{"_id":"5b6dee7e4f1c1b096a8b657c","slug":"91533931134-bhiwani-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक पूर्व जिला प्रबंधक, दो मैनेजर, दो फिल्ड इंस्पेक्टर व अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक पूर्व जिला प्रबंधक, दो मैनेजर, दो फिल्ड इंस्पेक्टर व अन्य पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
Updated Sat, 11 Aug 2018 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। मंडी से निकली मगर गोदाम तक पहुंचते-पहुंचते 6342 क्विंटल सरसों गायब हो गई। गायब हुई सरसों की कीमत करीब दो करोड़ 68 लाख 54 हजार 949 रुपये बताई जा रही है। मामला उठा तो अब जिला प्रबंधक ने जांच करवाई। जांच में सरसों कम पाए जाने पर अब एक पूर्व जिला प्रबंधक, दो मैनेजर, दो फिल्ड इंस्पेक्टर, चौकीदार व अन्य स्टाफ सदस्यों पर केस दर्ज करवाए गए हैं। तीन एफआईआर दर्ज करवाई गई है जिनमें एक तोशाम थाने, एक शहर भिवानी और एक सदर थाना भिवानी में दर्ज हुई है। पुलिस जांच में जुटी है।
सूत्र बताते हैं कि सही तरीके से जांच होती है तो चार करोड़ से ज्यादा की सरसों गायब मिलेगी। जांच में जिन पर केस दर्ज हुआ है, उनके अलावा भी अन्य कर्मचारी, अधिकारी भी इस केस में फंस सकते हैं।
15 मार्च से 31 मई तक हैफेड व अन्य खरीद एजेंसियों की ओर से सरसों की खरीद की गई थी। सरसों की खरीद तो रिकॉर्ड में पूरी हुई, मगर गोदामों तक पहुंचते-पहुंचते 6342 क्विंटल सरसों गायब हो गई। पिछले दिनों कुछ ठेकेदारों ने आवाज उठाई तो जांच शुरू हुई। प्राथमिक जांच में ही भारी घोटाला सामने आया है। इसके बाद जिला प्रबंधक हैफेड ने जांच करवाई। जांच के दौरान तोशाम में सबसे अधिक 5514.07 क्विंटल सरसों गायब मिली। इसकी कीमत करीब दो करोड़ 33 लाख 46 हजार 572 रुपये आंकी गई है। भिवानी अनाजमंडी में 26 लाख 10 हजार 473 रुपये कीमत की 616.55 क्विंटल और जूई से आठ लाख 96 हजार 804 रुपये कीमत की 211.81 क्विंटल सरसों गायब मिली है। यह तो प्राथमिक जांच के आंकड़े हैं। पुलिस को दी शिकायत में जिला प्रबंधक हैफेड ने बताया कि ये सरसों अब ना मंडी में है और ना ही गोदामों में पहुंची। जांच में यह घटती सामने आई है। यानी कुल दो करोड़ 68 लाख 53 हजार 949 रुपये की सरसों गायब होना रिकॉर्ड में आ चुका है। सरसों की खरीद 4234 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार की गई थी। अब दर्ज हुए तीनों केसों की जांच का जिम्मा जिले के तीन डीएसपी को सौंपा गया है। डीएसपी जगत सिंह मोर, विरेंद्र सिंह, कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि केस दर्ज हुए हैं और जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
भिवानी में 118592 क्विंटल सरसों खरीदी, गोदाम में मिली 117975 क्विंटल
अनाजमंडी में हैफेड की संस्था रेल हेड एजेंसी के माध्यम से भिवानी अनाजमंडी में 15 मार्च से 31 मई तक 118592.10 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। गोदाम में पहुंची सिर्फ 117975.55 क्विंटल। यानी 616.55 क्विंटल कम। इस कम हुई सरसों की कीमत करीब 26 लाख 10 हजार 473 रुपये है। जिला प्रबंधक ने शिकायत में बताया कि अब यह सरसों ना मंडी में है और ना ही गोदाम में पहुंची। पूर्व जिला प्रबंधक हैफेड होशियार सिंह पर भी सहीं तरीके से निगरानी नहीं करने, व्यक्ति तौर पर निगरानी नहीं कर लापरवाही करने, कर्मचारियों से मिलीभगत कर विभाग को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार की शिकायत पर यहां मैनेजर सुरेंद्र सिंह, नवीन कुमार, पूर्व जिला प्रबंधक होशियार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
