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सात घंटे बाद शव लेने को तैयार हुए परिजन

Thu, 03 May 2018 12:48 AM IST
Updated Thu, 03 May 2018 12:48 AM IST
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सात घंटे बाद शव लेने को तैयार हुए परिजन
अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी
औद्योगिक क्षेत्र में दो सीवरमैन की मौत के मामले में कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर दिनभर गतिरोध बना रहा। परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद करीब सात घंटे तक शव नहीं लिये। एडीसी की मध्यस्थता में हुई तीसरे दौर की वार्ता में समझौता हुआ और परिजन शव लेने को तैयार हुए। शासन-प्रशासन की ओर से मृतकों के आश्रितों को साढ़े 15-15 लाख रुपये देने और डीसी रेट पर एक-एक सरकारी नौकरी दी जाएगी। उधर, लापरवाही बरतने पर हुडा के एसडीओ और पंप ऑपरेटर के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे सीवरमैन मुकेश और राजेश के शव पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और 25-25 लाख मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर शव लेने से इनकार कर दिया। एसडीएम सतीश कुमार ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं माने। जिला अस्पताल के आयुष विभाग के कार्यालय में एसडीएम के साथ दो दौर की वार्ता हुई। लेकिन, किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच पाए।
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इसके बाद परिजनों व कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि तीन बजे तक उनकी मांग नहीं पूरी की तो वे धरना आरंभ देंगे। बातचीत में कोई नतीजा न निकलने के बाद लोगों अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया। करीब दो घंटे के धरने के बाद प्रशासन ने बातचीत के लिए फिर आमंत्रित किया। एडीसी ऑफिस में करीब तीन घंटे चली बैठक में आठ बिंदुओं पर सहमति बनी और गतिरोध टूटा। मुकेश के परिजनों ने शव लेकर अंतिम संस्कार कर दिया। राजेश के परिजन वीरवार सुबह अंतिम संस्कार करेंगे।
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साढ़े 15-15 लाख व डीसी रेट पर नौकरी पर सहमति
करीब तीन घंटे चली बैठक में शासन और प्रशासन की ओर से मृतकों के आश्रितों को साढ़े 15-15 लाख रुपये मुआवजा देने, डीसी रेट पर ऑन रोल पर परिजनों को एक-एक नौकरी देने पर तो सहमति हो गई। बताया जाता है कि कर्मचारी की मौत पर मिलने वाली 10 राशि रुपये की राशि के अलावा ढाई-ढाई लाख रुपये हुडा और तीन लाख रुपये हरियाणा सरकार की योजना के तहत दिए जाएंगे।
कर्मचारी नेताओं ने ठेकेदार से 10-10 रुपये दिलाए जाने की मांग रखी। तय हुआ कि इसके लिए प्रशासन प्रयास करेगा। यह भी मांग की गई कि ठेकेदार ने यदि ईएसआई फंड जमा नहीं कराया तो उसके खिलाफ कार्रवाई के अलावा लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा और इस मामले में दर्ज एफआईआर में ठेकेदार का नाम भी शामिल किया जाना चाहिए।
अंतिम दौर की वार्ता में एडीसी संगीता तेतरवाल, एसडीएम सतीश कुमार के अलावा हुडा विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में नगर पालिका संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री, कामरेड ओमप्रकाश, मास्टर रमेश ढिकाव, कर्मचारी नेता एसके सिंगला, करनैल सिंह बागड़ी, सुरेश डुलगच, नगर परिषद यूनियन के प्रधान कमल कांगड़ा, पुरुषोत्तम दानव आदि ने हिस्सा लिया।


एसडीओ व पंप ऑपरेटर के खिलाफ मामला दर्ज
सिविल लाइन थाना पुलिस ने दो मौतों के मामले में हुडा के एसडीओ के पद नाम पर और पंप ऑपरेटर सत्यनारायण के खिलाफ धारा 304-ए के तहत मामला दर्ज किया है। एसएचओ अजीत सिंह ने बताया कि मृतकों के साथी अमित की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पंप ऑपरेटर के कहने पर सफाई करने से सीवर में दोनों उतरे थे।
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