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बंगाली भाषा के जानकार को ढूंढती रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:41 AM IST
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पूर्व सैनिक ने छत की संतीर से फंदा लगाकर इहलीला समाप्त कर ली।
- फोटो : Demo pic
फाइनेंसरों के दबाव और पुलिस से परेशानी के कारण सुसाइड करने वाली महिला के बंगाली में लिखे पत्र को पढ़वाने के लिए पुलिस भाग दौड़ करती रही। देर शाम तक भी पुलिस यह तय नहीं कर पाई थी कि आखिरकार पत्र में क्या लिखा गया है। वहंीं मृतका के पति का कहना है कि वह बंगाली जानता है और उसकी पत्नी ने सुसाइड नोट में तीन युवकों पर आरोप लगाए है।
उल्लेखनीय है कि नौ अप्रैल की सुबह दिनोद गेट क्षेत्र के मानान पाना की ढग्गो वाली गली में रहने वाले प्रताप की पत्नी कृष्णा ने फांसी लगा ली थी। मृतका के पति ने बंगाली भाषा में लिखा सुसाइड नोट भी दिखाया था। प्रताप मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले है और काफी वर्षों से यहां रह रहे है। महिला के पति ने आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने रुपयों के लेन-देन में धोखाधड़ी की और उसकी पत्नी के झूठे हस्ताक्षर करवा लिये। प्रताप ने बताया कि बंगाली में लिखे पत्र में उसकी पत्नी कृष्णा ने तीन युवकों पीयूष, प्रवीण व यशस्वी के नाम लिखे है और उनके कारण ही आत्महत्या करने की बात कही है। प्रताप ने बताया कि दिनोद गेट चौकी के पुलिस कर्मी ने भी आरोपियों का साथ दिया और उसे तीन घंटे तक चौकी में बैठाये रखा। इसी कारण उसकी पत्नी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की है और पोस्टमार्टम भी झूठ बोलकर करवा दिया।
उधर पुलिस पत्र को पढ़वाने के लिए बंगाली शिक्षक को खोजती रही। देर सायं तक पत्र नहीं पढ़ा जा सका था और पुलिस के समक्ष स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी कि आखिर पत्र में क्या लिखा है। मामले में जांच अधिकारी एएसआई आनंद कुमार ने बताया कि जल्द ही पत्र पढ़वाया जाएगा। उचित कार्रवाई की जाएगी। जांच की जा रही है।
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उल्लेखनीय है कि नौ अप्रैल की सुबह दिनोद गेट क्षेत्र के मानान पाना की ढग्गो वाली गली में रहने वाले प्रताप की पत्नी कृष्णा ने फांसी लगा ली थी। मृतका के पति ने बंगाली भाषा में लिखा सुसाइड नोट भी दिखाया था। प्रताप मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले है और काफी वर्षों से यहां रह रहे है। महिला के पति ने आरोप लगाया कि कुछ युवकों ने रुपयों के लेन-देन में धोखाधड़ी की और उसकी पत्नी के झूठे हस्ताक्षर करवा लिये। प्रताप ने बताया कि बंगाली में लिखे पत्र में उसकी पत्नी कृष्णा ने तीन युवकों पीयूष, प्रवीण व यशस्वी के नाम लिखे है और उनके कारण ही आत्महत्या करने की बात कही है। प्रताप ने बताया कि दिनोद गेट चौकी के पुलिस कर्मी ने भी आरोपियों का साथ दिया और उसे तीन घंटे तक चौकी में बैठाये रखा। इसी कारण उसकी पत्नी ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की है और पोस्टमार्टम भी झूठ बोलकर करवा दिया।
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उधर पुलिस पत्र को पढ़वाने के लिए बंगाली शिक्षक को खोजती रही। देर सायं तक पत्र नहीं पढ़ा जा सका था और पुलिस के समक्ष स्थिति स्पष्ट नहीं हुई थी कि आखिर पत्र में क्या लिखा है। मामले में जांच अधिकारी एएसआई आनंद कुमार ने बताया कि जल्द ही पत्र पढ़वाया जाएगा। उचित कार्रवाई की जाएगी। जांच की जा रही है।
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