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Ballia News: तहसीलदार के पेशकार पर फर्जी नामांतरण अपलोड करने का आरोप
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बलिया। तहसील सदर के न्यायालय में विचाराधीन नामांतरण वाद की पत्रावली में बिना मूल आदेश के आरसीसीएमएस पोर्टल पर आदेश अपलोड किए जाने का मामला सामने आया है।
तहसीलदार सदर अतुल हर्ष की तहरीर पर पेशकार सुमन्त पाण्डेय के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना समेत प्रचलित विधि की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तहसीलदार सदर अतुल हर्ष की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार वाद खुशबुन नेशा बनाम हुसनबानों धारा-34 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 के तहत न्यायालय में विचाराधीन है।
जांच के दौरान मूल पत्रावली में 26 मई का कोई नामांतरण आदेश नहीं मिला, जबकि आरसीसीएमएस पोर्टल पर इसी तारीख का आदेश अपलोड प्रदर्शित हो रहा था।
इसके बाद रेस्टोरेशन वाद दर्ज कर चार जून को बिना किसी आदेश के उसे स्वीकृत किए जाने की बात भी सामने आई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मूल पत्रावली में न तो रेस्टोरेशन स्वीकृत करने का आदेश है और न ही ऐसा कोई आदेश उनके स्तर से जारी किया गया।
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जांच में यह भी सामने आया कि आरसीसीएमएस पोर्टल पर लॉगिन के लिए पेशकार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इसके बाद ही आदेश अपलोड किया जा सकता है। पेशकार से मोबाइल पर हुई बातचीत में उन्होंने पोर्टल पर आदेश अपलोड होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
कोतवाल प्रवीण सिंह ने कहा कि तहसीलदार सदर की तहरीर पर पेशकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है। प्रकरण से जुड़े अभिलेखों और तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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तहसीलदार सदर अतुल हर्ष की तहरीर पर पेशकार सुमन्त पाण्डेय के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना समेत प्रचलित विधि की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तहसीलदार सदर अतुल हर्ष की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार वाद खुशबुन नेशा बनाम हुसनबानों धारा-34 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 के तहत न्यायालय में विचाराधीन है।
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जांच के दौरान मूल पत्रावली में 26 मई का कोई नामांतरण आदेश नहीं मिला, जबकि आरसीसीएमएस पोर्टल पर इसी तारीख का आदेश अपलोड प्रदर्शित हो रहा था।
इसके बाद रेस्टोरेशन वाद दर्ज कर चार जून को बिना किसी आदेश के उसे स्वीकृत किए जाने की बात भी सामने आई। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मूल पत्रावली में न तो रेस्टोरेशन स्वीकृत करने का आदेश है और न ही ऐसा कोई आदेश उनके स्तर से जारी किया गया।
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जांच में यह भी सामने आया कि आरसीसीएमएस पोर्टल पर लॉगिन के लिए पेशकार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इसके बाद ही आदेश अपलोड किया जा सकता है। पेशकार से मोबाइल पर हुई बातचीत में उन्होंने पोर्टल पर आदेश अपलोड होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई।
कोतवाल प्रवीण सिंह ने कहा कि तहसीलदार सदर की तहरीर पर पेशकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया गया है। प्रकरण से जुड़े अभिलेखों और तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संवाद