{"_id":"c0428948c0e5bb232a9a9179c8ef4298","slug":"city-parks-will-be-repaired-by-five-million-thirty-million-will-be-in-the-outer-colonies-drinking-water-line-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच करोड़ से दुरुस्त होंगे शहर के पार्क, तीन करोड़ से बाहरी कॉलोनियों में होगी पेयजल लाइन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच करोड़ से दुरुस्त होंगे शहर के पार्क, तीन करोड़ से बाहरी कॉलोनियों में होगी पेयजल लाइन
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Mon, 30 Nov 2015 01:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। शहर के पार्कों को पांच करोड़ से दुरुस्त किया जाएगा। पार्कों में न केवल बैठने की जगह होगी बल्कि झूले और हरी घास भी होगी। शहर की आउटर कॉलोनियों में भी पेयजल व सीवरेज लाइनों का जाल बिछेगा। दरअसल केंद्र सरकार ने भिवानी के पांच प्रोजेक्टों को मंजूरी है। पांच साल के प्रोजेक्ट में इनको शामिल किया गया।
केंद्र सरकार ने करीब तीन-चार माह पूर्व प्रदेश के 20 जिलों से मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रपोजल मांगे थे। भिवानी जिले से पांच प्रोजेक्ट शहर के पार्कों की हालत सुधारने, अर्बन ट्रांसपोर्ट, पेयजल व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम और सबसे अहम बरसाती पानी निकासी के प्रोजेक्ट भेजे गए थे। करीब 80 करोड़ के प्रोजेक्ट थे। अब केंद्र सरकार ने 20 जिलों के लिए 4745.27 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इनमें भिवानी जिले के पांचों प्रोजेक्टों को भी मंजूरी मिली है।
इन प्रोजेक्टों को मिली मंजूरी, फिलहाल स्थिति खराब
करीब 30 पार्कों का होगा जीर्णोद्धार : शहर में नगर परिषद के करीब 30 पार्कों को वर्षों से जीर्णोद्धार का इंतजार है। अधिकतर पार्कों की ग्रिल, दीवारें तक तोड़ रखी है। नप ने हर बार पार्कों के लिए प्लानिंग तो बनाई, लेकिन बजट व अन्य कारणों के चलते काम नहीं हुआ। शहर के किरोड़ीमल पार्क में तो अक्सर गंदगी ही पड़ी रहती है। अब केंद्र सरकार से बजट आने के बाद इन पार्कों की हालत सुधरने की आस है।
विज्ञापन
60 करोड़ से मिलेगी जलभराव से निजात : शहर की प्रमुख समस्याओं में जलभराव एक है। शहर के खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र, दिनोद गेट, कन्हीराम अस्पताल क्षेत्र, हालु मोहल्ला, पुराना बस स्टैंड, रेस्ट हाउस से बीटीएम चौक मार्ग, रोहतक गेट, फैंसी चौक, पुराना हाउसिंग बोर्ड आदि स्थानों पर थोड़ी सी बरसात में ही पानी भर जाता है। शहर से बरसाती पानी निकासी के लिए 60 करोड़ का प्रपोजल भेजा गया था। केंद्र सरकार ने इस प्रपोजल को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पूरे शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए लाइनें बिछाई जाएंगी और एक चैनल बनाकर सारे पानी को नहर में पहुंचाया जाएगा।
दुरुस्त होगी सीवरेज व पेयजल लाइन : शहर की बाहरी कॉलोनियों में आज भी लोग दूर दराज के क्षेत्रों से पानी ढोने को मजबूर है। इसके अलावा यहां सीवरेज लाइन नहीं होने के कारण भी लोग परेशान है। बाहरी कॉलोनियों में सीवरेज लाइन के 50 लाख और पानी की लाइन के लिए करीब तीन करोड़ का प्रपोजल भेजा गया था। इसे भी मंजूरी मिली है।
सुधरेगा अर्बन ट्रांसपोर्ट : शहर की अर्बन ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सुधारने के लिए प्रपोजल तैयार कर भेजा गया था। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है। अनेक जगह फुटपाथ भी खस्ताहाल हैं। इनके लिए प्रपोजल भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिली है।
