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शिक्षा विभाग की लापरवाही, 16 मार्च को होने वाला नौंवी कक्षा का गणित पेपर एक निजी स्कूल में सात मार्च को ही करवाया
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। नौंवी कक्षा की परीक्षा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लापरवाही ब्लॉक लेवल पर हुई। जो परीक्षा 16 मार्च को होनी थी वह परीक्षा सात मार्च को ही तोशाम के एक निजी स्कूल में करवा दी गई। शिकायत हुई तो जिला शिक्षा अधिकारी तोशाम पहुंचे और जांच की। वहीं किसी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए निजी स्कूल संचालक ने शुक्रवार शाम को ही स्कूली बच्चों के घर-घर से प्रश्न पत्र मंगवाए और शनिवार को दोबारा परीक्षा ली। फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी ने सारा रिकार्ड जब्त कर लिया है। वहीं मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। मामले में खंड़ शिक्षा अधिकारी, कलस्टर हेड और स्कूल संचालक पर कार्रवाई हो सकती है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबंधित स्कूलों की नौंवी और 11वीं कक्षा के प्रश्र पत्र शिक्षा विभाग की ओर से बनवाए जाते है। बोर्ड शिक्षा विभाग को प्रश्र पत्र मुहैया करवाता है। जिसके बाद सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों के पास प्रश्न पत्र जाते है। जिला शिक्षा अधिकारी से सभी खंड शिक्षा अधिकारी प्रश्न पत्र लेते है। खंड शिक्षा अधिकारी सभी स्कूल प्रिंसिपल या स्कूल प्रतिनिधि को परीक्षा वाले दिन ही सुबह प्रश्र पत्र देता है।
यूं हुई लापरवाही
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 27 फरवरी को शिक्षा विभाग को नौंवी और 11वीं कक्षा के प्रश्र पत्र सौंप दिए थे। शिक्षा विभाग से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तक प्रश्नपत्र पहुंचे। तोशाम ब्लॉक में 11 कलस्टर हेड बनाए हुए है। खंड शिक्षा अधिकारी ने समय पर स्कूल संचालकों को प्रश्र पत्र मुहैया कराने के लिए कलस्टर हेड के पास प्रश्र पत्र रखवाए। एक कलस्टर हेड ने एक-दो दिन तो हर रोज स्कूल संचालकों या प्रतिनिधियों को प्रश्र पत्र दिए। तीन या चार मार्च को सभी स्कूल संचालकों और उनके प्रतिनिधियों को एक साथ ही सारे प्रश्न पत्र सौंप दिए। एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने डेटशीट के अनुसार चलने की बजाए 16 मार्च को प्रस्तावित गणित विषय का पेपर सात मार्च को ही करवा दिया।
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दिखाने के लिए दोबारा मंगवाए प्रश्न पत्र
सात मार्च को हो चुकी नौंवी की गणित विषय की परीक्षा का मामला जब खुला तो स्कूल संचालक ने आनन-फानन में शुक्रवार को ही सभी बच्चों के घरों से प्रश्नपत्र मंगवाए। सभी बच्चों कोशनिवार सुबह बुलाया। मामला सामने आने के बाद सुबह जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे तो अधिकतर बच्चे परीक्षा देकर बाहर निकल रहे थे। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह ने परीक्षा देकर निकल रहे बच्चों के हाथों से प्रश्न पत्र लिए। जिन्हें देखकर साफ लग रहा था कि ये प्रश्र पत्र काफी समय पहले प्रयोग किए गए है। जिन्हें रिकार्ड में जब्त कर लिया गया है।
रद्द हो सकती है परीक्षा, 20 लाख का होगा नुकसान
