भिवानी नगर परिषद घोटाला: ऑफलाइन रसीदें काट अकाउंटेंट ने अपनी जेब में डाले 28 लाख
रसीद घोटाले के आरोप में पुलिस ने अकाउंटेंट सुरेश उर्फ नंबरदार को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर दो दिन के रिमांड पर लिया। एक रसीद बुक में ही करीब 28 लाख रुपये का घोटाला किया है। आर्थिक अपराध शाखा एक अन्य रसीद बुक की तलाश में है।
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हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद में कर्मचारियों को भले हर माह वेतन के लाले हों। आय के साधन नहीं होने के कारण समय पर वेतन नहीं मिल रहा हो। मगर नगर परिषद के अकाउंटेंट वेतन के अलावा लाखों रुपये हर माह जेब में डालते रहे। यह खुलासा रसीद घोटाले में हुआ है। जांच में सामने आया है कि नगर परिषद में नंबरदार के नाम से चर्चित अकाउंटेंट सुरेश कुमार ने एक रसीद बुक से ही करीब 28 लाख रुपये का गबन किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरेश लोगों को रसीदें ऑनलाइन के बजाय आफलाइन काटकर देता था। इसके बाद जो रुपये आते वह अपने पास ही रख लेता।
रसीद घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार उर्फ नंबरदार को बुधवार को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर दो दिन के रिमांड पर लिया है। प्राथमिक जांच में ही करीब 28 लाख रुपये का गबन उजागर हो चुका है, जो कि एक रसीद बुक का है। पुलिस एक और रसीद बुक की तलाश में है।
नगर परिषद में लगातार घोटाले उजागर हो रहे हैं। पहले चेक घोटाला उजागर हुआ, जिसमें करोड़ों रुपये बिना काम करवाए ही फर्जी फर्मों के खाते में डाल कमीशन देकर निकलवाए गए। इस मामले में निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, निवर्तमान कार्यकारी अधिकारी संजय यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार और संजय गोयल, बैंक के सेल्स मैनेजर नितेश व पांच अन्य का पकड़ा जा चुका है। रण सिंह यादव और संजय यादव को छोड़ अन्य से लाखों रुपये की रिकवरी भी हुई।
ऐसे आया सुरेश का नाम सामने
चेक घोटाले के बाद रसीद और जमीन घोटाला सामने आया। रसीद घोटाले में पुलिस दो आरोपियों निवर्तमान पार्षद के भतीजे रजनीश और कराटे कोच हरीश को गिरफ्तार कर चुकी है। उक्त आरोपियों ने ही खुलासा किया कि इस खेल में अकाउंटेंट सुरेश भी उनके साथ है।
नाम आने के बाद अब पुलिस विभाग की आर्थिक अपराध शाखा ने आरोपी अकाउंटेंट सुरेश कुमार को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर कोर्ट में पेश किया। वहां से आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान अन्य रसीद बुक और कुल घोटाले के साथ-साथ रिकवरी पर मुख्य फोकस रहेगा।
हरेक घोटाले में आरोपी नंबरदार खोलेगा कई राज
नगर परिषद का नंबरदार यानी अकाउंटेंट सुरेश कुमार का अब तक सामने आ रहे हर घोटाले में नाम आया है। चेक घोटाले में रिमांड के बाद जेल जा चुका है तो अब रसीद घोटाले में रिमांड पर लिया है। इसके अलावा जमीन घोटाले में भी सुरेश कुमार का नाम है। मामले में गिरफ्तार एक महिला तो बयान भी दे चुकी है कि उससे सुरेश कुमार ने दो लाख रुपये लिए हैं। जमीन घोटाले में उक्त अकाउंटेंट के साथ-साथ नप के अन्य अधिकारी, कुछ निवर्तमान पार्षद भी लपेटे में आ सकते हैं।
रुपये अपनी जेब में डालता था सुरेश
आरोपी सुरेश ने लोगों को ऑफलाइन रसीदें काटकर दीं और राशि नगर परिषद के खाते में जमा कराने के बजाय स्वयं की जेब में डाल ली। अब तक ये बातें सामने आई हैं, बाकी अभी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि सुरेश कुमार ने कितना गबन किया है। -एसआई सतपाल सिंह, प्रभरी, आर्थिक अपराध शाखा पुलिस, भिवानी।
सभी आरोपी होंगे गिरफ्तार
रसीद घोटाले की जांच की जा रही है। आरोपी सुरेश कुमार को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। उससे रसीदों की राशि के बारे में पूछताछ की जाएगी। मामले की पूरी जांच होगी और जो भी आरोपी है, सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक, भिवानी।