भिवानी। लघु सचिवालय परिसर के मुख्य गेट के आगे लोहे के स्ट्रीट पोल में आए करंट की चपेट में आकर एक गाय ने दम तोड़ दिया। वहीं उसे बचाने का प्रयास करते समय एक युवक को भी करंट का झटका लगा, लेकिन वह समय रहते पीछे हट गया तो बच गया। वहीं हादसे की जानकारी मिलते ही गो सेवकों ने लघु सचिवालय गेट पर पहुंचकर रोष जताया। वहीं, गाय के शव को नहीं हटाने दिया। गो सेवकों की मांग थी कि यहां पर पाइप लाइन लीकेज व बारिश में जमा पानी और नंगे तारों की वजह से हादसा हुआ है। गो सेवकों ने नारेबाजी कर लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गो रक्षा दल अध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि बारिश के बाद लघु सचिवालय परिसर के गेट के आगे पानी जमा हो गया है। वहीं थोड़ी दूर पर फुटपाथ पर पानी की लाइन भी लीकेज है, जिससे काफी पानी व्यर्थ में ही बह रहा है। शुक्रवार शाम को एक गाय मुख्य गेट के आगे लोहे के स्ट्रीट पोल में आए करंट की चपेट में आ गई। इस स्ट्रीट पोल पर भी बिजली तार नंगे हैं और इसके आसपास लीकेज की वजह से काफी पानी ठहरा हुआ है। जिला प्रशासन की नाक तले कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से गाय की जान चली गई। वहीं एक युवक मरते मरते बचा है। संजय परमार व गो रक्षा दल के अन्य सदस्यों ने देर शाम तक गाय के शव को नहीं हटाने दिया और वहां पर नारेबाजी कर रोष जताया। गो सेवकों ने मांग की है कि पिछले कई दिनों से लघु सचिवालय के गेट के समीप ही लाइन लीकेज हैं, जहां से रोजाना ही काफी लोग भी गुजरते हैं, मगर कोई भी कर्मचारी व अधिकारी इसे ठीक नहीं करा रहा है। इसी की वजह से आज यह हादसा हुआ है। स्ट्रीट पोल के पास पानी जमा नहीं होता और इसके तार खुले नहीं होते तो शायद यह हादसा टल सकता था। वहीं गाय की करंट लगने की मौत की सूचना पर कर्मचारी भी पहुंचे। गो रक्षा दल सदस्यों ने बताया कि बारिश के दौरान शहर के अंदर लोहे के बिजली पोल व नंगे तारों के कारण कई बेजुबान पशु अपनी जान गंवाते हैं, मगर इसके बावजूद भी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी कोई संज्ञान तक नहीं लेते।