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आपातकालीन में घुसे लावारिस पशु, स्टाफ और मरीजों ने भाग कर बचाई जान

Wed, 12 Aug 2020 12:36 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2020 12:36 AM IST
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सामान्य अस्पताल की आपात विभाग में घुसे सांड़। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
रात करीब साढ़े नौ बजे कुछ लावारिस सामान्य अस्पताल की इमरजेंसी में घूस गए। जिससे चिकित्सक, स्टाफ और मरीजों में हडक़ंप मच गया। लावारिस पशु बाहर निकलने की बजाए इमरजेंसी की गैलरी से एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड की ओर निकल गए। काफी समय तक लावारिस पशु अस्पताल की ही गैलरियों में घूमते रहे और मरीज और स्टाफ सदस्य चिंतित रहे। यह सिर्फ एक दिन का हाल नहीं बल्कि हर रोज इसी तरह लावारिस पशु अस्पताल में घूमते रहते हैं। अस्पताल ही नहीं पूरे शहर में लावारिस पशु लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। शहर में करीब 2000 लावारिस पशु हर रोज हादसों का कारण बन रहे है।
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वर्ष 2015 में शहर को कैटल फ्री बनाने के लिए अभियान की शुरूआत की गई थी। इसके तहत नंदीशाला भी बनाई गई। जिसमें फिलहाल भी करीब दो हजार लावारिस पशु है। मगर शहर को अभी भी लावारिस पशुओं से निजात नहीं मिली है। शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर लावारिस पशु नजर आते है। शहर के सामान्य अस्पताल के पास, रोहतक रोड सब्जीमंडी, रोहतक गेट, एमसी कॉलोनी मोड़, नया बाजार, फैंसी चौक के पास, महम गेट, पुराना बस स्टैंड, हालुवास गेट क्षेत्र, कृष्णा कॉलोनी सब्जीमंडी में लावारिस पशुओं का जमावड़ा रहता है। सांड़ों में चौधर की लड़ाई भी होती है, जिसमें वे आसपास के दुकानदारों व अन्य का नुकसान भी करते है।
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अब तक करीब 18-20 लोग लावारिस पशुओं के कारण अपनी जान भी गवां चुके है जबकि अनेक हादसों के कारण घायल हो चुके है। बावजूद इसके जिला प्रशासन शहर को कैटल फ्री नहीं बना पाया। नगर परिषद ने सालभर पहले तक तो लावारिस पशुओं को पकड़कर नंदीशाला, गोशाला में पहुंचाने का काम किया मगर अब सब ठप है। इसी कारण सामान्य अस्पताल, लघु सचिवालय, सेक्टर में भी लावारिस पशु घूम रहे हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं।
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ये प्रमुख हादसे आ चुके हैं सामने
- 24 मई 2019 : लावारिस पशु के कारण ललहाना से भाखड़ा मार्ग पर ऑटो रिक्शा पलटा। हादसे में 51 वर्षीय पूर्व सैनिक रमेश की मौत
- 03 जनवरी 2019 शांति नगर गली नंबर 13 में निजी स्कूल के सहायक 58 वर्षीय रवि कुमार गली में लड़ते सांड़ों की चपेट में आए। सांड़ की टक्कर से रवि कुमार की मौत
- 22 नवंबर 2018 सेक्टर 13 में बुजुर्ग शिक्षक सत्यप्रकाश को लावारिस पशुओं ने टक्कर मारी। हादसे में गंभीर रूप से घायत बुजुर्ग शिक्षक ने पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ा
- अक्तूबर 2019: हुन्नामल प्याऊ के पास लावारिस पशु से हुए हादसे में व्यक्ति की मौत
- लोहारू क्षेत्र में लावारिस पशु के कारण कार का संतुलन बिगड़ा। कार सवार राजस्थान के व्यापारी की मौत
- दादरी गेट पर स्कूटर से जा रहे निजी स्कूल के हेडमास्टर को लावारिस पशु ने टक्कर मारी। हादसे में हेडमास्टर की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत उनकी पत्नी ने नप के खिलाफ केस किया। जिस पर कोर्ट ने करीब 22 लाख रुपये हर्जाना देने के आदेश दिए।

- राधा स्वामी सत्संग भवन के पास रोहतक रोड पर वर्ष 2017 में लावारिस पशु के कारण बाइक सवार दुकानदार की मौत हुई।
- 2016 में चांग गांव में लावारिस पशु की टक्कर से बुजुर्ग महिला की मौत हुई
- 2016 में सेवा नगर में लावारिस पशु की टक्कर से महिला की मौत हुई।
- पीडब्ल्यूडी कर्मचारी ने गंवाया इकलौता बेटा : पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त कर्मचारी के इकलौते बेटे को भी काफी वर्ष पहले लावारिस पशु ने टक्कर मार दी थी। जिसमें छात्र की मौत हो गई थी। आज तक भी पूरा परिवार इस सदमे से उभर नहीं पाया है।
वर्जन -
मैने अभी हाल ही में यहां पदभार संभाला है और यहां पहले चले लावारिस पशुओं संबंधित अभियान की ज्यादा जानकारी नहीं। फिलहाल ऐसा कोई अभियान नहीं चल रहा।
- सुंदर श्योराण, एक्सईएन नगर परिषद
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