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....साहब अभी मैं जिंदा हूं, पेंशन क्यों बंद दी

Tue, 22 Jan 2019 01:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2019 01:15 AM IST
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....साहब अभी मैं जिंदा हूं, पेंशन क्यों बंद दी

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भिवानी। ...साहब मैं अभी जिंदा हूं। यह बात खुद पेंशन पाने वाले बुजुर्गों को समाज कल्याण विभाग कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों के समक्ष कहनी पड़ रही है और अपने जिंदा होने का प्रमाण भी देना पड़ रहा है। कुछ इसी तरह की समस्या इन दिनों जिले भर के सैकड़ों बुजुर्गों के सामने आ रही है। समाज कल्याण विभाग से एक बार पेंशन बंद हो जाने के बाद दोबारा पेंशन शुरू करने के लिए बुजुर्ग से उसके जिंदा होने का प्रमाण यानी लिविंग सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है। वहीं चार बार अगर एटीएम से पेंशन राशि निकली तो पेंशन बंद की जा रही है।
सोमवार को कुछ इसी तरह की समस्या से जूझ रहे गांव मोरका के बुजुर्ग लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे। बुजुर्गों ने समाज कल्याण विभाग कार्यालय में पहुंचकर अपनी पेंशन बंद करने का कारण जाना तो उनके समक्ष अधिकारियों ने इसकी वजह स्पष्ट कर दी। गांव मोरका निवासी बुजुर्ग रामसिंह, केसरीचंद, दुर्गा देवी, मान सिंह, हंसकौर, मांगेराम, सतबीर व किताबों ने बताया कि 60 किलोमीटर दूर से चलकर वे लघु सचिवालय तक पहुंचे हैं। यहां आने के बाद उन्हें बताया गया कि उन्होंने पेंशन राशि निकालने के लिए एटीएम का इस्तेमाल किया है। इसी वजह से उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। जबकि समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने उन्हें फार्म मुहैया कराया, जिसमें स्पष्ट हिदायतें दी गई हैं कि बैंक से पेंशन लेते समय वे वाउचर या बॉयोमीट्रिक प्रक्रिया से ही पैसे निकालेंगे। एटीएम का इस्तेमाल नहीं करेंगे। एटीएम इस्तेमाल करने वाले बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी गई है। करीबन 60 से 70 बुजुर्ग ऐसे हैं, जो वर्षों से पेंशन लेते आ रहे हैं, मगर अब उनकी पेंशन अचानक ही बंद कर दी गई है।
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बुजुर्गों के आरोप, पेंशन हड़पना चाहते है अधिकारी
जिन बुजुर्गों की पेंशन बंद की गई हैं, उनसे बकाया पेंशन की कोई दावेदारी नहीं कराए जाने संबंधी भी लिखित में लिया जा रहा हैं। जिसका बुजुर्गों ने कड़ा विरोध किया है। बुजुर्गों का आरोप है कि उनकी बकाया पेंशन को विभागीय अधिकारी हड़पना चाहते हैं, जबकि पेंशन के हकदार होने के बावजूद उन्हें पेंशन नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि गांव के कई बुजुर्ग तो 80 से 85 साल के हो चुके हैं, जो चलने फिरने या फिर बैंक तक जाने में भी असमर्थ हो चुके हैं। ऐसे बुजुर्ग अपनी पेंशन एटीएम के जरिए ही मंगवाते हैं, जिस पर उनकी पेंशन विभाग द्वारा बंद कर दी गई है।
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जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पेंशन उपभोक्ता अगर लगातार एटीएम से पेंशन की निकासी करते हैं तो उनकी पेंशन बंद कर दी जाएगी। इसके लिए खुद बुजुर्ग को वाउचर द्वारा प्रति माह पेंशन राशि निकालनी होगी। अगर पेंशन बंद होती है तो फिर चालू कराने के लिए उसे सरपंच से अपने जीवित रहने का प्रमाण पत्र भी विभाग को देना होगा। पेंशन में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी की संभावनाओं पर विराम लगाने के लिए विभाग द्वारा यह कदम उठाए गए हैं।
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