तोशाम में हुआ सबसे बड़ा घोटाला
सरसों में सबसे बड़ा घोटाला तोशाम में हुआ है। यहां खरीद केंद्र तोशाम में बवानीखेड़ा सहकारी विपणन समिति लि. बवानीखेडा के माध्यम से खरीद हुई। 15 मार्च से 31 मई तक 92464.30 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। मगर गोदाम तक पहुंची 86950.23 क्विंटल सरसों। यानी 5514.07 क्विंटल सरसों गायब हो गई। इस सरसों की कीमत करीब दो करोड़ 33 लाख 46 हजार 572 रुपये आंकी जा रही है। जहां जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार की शिकायत पर तोशाम थाना पुलिस ने बवानीखेड़ा सहकारी विपणन समिति लि. बवानीखेड़ा मैनेजर धर्मेंद्र कुमार, चपड़ासी कम चौकीदार सुरेंद्र सिंह, पूर्व जिला प्रबंधक होशियार सिंह व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
जूई से गायब हुई 211.81 क्विंटल सरसों
तोशाम और भिवानी की तरह ही जूई से भी 211.81 क्विंटल सरसों गायब हो गई है। यहां भी अब सरसों ना मंडी में है और ना ही गोदाम में पहुंची। गायब हुई सरसों की कीमत करीब आठ लाख 96 हजार 804 रुपये आंकी जा रही है। यहां भी हैफेड के पूर्व डिस्ट्रिक्ट मैनेजर होशियार सिंह, फिल्ड इंस्पेक्टर अनीत कुमार, चौकीदार राज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
चार करोड़ से ज्यादा का है घोटाला
प्राथमिक जांच में ही दो करोड़ 68 लाख 53 हजार से ज्यादा का सरसों घोटाला सामने आ चुका है। सूत्र बताते है कि यहां कर्मचारियों ने किसी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए घटत को पूरा करने का भी प्रयास किया है। काफी सरसों खरीदकर रखवाई गई है ताकि विभागीय और पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके। इसके बावजूद भी अगर सही जांच होती है तो यह सरसों का घोटाला चार हजार करोड़ से ज्यादा का हो सकता है।
विज्ञापन
भिवानी। मंडी से निकली मगर गोदाम तक पहुंचते-पहुंचते 6342 क्विंटल सरसों गायब हो गई। गायब हुई सरसों की कीमत करीब दो करोड़ 68 लाख 54 हजार 949 रुपये बताई जा रही है। मामला उठा तो अब जिला प्रबंधक ने जांच करवाई। जांच में सरसों कम पाए जाने पर अब एक पूर्व जिला प्रबंधक, दो मैनेजर, दो फिल्ड इंस्पेक्टर, चौकीदार व अन्य स्टाफ सदस्यों पर केस दर्ज करवाए गए हैं। तीन एफआईआर दर्ज करवाई गई है जिनमें एक तोशाम थाने, एक शहर भिवानी और एक सदर थाना भिवानी में दर्ज हुई है। पुलिस जांच में जुटी है।
सूत्र बताते हैं कि सही तरीके से जांच होती है तो चार करोड़ से ज्यादा की सरसों गायब मिलेगी। जांच में जिन पर केस दर्ज हुआ है, उनके अलावा भी अन्य कर्मचारी, अधिकारी भी इस केस में फंस सकते हैं।
विज्ञापन
15 मार्च से 31 मई तक हैफेड व अन्य खरीद एजेंसियों की ओर से सरसों की खरीद की गई थी। सरसों की खरीद तो रिकॉर्ड में पूरी हुई, मगर गोदामों तक पहुंचते-पहुंचते 6342 क्विंटल सरसों गायब हो गई। पिछले दिनों कुछ ठेकेदारों ने आवाज उठाई तो जांच शुरू हुई। प्राथमिक जांच में ही भारी घोटाला सामने आया है। इसके बाद जिला प्रबंधक हैफेड ने जांच करवाई। जांच के दौरान तोशाम में सबसे अधिक 5514.07 क्विंटल सरसों गायब मिली। इसकी कीमत करीब दो करोड़ 33 लाख 46 हजार 572 रुपये आंकी गई है। भिवानी अनाजमंडी में 26 लाख 10 हजार 473 रुपये कीमत की 616.55 क्विंटल और जूई से आठ लाख 96 हजार 