फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   death of swine flu suspecious patient

स्वाइन फ्लू संदिग्ध की मौत, परिजनों को भी खतरा

Mon, 09 Feb 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी Updated Mon, 09 Feb 2015 12:33 AM IST
विज्ञापन

तीन दिन तक सामान्य अस्पताल में भर्ती रहे स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज की शनिवार सायं हिसार अस्पताल में ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। साथ ही मृतक के परिजनों पर भी खतरा मंडरा रहा है। अभी तक किसी तरह की कोई जांच परिजनों की नहीं की गई है और न ही कोई दवाई दी गई है। मृतक के शव का गांव में अंतिम संस्कार किया गया।

विज्ञापन


लोहानी गांव से करीब 28 वर्षीय युवक को बीमार होने के कारण बृहस्पतिवार सुबह सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया और टेमी फ्लू दवा दी गई। बताया जाता है कि दो दिन तक मरीज लोहानी गांव के एक अस्पताल में भर्ती रहा।
विज्ञापन


शनिवार दोपहर मरीज की तबीयत अधिक बिगड़ गई। जिसके बाद चिकित्सकाें ने मरीज को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। परिजन मरीज को पीजीआई रोहतक ले जाने की बजाए हिसार के एक निजी अस्पताल ले जाने लगे। रास्ते में मरीज ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजन मृतक के शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने बताया कि मरीज तीन दिन तक एडमिट रहा मगर कोई इलाज नहीं दिया गया। न ही समय रहते रेफर किया गया। जब ज्यादा हालत बिगड़ गई तो अपना पल्ला झाड़ने के लिए पीजीआई रेफर कर दिया। यदि ये इलाज नहीं कर पा रहे थे तो समय रहते रेफर कर देते। जिससे मरीज की जान बच सकती थी।

सुबह ठीक, दोपहर बाद अचानक हो गई मौत
परिजनाें के अनुसार चिकित्सक ने सुबह राउंड किया था और मरीज को ठीक होने की बात कहते हुए रोटी खाने के लिए भी बोला। जिसके बाद मरीज ने एक रोटी खाई, दूध पीया और जूस पीया। दोपहर को अचानक तबीयत बिगड़ी। परिजनों के मुताबिक करीब पौने तीन बजे चिकित्सक ने मरीज को पीजीआई रेफर किया। वे हिसार ले जाने लगे। जब वे खानक गांव के नजदीक पहुंचे तो करीब साढे़ तीन बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।


नहीं हुई कोई जांच, न दी गई दवा
मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने स्वाइन फ्लू संभावित मानते हुए सेंपल जांच के लिए भेजे। परिजनों की कोई जांच नहीं की गई। इसके अलावा बीमारी के दौरान चार-पांच दिन मरीज के साथ रहे परिजनों की भी न कोई जांच की गई और न ही कोई दवा दी गई। मरीज को पांच फरवरी को सामान्य अस्पताल में भर्ती किया गया था। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। अन्य केसों में दो दिन में रिपोर्ट आ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed