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दो पूर्व सरपंचों, सात पूर्व पंचों और दो तत्कालीन बीडीपीओ पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

Wed, 05 Jun 2019 12:16 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2019 12:16 AM IST
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दो पूर्व सरपंचों, सात पूर्व पंचों और दो तत्कालीन बीडीपीओ पर धोखाधड़ी का केस दर्ज
तोशाम। दो पंचवर्षीय योजनाओं में तोशाम के सरपंच पद पर रहते हुए एक महिला व एक पुरुष सरपंच ने सात पंचों व दो बीडीपीओ व अन्य अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर सरकार को चूना लगाया। वहीं सरकारी संपत्ति का भी दुरुपयोग किया। तोशाम एसडीएम ने मामले की जांच में सरकारी राशि के गबन और फर्जी रिकार्ड तैयार करने में धोखाधड़ी करने का पंचायत प्रतिनिधियों को दोषी पाया था। अब इस मामले में न्यायालय में इस्तगासा दायर की गई है। जिसके बाद पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
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तोशाम निवासी राजेंद्र मेघवाल ने विभिन्न स्तर पर प्रशासनिक शिकायतें करने के बाद कार्रवाई न होने पर कोर्ट में इस्तगासा दायर किया गया। शिकायत में अधिकारियों, पूर्व सरपंचों एवं पंचों पर सरकारी संपत्ति का दुरूपयोग करने व अमानत में खयानत का आरोप है। शिकायतकर्ता द्वारा इस्तगासा में उच्च अधिकारियों की रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है। जिसमें गबन का दोषी मिलने का दावा किया गया है। 2001 से लेकर 2010 तक दो पंचवर्षीय योजनाओं में एक महिला सहित दो पूर्व सरपंचों ने अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी राशि का फर्जी रिकार्ड तैयार करके सरकारी खजाने से पैसे निकलवाकर गबन करने का आरोप है। शिकायत में बताया गया है कि 2008 में अतिरिक्त उपायुक्त ने भी एक पत्र के माध्यम से पांच हजार ईंट व 57 कट्टे सीमेंट अधिक दर्शाने का जिक्र करते हुए वसूली करने की बात कही। शिकायतकर्ता ने शिकायत में दिया है कि दिसंबर 2011 में एसडीएम ने भी जांच में दोषी पाया। लेकिन पंचायत अधिकारियों द्वारा षड्यंत्र रचकर सरकारी पैसे का गबन किया है। इसके बाद मामले की शिकायत प्रशासनिक अधिकारी को दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर पांच माह तक शिकायत को दबाए रखा। इसके बाद मामले की शिकायत उपायुक्त को भी दी गई। मगर फिर भी जांच आगे नहीं बढ़ी और आरोपियों को हर संभव तरीके से बचाने का प्रयास किया गया। इसी मामले की शिकायत राज्य चौकसी ब्यूरो हिसार के एसपी को भी दी गई। इसमें जांच में सभी पर आरोप साबित हुआ, मगर किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। जिस पर आरटीआई कार्यकर्ता ने इस मामले में न्यायालय के अंदर इस्तगासा दायर की। जिसके बाद न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस को विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करने के आदेश जारी किए। न्यायालय के आदेशों के बाद तोशाम पुलिस थाने में दो पूर्व सरपंचों, सात पूर्व पंचों व दो तत्कालीन बीडीपीओ सहित तत्कालीन पंचायती राज एसडीओ के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
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