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किसी को फूड इंस्पेक्टर लगाने के नाम पर ठगा तो किसी को पुलिस कर्मी
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
एक केंद्रीय मंत्री के माध्यम से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। ठगी एक या दो से नहीं बल्कि आठ से 10 युवाओं से की गई। किसी को फूड इंस्पेक्टर लगवाने के नाम पर ठगा तो किसी को चंडीगढ़ पुलिस, डी ग्रुप भर्ती के नाम पर। पुलिस ने आरोपी राव विरेंद्र के खिलाफ अब तक पांच केस दर्ज कर लिए है। एक केस में वह गिरफ्तार भी हो गया है। वहीं पुलिस अब जांच कर रही है कि कितने लोगों से ठगी की गई। नौकरी के लिए रुपये देने वाले बेरोजगार युवाओं की माने तो करीब 10-12 बेरोजगार युवा तो उनके सामने आ चुके है जो ठगी का शिकार हुए। उनसे 50 से 60 लाख रुपये की ठगी की गई है। मामले में पुलिस जांच में जुटी है।
आरोपी राव विरेंद्र पर पिछले सप्ताह एक महिला ने रुपये मांगे, छेड़छाड़, गाली गलौच के आरोप लगाए थे। जिस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया हैै। वह फिलहाल जेल में है। उसके जेल जाने की सूचना पर उसे नौकरी के लिए रुपये देने वाले बेरोजगार युवा भी अब थाने पहुंच रहे है। करीब 10 युवा अब तक थाने पहुंचकर उनके साथ धोखाधड़ी किए जाने की बात कह चुके है। पुलिस अधीक्षक को बातचीत की रिकार्डिंग भी सुना चुके है।
ये हुए शिकार
फूड इंस्पेक्टर के नाम पर ठगे साढ़े तीन लाख
दादरी गेट वासी राकेश ने बताया कि उसे फूड इंस्पेक्टर लगवाने के नाम पर उससे सात लाख रुपये की मांगकी गई। उसे कहा कि एक केंद्रीय मंत्री से अच्छे लिंक है और उसी के माध्यम से नौकरी लगवाया जाएगा। उससे आधे रुपये एडवांस मांगे गए। उसने किसी तरह व्यवस्था करके साढ़े तीन लाख रुपये दिए मगर अब उसे नौकरी ही नहीं लगवाया। पहले बताया कि 28 फरवरी को रिजल्ट आएगा। फिर कहा कि पांच मार्च को, 10 मार्च को। मगर उसका चयन नहीं हुआ। अब उसे रुपये मांगने पर धमकी दी जा रही है।
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डी ग्रुप में भर्ती के नाम पर मांगे साढ़े तीन लाख, डेढ लाख रुपये एडवांस
पालुवास गांव वासी युवक सुंदर ने आरोपी राव विरंद्र और सतीश ने उसे हरियाणा डी ग्रुप भर्ती में लगवाने का वायदा किया। उसे कहा कि साढ़े तीन लाख रुपये लगेंगे। डेढ़ लाख रुपये एडवांस देने होंगे। उसने किसी तरह डेढ़ लाख रुपये कहीं से व्यवस्था कर लाकर दिए। पहले कहा कि 28 फरवरी को रिजल्ट आएगा, फिर पांच को आठ को और 10 मार्च तक बात आ गई। उसका चयन नहीं हुआ तो उसे धोखाधड़ी का आभास हुआ। उसकी नौकरी नहीं लगी। उसकी बेरोजगारी का फायदा उठाकर उसके रुपये ठगे गए है।
चंडीगढ़ पुलिस में लगवाने के नाम पर मांगे सात लाख, ठगे चार लाख
राव विरेंद्र और सतीश ने मिलकर हालुवास गेट नूनसर मोहल्ला वासी जितेंद्र को भी अपना शिकार बनाया। पुलिस को दी शिकायत में जितेंद्र ने बताया कि उसे चंडीगढ़ पुलिस में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए सात लाख रुपये मांग कीगई। चार लाख रुपये एडवांस मांगे गए। नौकरी मिलने की लालसा में उसने किसी तरह चार लाख रुपये की व्यवस्था की। मगर उसकी नौकरी नहीं लगी। अब रुपये मांगे तो उससे गाली गलौच करने लगे। टांगे तुड़वा देने की धमकी दी गई।
डी ग्रुप में लगवाने के नाम पर डेढ़ लाख ठगे
देवसर वासी राहुल ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसने अपने छोटे भाई को नौकरी लगवाने के लिए राव विरेंद्र को रुपये दिए। उससे तीन लाख रुपये मांग कीगई। आधे एडवांस मांगे गए। उसने डेढ़ लाख रुपये किसी तरह व्यवस्था कर दिए। अब उसे पता लगा है कि आरोपी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हो गया है। आरोपी ने उसके भाई को नौकरी भी नहीं लगवाई और धोखाधड़ी की।
नौकरी नहीं लगी तो ब्याज सहित रुपये लौटाउंगा और राजनीति छोड़ दूंगा
शिकायत कर्ता राकेश, राहुल ने बताया कि ठग राव विरेंद्र ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अगर नौकरी नहीं लगी तो ब्याज समेत रुपये लौटाउंगा। इतना ही नहीं राजनीति तक छोड़ दूंगा। एक केंद्रीय मंत्री से उसके गहरे लिंक है। राहुल ने बताया कि उसके सामने शर्त रखी गई कि आज ही रुपये देने होंगे, नहीं तो नौकरी नहीं लगे। छोटे भाई की नौकरी के लिए वह पांच रुपये सैकड़ा ब्याज पर रुपये लेकर आया और अब ठगी का शिकार हो गया है।
वर्जन:::
आरोपी राव विरेंद्र और सतीश के खिलाफ शहर थाना और सिविल लाइन थाना में केस दर्ज किए गए है। मामलों की जांच की जा रही है। वह एक मामले में जेल में है। हम सभी बेरोजगारों से अपील करते है कि नौकरी के नाम पर किसी को रुपये ना दें।
विरेंद्र सिंह, डीएसपी
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भिवानी।
एक केंद्रीय मंत्री के माध्यम से नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। ठगी एक या दो से नहीं बल्कि आठ से 10 युवाओं से की गई। किसी को फूड इंस्पेक्टर लगवाने के नाम पर ठगा तो किसी को चंडीगढ़ पुलिस, डी ग्रुप भर्ती के नाम पर। पुलिस ने आरोपी राव विरेंद्र के खिलाफ अब तक पांच केस दर्ज कर लिए है। एक केस में वह गिरफ्तार भी हो गया है। वहीं पुलिस अब जांच कर रही है कि कितने लोगों से ठगी की गई। नौकरी के लिए रुपये देने वाले बेरोजगार युवाओं की माने तो करीब 10-12 बेरोजगार युवा तो उनके सामने आ चुके है जो ठगी का शिकार हुए। उनसे 50 से 60 लाख रुपये की ठगी की गई है। मामले में पुलिस जांच में जुटी है।
आरोपी राव विरेंद्र पर पिछले सप्ताह एक महिला ने रुपये मांगे, छेड़छाड़, गाली गलौच के आरोप लगाए थे। जिस मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया हैै। वह फिलहाल जेल में है। उसके जेल जाने की सूचना पर उसे नौकरी के लिए रुपये देने वाले बेरोजगार युवा भी अब थाने पहुंच रहे है। करीब 10 युवा अब तक थाने पहुंचकर उनके साथ धोखाधड़ी किए जाने की बात कह चुके है। पुलिस अधीक्षक को बातचीत की रिकार्डिंग भी सुना चुके है।
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ये हुए शिकार
फूड इंस्पेक्टर के नाम पर ठगे साढ़े तीन लाख
