{"_id":"57b75a3d4f1c1b29156ec432","slug":"bhiwani-news-crime-murder-theft-escape-wanted-robber","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या, लूट के मामलों में फरार इनामी बदमाश काबू ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या, लूट के मामलों में फरार इनामी बदमाश काबू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लूट, हत्या के मामलों में तीन जिलों की पुलिस के लिए परेशानी बना पांच हजार के इनामी बदमाश को आखिरकार भिवानी पीओ स्टाफ ने दबोच लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे रिमांड पर लिया गया है। पीओ स्टाफ ने एक और भगोड़े अपराधी को पकड़ा।
पीओ स्टाफ ने इंचार्ज एएसआई दशरथ के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर मुंढाल गांव के पास छापा मारा और इनामी बदमाश मंजीत खरकड़ा को काबू किया। मंजीत पर लूटपाट के करीब 20 और हत्या के दो मामले दर्ज है। भिवानी में गाड़ी लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। उस पर हिसार, जींद में ज्यादा मुकदमे दर्ज है। एएसआई दशरथ ने बताया कि वर्ष 2014 में मंजीत के खिलाफ सदर थाना में गाड़ी लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। मंजीत ने गांव मुंढाल के पास से अपने साथियों के साथ मिलकर कार छीनी थी। जिसमें वह वांछित था। उसके बाकी साथी पकड़े जा चुके है। जून 2015 में अदालत ने उसे पीओ घोषित किया। मंजीत पर आईजी ने पांच हजार रुपये का इनाम भी रखा था। एएसआई दशरथ ने बताया कि लक्ष्मीनगर गली नंबर 10 वासी नरेंद्र को भी पकड़ा गया है। उस पर वर्ष 2012 में मारपीट का मामला दर्ज है और उसे अदालत ने 2015 में पीओ घोषित कर रखा था।
विज्ञापन
पीओ स्टाफ ने इंचार्ज एएसआई दशरथ के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर मुंढाल गांव के पास छापा मारा और इनामी बदमाश मंजीत खरकड़ा को काबू किया। मंजीत पर लूटपाट के करीब 20 और हत्या के दो मामले दर्ज है। भिवानी में गाड़ी लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। उस पर हिसार, जींद में ज्यादा मुकदमे दर्ज है। एएसआई दशरथ ने बताया कि वर्ष 2014 में मंजीत के खिलाफ सदर थाना में गाड़ी लूट का मुकदमा दर्ज हुआ था। मंजीत ने गांव मुंढाल के पास से अपने साथियों के साथ मिलकर कार छीनी थी। जिसमें वह वांछित था। उसके बाकी साथी पकड़े जा चुके है। जून 2015 में अदालत ने उसे पीओ घोषित किया। मंजीत पर आईजी ने पांच हजार रुपये का इनाम भी रखा था। एएसआई दशरथ ने बताया कि लक्ष्मीनगर गली नंबर 10 वासी नरेंद्र को भी पकड़ा गया है। उस पर वर्ष 2012 में मारपीट का मामला दर्ज है और उसे अदालत ने 2015 में पीओ घोषित कर रखा था।
विज्ञापन