नौंवी कक्षा की मैथ की परीक्षा अब रद्द हो सकती है। समय से पहले परीक्षा होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने परीक्षा स्थगित करने की बजाए परीक्षा लेना बेहतर समझा। अब जिला शिक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट उपायुक्त और शिक्षा विभाग मुख्यालय भेजी है। अब यह परीक्षा रद्द हो सकती है। अगर रद्द होती है तो शिक्षा विभाग को करीब 20 लाख का नुकसान होगा।
वर्जन:::
खंड़ स्तर पर लापरवाही हुई है। स्कूल संचालक की तो लापरवाही है ही खंड शिक्षा अधिकारी, कलस्टर हेड ने भी अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरती है। हालांकि अन्य कलस्टर और अन्य स्कूलों में परीक्षा व्यवधान के आज ही हुई है। लीक वाली कोई बात सामने नहीं आई। फिलहाल रिपोर्ट मु यालय भेजी जा रही है। स्कूल से बच्चे परीक्षा देकर निकल रहे थे। करीब 25 परीक्षार्थियों से प्रश्र पत्र लिए है। जिनकी हालत यह है कि 10-12 दिन पहले परीक्षा ली गई हो। उत्तर पुस्तिकाएं कब्जे में ली है, जिन पर सात मार्च दर्ज है। जिससे साफ है कि सात मार्च को गणित विषय की परीक्षा ली गई है।
अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी
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वर्जन:::
नौंवी और 11वीं कक्षाओं की परीक्षाओं से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं है। बोर्ड सिर्फ शिक्षा विभाग को प्रश्र पत्र मुहैया करवाता है। अगर दोबारा से प्रश्न पत्र छपवाने के लिए शिक्षा विभाग कहता है तो वे चार्ज लेंगे।
डॉ. जगबीर सिंह, चेयरमैन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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वर्जन:::
मामला संज्ञान में आया है। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी शिक्षा विभाग मुख्यालय में अपनी रिपोर्ट भेजेंगे और वहां के संबंधित अधिकारी ही मामले में आधिकारिक कार्रवाई करेंगे।
डॉ. अंशज सिंह, डीसी
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भिवानी। नौंवी कक्षा की परीक्षा में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। लापरवाही ब्लॉक लेवल पर हुई। जो परीक्षा 16 मार्च को होनी थी वह परीक्षा सात मार्च को ही तोशाम के एक निजी स्कूल में करवा दी गई। शिकायत हुई तो जिला शिक्षा अधिकारी तोशाम पहुंचे और जांच की। वहीं किसी तरह की कार्रवाई से बचने के लिए निजी स्कूल संचालक ने शुक्रवार शाम को ही स्कूली बच्चों के घर-घर से प्रश्न पत्र मंगवाए और शनिवार को दोबारा परीक्षा ली। फिलहाल जिला शिक्षा अधिकारी ने सारा रिकार्ड जब्त कर लिया है। वहीं मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई है। मामले में खंड़ शिक्षा अधिकारी, कलस्टर हेड और स्कूल संचालक पर कार्रवाई हो सकती है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबंधित स्कूलों की नौंवी और 11वीं कक्षा के प्रश्र पत्र शिक्षा विभाग की ओर से बनवाए जाते है। बोर्ड शिक्षा विभाग को प्रश्र पत्र मुहैया करवाता है। जिसके बाद सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों के पास प्रश्न पत्र जाते है। जिला शिक्षा अधिकारी से सभी खंड शिक्षा अधिकारी प्रश्न पत्र लेते है। खंड शिक्षा अधिकारी सभी स्कूल प्रिंसिपल या स्कूल प्रतिनिधि को परीक्षा वाले दिन ही सुबह प्रश्र पत्र देता है।
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यूं हुई लापरवाही