804 रुपये कीमत की 211.81 क्विंटल सरसों गायब मिली है। यह तो प्राथमिक जांच के आंकड़े हैं। पुलिस को दी शिकायत में जिला प्रबंधक हैफेड ने बताया कि ये सरसों अब ना मंडी में है और ना ही गोदामों में पहुंची। जांच में यह घटती सामने आई है। यानी कुल दो करोड़ 68 लाख 53 हजार 949 रुपये की सरसों गायब होना रिकॉर्ड में आ चुका है। सरसों की खरीद 4234 रुपये प्रति क्विंटल के अनुसार की गई थी। अब दर्ज हुए तीनों केसों की जांच का जिम्मा जिले के तीन डीएसपी को सौंपा गया है। डीएसपी जगत सिंह मोर, विरेंद्र सिंह, कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि केस दर्ज हुए हैं और जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
भिवानी में 118592 क्विंटल सरसों खरीदी, गोदाम में मिली 117975 क्विंटल
अनाजमंडी में हैफेड की संस्था रेल हेड एजेंसी के माध्यम से भिवानी अनाजमंडी में 15 मार्च से 31 मई तक 118592.10 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। गोदाम में पहुंची सिर्फ 117975.55 क्विंटल। यानी 616.55 क्विंटल कम। इस कम हुई सरसों की कीमत करीब 26 लाख 10 हजार 473 रुपये है। जिला प्रबंधक ने शिकायत में बताया कि अब यह सरसों ना मंडी में है और ना ही गोदाम में पहुंची। पूर्व जिला प्रबंधक हैफेड होशियार सिंह पर भी सहीं तरीके से निगरानी नहीं करने, व्यक्ति तौर पर निगरानी नहीं कर लापरवाही करने, कर्मचारियों से मिलीभगत कर विभाग को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार की शिकायत पर यहां मैनेजर सुरेंद्र सिंह, नवीन कुमार, पूर्व जिला प्रबंधक होशियार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
तोशाम में हुआ सबसे बड़ा घोटाला
सरसों में सबसे बड़ा घोटाला तोशाम में हुआ है। यहां खरीद केंद्र तोशाम में बवानीखेड़ा सहकारी विपणन समिति लि. बवानीखेडा के माध्यम से खरीद हुई। 15 मार्च से 31 मई तक 92464.30 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। मगर गोदाम तक पहुंची 86950.23 क्विंटल सरसों। यानी 5514.07 क्विंटल सरसों गायब हो गई। इस सरसों की कीमत करीब दो करोड़ 33 लाख 46 हजार 572 रुपये आंकी जा रही है। जहां जिला प्रबंधक कृष्ण कुमार की शिकायत पर तोशाम थाना पुलिस ने बवानीखेड़ा सहकारी विपणन समिति लि. बवानीखेड़ा मैनेजर धर्मेंद्र कुमार, चपड़ासी कम चौकीदार सुरेंद्र सिंह, पूर्व जिला प्रबंधक होशियार सिंह व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
जूई से गायब हुई 211.81 क्विंटल सरसों
तोशाम और भिवानी की तरह ही जूई से भी 211.81 क्विंटल सरसों गायब हो गई है। यहां भी अब सरसों ना मंडी में है और ना ही गोदाम में पहुंची। गायब हुई सरसों की कीमत करीब आठ लाख 96 हजार 804 रुपये आंकी जा रही है। यहां भी हैफेड के पूर्व डिस्ट्रिक्ट मैनेजर होशियार सिंह, फिल्ड इंस्पेक्टर अनीत कुमार, चौकीदार राज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
चार करोड़ से ज्यादा का है घोटाला
प्राथमिक जांच में ही दो करोड़ 68 लाख 53 हजार से ज्यादा का सरसों घोटाला सामने आ चुका है। सूत्र बताते है कि यहां कर्मचारियों ने किसी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए घटत को पूरा करने का भी प्रयास किया है। काफी सरसों खरीदकर रखवाई गई है ताकि विभागीय और पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके। इसके बावजूद भी अगर सही जांच होती है तो यह सरसों का घोटाला चार हजार करोड़ से ज्यादा का हो सकता है।