दादरी गेट वासी राकेश ने बताया कि उसे फूड इंस्पेक्टर लगवाने के नाम पर उससे सात लाख रुपये की मांगकी गई। उसे कहा कि एक केंद्रीय मंत्री से अच्छे लिंक है और उसी के माध्यम से नौकरी लगवाया जाएगा। उससे आधे रुपये एडवांस मांगे गए। उसने किसी तरह व्यवस्था करके साढ़े तीन लाख रुपये दिए मगर अब उसे नौकरी ही नहीं लगवाया। पहले बताया कि 28 फरवरी को रिजल्ट आएगा। फिर कहा कि पांच मार्च को, 10 मार्च को। मगर उसका चयन नहीं हुआ। अब उसे रुपये मांगने पर धमकी दी जा रही है।
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डी ग्रुप में भर्ती के नाम पर मांगे साढ़े तीन लाख, डेढ लाख रुपये एडवांस
पालुवास गांव वासी युवक सुंदर ने आरोपी राव विरंद्र और सतीश ने उसे हरियाणा डी ग्रुप भर्ती में लगवाने का वायदा किया। उसे कहा कि साढ़े तीन लाख रुपये लगेंगे। डेढ़ लाख रुपये एडवांस देने होंगे। उसने किसी तरह डेढ़ लाख रुपये कहीं से व्यवस्था कर लाकर दिए। पहले कहा कि 28 फरवरी को रिजल्ट आएगा, फिर पांच को आठ को और 10 मार्च तक बात आ गई। उसका चयन नहीं हुआ तो उसे धोखाधड़ी का आभास हुआ। उसकी नौकरी नहीं लगी। उसकी बेरोजगारी का फायदा उठाकर उसके रुपये ठगे गए है।
चंडीगढ़ पुलिस में लगवाने के नाम पर मांगे सात लाख, ठगे चार लाख
राव विरेंद्र और सतीश ने मिलकर हालुवास गेट नूनसर मोहल्ला वासी जितेंद्र को भी अपना शिकार बनाया। पुलिस को दी शिकायत में जितेंद्र ने बताया कि उसे चंडीगढ़ पुलिस में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए सात लाख रुपये मांग कीगई। चार लाख रुपये एडवांस मांगे गए। नौकरी मिलने की लालसा में उसने किसी तरह चार लाख रुपये की व्यवस्था की। मगर उसकी नौकरी नहीं लगी। अब रुपये मांगे तो उससे गाली गलौच करने लगे। टांगे तुड़वा देने की धमकी दी गई।
डी ग्रुप में लगवाने के नाम पर डेढ़ लाख ठगे
देवसर वासी राहुल ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसने अपने छोटे भाई को नौकरी लगवाने के लिए राव विरेंद्र को रुपये दिए। उससे तीन लाख रुपये मांग कीगई। आधे एडवांस मांगे गए। उसने डेढ़ लाख रुपये किसी तरह व्यवस्था कर दिए। अब उसे पता लगा है कि आरोपी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार हो गया है। आरोपी ने उसके भाई को नौकरी भी नहीं लगवाई और धोखाधड़ी की।
नौकरी नहीं लगी तो ब्याज सहित रुपये लौटाउंगा और राजनीति छोड़ दूंगा
शिकायत कर्ता राकेश, राहुल ने बताया कि ठग राव विरेंद्र ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अगर नौकरी नहीं लगी तो ब्याज समेत रुपये लौटाउंगा। इतना ही नहीं राजनीति तक छोड़ दूंगा। एक केंद्रीय मंत्री से उसके गहरे लिंक है। राहुल ने बताया कि उसके सामने शर्त रखी गई कि आज ही रुपये देने होंगे, नहीं तो नौकरी नहीं लगे। छोटे भाई की नौकरी के लिए वह पांच रुपये सैकड़ा ब्याज पर रुपये लेकर आया और अब ठगी का शिकार हो गया है।
वर्जन:::
आरोपी राव विरेंद्र और सतीश के खिलाफ शहर थाना और सिविल लाइन थाना में केस दर्ज किए गए है। मामलों की जांच की जा रही है। वह एक मामले में जेल में है। हम सभी बेरोजगारों से अपील करते है कि नौकरी के नाम पर किसी को रुपये ना दें।
विरेंद्र सिंह, डीएसपी