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 27 फरवरी को शिक्षा विभाग को नौंवी और 11वीं कक्षा के प्रश्र पत्र सौंप दिए थे। शिक्षा विभाग से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तक प्रश्नपत्र पहुंचे। तोशाम ब्लॉक में 11 कलस्टर हेड बनाए हुए है। खंड शिक्षा अधिकारी ने समय पर स्कूल संचालकों को प्रश्र पत्र मुहैया कराने के लिए कलस्टर हेड के पास प्रश्र पत्र रखवाए। एक कलस्टर हेड ने एक-दो दिन तो हर रोज स्कूल संचालकों या प्रतिनिधियों को प्रश्र पत्र दिए। तीन या चार मार्च को सभी स्कूल संचालकों और उनके प्रतिनिधियों को एक साथ ही सारे प्रश्न पत्र सौंप दिए। एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने डेटशीट के अनुसार चलने की बजाए 16 मार्च को प्रस्तावित गणित विषय का पेपर सात मार्च को ही करवा दिया।
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दिखाने के लिए दोबारा मंगवाए प्रश्न पत्र
सात मार्च को हो चुकी नौंवी की गणित विषय की परीक्षा का मामला जब खुला तो स्कूल संचालक ने आनन-फानन में शुक्रवार को ही सभी बच्चों के घरों से प्रश्नपत्र मंगवाए। सभी बच्चों कोशनिवार सुबह बुलाया। मामला सामने आने के बाद सुबह जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल पहुंचे तो अधिकतर बच्चे परीक्षा देकर बाहर निकल रहे थे। जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह ने परीक्षा देकर निकल रहे बच्चों के हाथों से प्रश्न पत्र लिए। जिन्हें देखकर साफ लग रहा था कि ये प्रश्र पत्र काफी समय पहले प्रयोग किए गए है। जिन्हें रिकार्ड में जब्त कर लिया गया है।
रद्द हो सकती है परीक्षा, 20 लाख का होगा नुकसान
नौंवी कक्षा की मैथ की परीक्षा अब रद्द हो सकती है। समय से पहले परीक्षा होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने परीक्षा स्थगित करने की बजाए परीक्षा लेना बेहतर समझा। अब जिला शिक्षा अधिकारी ने रिपोर्ट उपायुक्त और शिक्षा विभाग मुख्यालय भेजी है। अब यह परीक्षा रद्द हो सकती है। अगर रद्द होती है तो शिक्षा विभाग को करीब 20 लाख का नुकसान होगा।
वर्जन:::
खंड़ स्तर पर लापरवाही हुई है। स्कूल संचालक की तो लापरवाही है ही खंड शिक्षा अधिकारी, कलस्टर हेड ने भी अपनी ड्यूटी में घोर लापरवाही बरती है। हालांकि अन्य कलस्टर और अन्य स्कूलों में परीक्षा व्यवधान के आज ही हुई है। लीक वाली कोई बात सामने नहीं आई। फिलहाल रिपोर्ट मु यालय भेजी जा रही है। स्कूल से बच्चे परीक्षा देकर निकल रहे थे। करीब 25 परीक्षार्थियों से प्रश्र पत्र लिए है। जिनकी हालत यह है कि 10-12 दिन पहले परीक्षा ली गई हो। उत्तर पुस्तिकाएं कब्जे में ली है, जिन पर सात मार्च दर्ज है। जिससे साफ है कि सात मार्च को गणित विषय की परीक्षा ली गई है।
अजीत श्योराण, जिला शिक्षा अधिकारी
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वर्जन:::
नौंवी और 11वीं कक्षाओं की परीक्षाओं से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं है। बोर्ड सिर्फ शिक्षा विभाग को प्रश्र पत्र मुहैया करवाता है। अगर दोबारा से प्रश्न पत्र छपवाने के लिए शिक्षा विभाग कहता है तो वे चार्ज लेंगे।
डॉ. जगबीर सिंह, चेयरमैन
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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वर्जन:::
मामला संज्ञान में आया है। जिला शिक्षा अधिकारी इसकी शिक्षा विभाग मुख्यालय में अपनी रिपोर्ट भेजेंगे और वहां के संबंधित अधिकारी ही मामले में आधिकारिक कार्रवाई करेंगे।
डॉ. अंशज सिंह, डीसी