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Bhiwani News: बेटियों ने खेल मैदान के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी छू लीं बुलंदियां, लिंगानुपात चिंताजनक
Tue, 10 Oct 2023 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Oct 2023 11:31 PM IST
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भिवानी। खेल के मैदान से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में भी बेटियों ने बुलंदियां छू ली हैं, इसके बावजूद लिंगानुपात में हरियाणा में बेटियों की स्थिति चिंताजनक है। हरियाणा प्रदेश में सितंबर महीने में एक हजार लड़कों के मुकाबले 910 लड़कियां हैं तो भिवानी जिले में सिर्फ 892 लड़कियां जन्मीं हैं। वहीं दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों से अधिक है। उधर, एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों को कुल 33 मेडल मिले, जिनमें से 22 बेटियों ने जीते हैं।
पिछले पांच सालों के अगर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणामों पर नजर डालें तो बेटियों ने अपनी बढ़त बरकरार रखी है। बोर्ड की टॉप टेन और टॉप थ्री में भी बेटियां ही अव्वल रही हैं। बावजूद इसके बेटियों के प्रति अब भी समाज और लोगों का नजरिया नहीं बदला है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में लगातार गिरावट में आ रहे लिंगानुपात को संभालने के लिए प्रभावी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, कन्या भ्रूण हत्या और लिंग जांच मामलों में भी सख्ती के मूड में विभाग आ गया है। जबकि पिछले साल लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ग्राम सभा और आशा एवं आंगनबाड़ी वर्करों के सहारे बेटियों की किलकारियां गुंजाने के लिए नए सिरे से प्रयास में लगा है। सिविल सर्जन भिवानी डॉ रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि जिले में लिंगानुपात एक हजार पर 892 लड़कियां हैं। जबकि प्रदेश में एक हजार पर 910 लड़कियाें का लिंगानुपात है। संवाद
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में बेटियों ने पांच सालों के दौरान टॉप तीन के साथ टाप टेन में अपनी बढ़त बरकरार रखी है। मेरा मानना है कि बेटियां हर क्षेत्र में कामयाबी की बुलंदियों को छू रही हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भी हरियाणा की मनोहरलाल सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को सार्थक करने के लिए हर संभव प्रयास में लगा है।
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-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी।
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दसवींं की परीक्षा में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का पास प्रतिशत
सत्र-
लड़के-
पास हुए-
लड़कियां- पास हुईं-
प्रतिशत लड़के- लड़कियां
2019-
199732- 106717- 165235- 102728-
53.43-
62.17
2020- 185429-
111751-
152262-
106369-
60.27- 69.86
2021- 172059- 172059- 141286- 141286- 100- 100
2022- 176168- 124303- 150319- 114629- 70.56- 76.26
2023- 149439- 71721- 136986- 95629- 61.41- 69.81
बारहवीं की परीक्षा में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की पास प्रतिशत
2019- 105947- 72055- 85580- 70584- 68.01- 82.48
2020- 112816- 84685- 99877- 86196- 75- 86.30
2021- 114416- 114416- 106847- 106847- 100- 100
2022- 128457- 107847- 117228- 106102- 83.96- 90.51
2023- 131420- 81123- 125696- 92377- 61.73- 73.49
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पिछले पांच सालों के अगर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के परीक्षा परिणामों पर नजर डालें तो बेटियों ने अपनी बढ़त बरकरार रखी है। बोर्ड की टॉप टेन और टॉप थ्री में भी बेटियां ही अव्वल रही हैं। बावजूद इसके बेटियों के प्रति अब भी समाज और लोगों का नजरिया नहीं बदला है। स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में लगातार गिरावट में आ रहे लिंगानुपात को संभालने के लिए प्रभावी कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। वहीं, कन्या भ्रूण हत्या और लिंग जांच मामलों में भी सख्ती के मूड में विभाग आ गया है। जबकि पिछले साल लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ग्राम सभा और आशा एवं आंगनबाड़ी वर्करों के सहारे बेटियों की किलकारियां गुंजाने के लिए नए सिरे से प्रयास में लगा है। सिविल सर्जन भिवानी डॉ रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि जिले में लिंगानुपात एक हजार पर 892 लड़कियां हैं। जबकि प्रदेश में एक हजार पर 910 लड़कियाें का लिंगानुपात है। संवाद
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में बेटियों ने पांच सालों के दौरान टॉप तीन के साथ टाप टेन में अपनी बढ़त बरकरार रखी है। मेरा मानना है कि बेटियां हर क्षेत्र में कामयाबी की बुलंदियों को छू रही हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भी हरियाणा की मनोहरलाल सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे को सार्थक करने के लिए हर संभव प्रयास में लगा है।
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-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी।
दसवींं की परीक्षा में लड़कों के मुकाबले लड़कियों का पास प्रतिशत
सत्र-
लड़के-
पास हुए-
लड़कियां- पास हुईं-
प्रतिशत लड़के- लड़कियां
2019-
199732- 106717- 165235- 102728-
53.43-
62.17
2020- 185429-
111751-
152262-
106369-
60.27- 69.86
2021- 172059- 172059- 141286- 141286- 100- 100
2022- 176168- 124303- 150319- 114629- 70.56- 76.26
2023- 149439- 71721- 136986- 95629- 61.41- 69.81
बारहवीं की परीक्षा में लड़कों के मुकाबले लड़कियों की पास प्रतिशत
2019- 105947- 72055- 85580- 70584- 68.01- 82.48
2020- 112816- 84685- 99877- 86196- 75- 86.30
2021- 114416- 114416- 106847- 106847- 100- 100
2022- 128457- 107847- 117228- 106102- 83.96- 90.51
2023- 131420- 81123- 125696- 92377- 61.73- 73.49