 में बना पांचवीं तक का स्कूल 69 साल बाद भी अपग्रेड नहीं हो सका है। इसके अलावा गांव में जलघर का टैंक बने हुए तीन वर्ष बीत चुके हैं। फिर भी इससे घरों तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी है। इन समस्याओं को लेकर ग्रामीण खासे नाराज दिखाई देते हैं।
ढाणी छतरियां की आबादी 2500 हैं जबकि मतदाता यहां 1150 हैं। लोकसभा चुनाव को लेकर गांव में मतदाता अपना रुख बनाना शुरू कर चुके हैं। अभी तक किसी भी दल का प्रत्याशी गांव में नहीं आया है। ग्रामीण प्रत्याशियों के गांव में आने की राह देख रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि मौजूदा समय में भाजपा के प्रत्याशी अशोक तंवर ने साल 2014 में कांग्रेस पार्टी से सांसद होते हुए अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में गांव के पशु चिकित्सालय के भवन और अन्य विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। मगर यह घोषणा आज तक पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब अशोक तंवर गांव में वोटाें की अपील करने आएंगे तो उनसे जवाब लिया जाएगा। 2019 के विधानसभा चुनाव में रतिया के मौजूदा विधायक लक्ष्मण नापा को गांव से भारी मत मिले थे, लेकिन चुनाव के बाद कभी भी विधायक गांवों की स्थिति जानने नहीं आए।
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हांसपुर चौक पर ओवरब्रिज बनने का इस गांव को भी मिलेगा फायदा
ग्रामीण देंवेद्र मेहला, जगदीश चंद्र, ईश्वर सिंह और रिशाल सिंह बताते हैं कि निवर्तमान भाजपा सांसद सुनीता दुग्गल ने ग्रामीणों की मांग पर नेशनल हाईवे पर हांसपुर चौक पर ओवरब्रिज मंजूर करवाया था। इस ओवरब्रिज का काम शुरू हो चुका है। कुछ दिनों में ओवरब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद हादसे होने की आशंका नहीं रहेगी। इन ग्रामीणों ने बताया कि गांव ढाणी छतरियां में 1955 में कक्षा पांचवीं तक का स्कूल बनवाया गया था। इसके बाद अभी तक किसी भी नेता ने इस स्कूल को अपग्रेड करवाने का काम नहीं किया।
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वर्ष 2014 में मैं गांव का सरपंच था। उस समय में तत्कालीन सांसद अशोक तंवर के समक्ष गांव में पशु चिकित्सालय के भवन बनवाने और विकास कार्याें के लिए 20 लाख रुपये की मांग की थी। तंवर ने इस मांग को पूरा करवाने की घोषणा भी की। मगर 10 वर्ष बीतने के बाद भी यह घोषणा पूरा नहीं हुई। जब वह गांव में वोटों की अपील करने आएंगे तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। -देवेंद्र मेहला, पूर्व सरपंच, गांव ढाणी छतरियां
गांव के चारों तरफ बनी फिरनी पर ग्रामीणों का कब्जा है, जिसके कारण गांव का मेन रास्ता बंद है। वहीं, गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है। गांव में वोटों की अपील करने आने वाले हर लोकसभा प्रत्याशी के सामने इन मांगों को रखा जाएगा। -जगदीश चंद्र, निवासी, गांव ढाणी छतरियां
हमारे गांव के लोग अपने हकों की मांग रखने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। गांव में हाई स्कूल, उप स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल की कमी है। इसका हल करने के लिए नेताओं ने कई बार घोषणा की है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई है। फतेहाबाद से नागपुर जाने वाले रोड पर ग्रामीणों की जमीनें दब गई हैं, जिसकी मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिली है। -रिशाल सिंह,पूर्व पंच, गांव ढाणी छतरियां
किसानों को दिल्ली जाने से रोकने पर गांव अयाल्की में शुरू किए गए धरने पर काेई भी विधायक या सांसद नहीं आया था। इसका जवाब सत्ताधारी नेताओं से मांगा जाएगा। गांव में मतदाताओं की संख्या कम है, इस कारण कोई भी नेता गांव के विकास को लेकर प्रमुखता से चर्चा नहीं करता है। -बृजलाल शर्मा, निवासी, गांव ढाणी छतरियां