वर्जन:::
केंद्र सरकार ने शहर के पांच प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। अगले पांच साल के दौरान इन पर कार्य होगा। शहर के पार्कों की हालत सुधारी जाएगी और अर्बन ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर बनाया जाएगा। तीन प्रोजेक्ट जनस्वास्थ्य विभाग के हैं।
सुंदर सिंह, एमई, नगर परिषद
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने करीब तीन-चार माह पूर्व प्रदेश के 20 जिलों से मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रपोजल मांगे थे। भिवानी जिले से पांच प्रोजेक्ट शहर के पार्कों की हालत सुधारने, अर्बन ट्रांसपोर्ट, पेयजल व्यवस्था, सीवरेज सिस्टम और सबसे अहम बरसाती पानी निकासी के प्रोजेक्ट भेजे गए थे। करीब 80 करोड़ के प्रोजेक्ट थे। अब केंद्र सरकार ने 20 जिलों के लिए 4745.27 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इनमें भिवानी जिले के पांचों प्रोजेक्टों को भी मंजूरी मिली है।
विज्ञापन
इन प्रोजेक्टों को मिली मंजूरी, फिलहाल स्थिति खराब
करीब 30 पार्कों का होगा जीर्णोद्धार : शहर में नगर परिषद के करीब 30 पार्कों को वर्षों से जीर्णोद्धार का इंतजार है। अधिकतर पार्कों की ग्रिल, दीवारें तक तोड़ रखी है। नप ने हर बार पार्कों के लिए प्लानिंग तो बनाई, लेकिन बजट व अन्य कारणों के चलते काम नहीं हुआ। शहर के किरोड़ीमल पार्क में तो अक्सर गंदगी ही पड़ी रहती है। अब केंद्र सरकार से बजट आने के बाद इन पार्कों की हालत सुधरने की आस है।
विज्ञापन
60 करोड़ से मिलेगी जलभराव से निजात : शहर की प्रमुख समस्याओं में जलभराव एक है। शहर के खाकी बाबा मंदिर क्षेत्र, दिनोद गेट, कन्हीराम अस्पताल क्षेत्र, हालु मोहल्ला, पुराना बस स्टैंड, रेस्ट हाउस से बीटीएम चौक मार्ग, रोहतक गेट, फैंसी चौक, पुराना हाउसिंग बोर्ड आदि स्थानों पर थोड़ी सी बरसात में ही पानी भर जाता है। शहर से बरसाती पानी निकासी के लिए 60 करोड़ का प्रपोजल भेजा गया था। केंद्र सरकार ने इस प्रपोजल को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पूरे शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए लाइनें बिछाई जाएंगी और एक चैनल बनाकर सारे पानी को नहर में पहुंचाया जाएगा।
दुरुस्त होगी सीवरेज व पेयजल लाइन : शहर की बाहरी कॉलोनियों में आज भी लोग दूर दराज के क्षेत्रों से पानी ढोने को मजबूर है। इसके अलावा यहां सीवरेज लाइन नहीं होने के कारण भी लोग परेशान है। बाहरी कॉलोनियों में सीवरेज लाइन के 50 लाख और पानी की लाइन के लिए करीब तीन करोड़ का प्रपोजल भेजा गया था। इसे भी मंजूरी मिली है।
सुधरेगा अर्बन ट्रांसपोर्ट : शहर की अर्बन ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सुधारने के लिए प्रपोजल तैयार कर भेजा गया था। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बदहाल है। अनेक जगह फुटपाथ भी खस्ताहाल हैं। इनके लिए प्रपोजल भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिली है।
वर्जन:::
केंद्र सरकार ने शहर के पांच प्रोजेक्टों को मंजूरी दी है। अगले पांच साल के दौरान इन पर कार्य होगा। शहर के पार्कों की हालत सुधारी जाएगी और अर्बन ट्रांसपोर्टेशन को बेहतर बनाया जाएगा। तीन प्रोजेक्ट जनस्वास्थ्य विभाग के हैं।
सुंदर सिंह, एमई, नगर परिषद