चिटफंड घोटाला: पांच साल में दोगुनी रकम करने का झांसा देने वाली कंपनी का शाखा प्रबंधक काबू, 10 करोड़ रुपये की ठगी का मामला
भिवानी के सैकड़ों लोगों को उनका पैसा पांच साल में दोगुना करने का झांसा देकर करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का मामला 2019 में उजागर हुआ था।
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भिवानी में चिटफंड घोटाले के मामले में इकनॉमिक सेल की टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। टीम ने पांच साल में दोगुनी रकम करने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाली कंपनी के शाखा मैनेजर को गिरफ्तार किया है। भिवानी के सैकड़ों लोगों को उनका पैसा पांच साल में दोगुना करने का झांसा देकर करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का मामला 2019 में उजागर हुआ था।
पुलिस इस मामले में कंपनी के मालिक अमृतसर पंजाब निवासी एक व्यक्ति सहित उसके दो प्रमोटरों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि ब्रांच मैनेजर जय शर्मा को गांव धारेडू से इकनॉमिक सेल की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।
सिविल लाइन पुलिस को अप्रैल 2019 में भिवानी निवासी नरेंद्र, राजकुमार, सिरसा घोघड़ा निवासी पवन कुमार, इमलौटा निवासी राजबीर सिंह, खेड़ी दौलतपुर निवासी सूबे सिंह, रामपुरा निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित क्राउन प्लाजा में किम फ्यूचर विजन सर्विस एंड नेटर कॉमर्शियल लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोला गया था।
इस कार्यालय में पंजाब के अमृतसर निवासी रविंद्र सिंह सिद्धू ने प्रमोटर हरीशपाल नेगी और राजेश भारद्वाज के साथ मिलकर लोगों से उनकी कंपनी में पैसा जमा कराकर पांच साल में दोगुना रकम लौटाने का झांसा दिया था। ये लोग मजदूर तबके व भोले भाले लोगों को उनके खून पसीने की कमाई को कंपनी में जमा कराकर कम समय में ज्यादा ब्याज का लालच देकर फांसने लगे।
काफी लोग इनके झांसे में आ गए और अपनी खून पसीने की गाढ़ी कमाई को कंपनी में जमा कर इनके हवाले कर दिया। थोड़े दिन तो कंपनी का कार्यालय चलता रहा, लेकिन अचानक ऑफिस बंद कर ये लोग भूमिगत हो गए।
पैसा जमा कराने वाले लोग इनको तलाशते रहे और अपने पैसों को वापस करने की मांग को लेकर घूमते रहे, मगर किसी ने कोई पैसा नहीं लौटाया।
कंपनी का गुरुग्राम और दिल्ली कार्यालय में भी संपर्क साधा गया, मगर यहां पर भी ठगी करने वालों की कोई भनक नहीं लगी, जब तक लोगों को उनकी जालसाजी का पता लगा, तब तक ये लोग करीब दस करोड़ रुपयों को समेटकर रफू चक्कर हो चुके थे।
पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। जिसके बाद मामले की जांच इकनॉमिक सेल के पास पहुंची। इकनॉमिक सेल की प्रारंभिक जांच के बाद सिविल लाइन पुलिस थाने में चार अप्रैल 2019 को आरोपी रविंद्र सिंह सिद्धू, जगमोहन, खजान सिंह, मुख्तयार सिंह, लखबीर सिंह कोहली, गगनदीप सिंह, हरीशपाल नेगी, राजेश भारद्वाज के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।
शाखा प्रबंधक के तौर पर काम करता था जय शर्मा
गांव धारेडू निवासी जय शर्मा चिटफंड घोटाला करने वाली कंपनी की क्राउन प्लाजा स्थित ब्रांच में बतौर प्रबंधक लगा हुआ था। जय शर्मा को इस पूरे प्रकरण की भलीभांति भनक थी और मालिक और उसके प्रमोटरों द्वारा लोगों से ठगी किए जाने के बाद जब पैसे लौटाने की बारी आई तो शाखा प्रबंधक ने शाखा का कार्यालय ही बंद कर दिया। इसके बाद लोग जय शर्मा पर भी पैसों की ठगी में शामिल होने और राशि हड़पने के गंभीर आरोप लगाने लगे। पुलिस की जांच में भी शाखा प्रबंधक की भूमिका सामने आई। जिसके बाद पुलिस ने उसे गांव धारेडू से काबू किया।
आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है
चिटफंड घोटाला करने वाली एक कंपनी के शाखा प्रबंधक गांव धारेडू निवासी जय शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। पुलिस इस प्रकरण में अब तक कंपनी के मालिक रविंद्र सिंह सिद्धू, उसके सहयोगी हरीशपाल नेगी व राजेश भारद्वाज को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि चौथा आरोपी जय शर्मा भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस इस प्रकरण में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। - सब इंस्पेक्टर सतपाल सिंह, इंचार्ज इकनॉमिक सेल, सिविल लाइन थाना, भिवानी।
पैसों का निवेश से पहले कंपनी की अच्छे से जांच करना जरूरी
पैसों का निवेश करने से पहले कंपनी व निवेश कराने वाले संस्थान की अच्छी तरह जांच पड़ताल करना बहुत जरूरी है। कुछ मामलों में संस्थान द्वारा लोगों के साथ कम समय में रुपये दोगुने करने का झांसा देकर ठगी हुई है। उन मामलों में पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन लोग अगर जागरूक होंगे तो उनका पैसा भी सुरक्षित बच जाएगा और वे आसानी से किसी के झांसे में भी नहीं आएंगे। - अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक भिवानी।