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ग्राउंड रिपोर्ट: टूटी पड़ी व्हीलचेयर, गोद में उठा दिव्यांग का उपचार करा रहे तीमारदार
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नागरिक अस्पताल में व्हीलचेयर न होने के कारण महिला को गोद में उठाकर उपचार के लिए लेकर जाता तीमारदा
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए सरकार करोड़ों रुपये का बजट खर्च करती है। भिवानी का नागरिक अस्पताल में मगर सुविधाओं की ओर ध्यान दे तो शून्य नजर आती है। ऐसा लगता है कि यहां सुविधाओं के नाम पर स्वास्थ्य निदेशालय का इस बार कोई ध्यान ही नहीं है। मेडिकल कॉलेज बनने जा रहे अस्पताल में इन दिनों हालात ऐसे हैं कि जांच के लिए पहुंच रहे दिव्यांग मरीजों को बैठने के लिए व्हीलचेयर तक उपलब्ध नहीं है। वहीं मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिसके कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्हीलचेयर नहीं होने से दिव्यांग मरीजों को उनके तीमारदार गोद में उठाकर चिकित्सक के पास चेकअप करवाने पहुंच रहे हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ को जो व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई थी, उनमें किसी के टायर तो किसी के पाइप टूट गए हैं, जो एक कोने में पड़ी है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 350 से 400 मरीज चिकित्सक से जांच करवाने के लिए आते हैं। इनमें से अधिकतर दिव्यांग के पांव में दिक्कत मिल रही है, जिसके कारण वे चल रही पाते। ऐसे में व्हील चेयर नहीं होने से उनका दर्द अधिक बढ़ जाता है।
मेडिकल जांच रूम में भी नहीं सुविधाएं
नागरिक अस्पताल में कमरा नंबर 29 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर बुधवार को दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जहां उनकी मेडिकल कार्ड भी बनाए जाते हैं। यहां पर भी विभाग की ओर से न कोई व्हीलचेयर दी गई है और न ही स्ट्रेचर की सुविधा है। ऐसे में दिव्यांग मरीज अपने तीमारदार या फिर दीवारों का सहारा लेकर जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
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ओपीडी में फर्श पर बैठे बीमार मरीज
अस्पताल की ओपीडी में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की सुविधा नहीं है। इसके कारण अस्पताल में जांच करने पहुंचे रहे मरीजों को नीचे फर्श पर ही बैठना पड़ रहा है। एक तो बीमारी के कारण पहले ही उनकी हालत खराब रहती है और ऊपर से बैठने के लिए कुर्सियां न मिलने के कारण उनका दर्द बढ़ जाता है। वहीं सर्दी के मौसम में ठंडे फर्श पर बैठने से बीमारियों की चपेट में आना स्वाभाविक है।
छत हो रही लीकेज, पीने को पानी नहीं
ओपीडी की छत से अधिकतर जगहों की फाल्स सिलिंग गिरी हुई है। इसके कारण ओपीडी में पर्याप्त बल्ब व ट्यूबलाइट की सुविधा नहीं है। ओपीडी की छत से वेटिंग एरिया में अक्सर पानी लीकेज होती है। इसकी वजह से मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में लगे वाटर कूलर भी बंद पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के ब्लड सेंटर, टीबी विभाग, आयुष विभाग के पास रखें वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिन पर अभी तक किसी ने संज्ञान नहीं किया है। साथ ही अस्पताल की सीवरेज व्यवस्था भी ठप पड़ी है, जिसके कारण ओवरफ्लो होने से दूषित पानी बाहर फैला हुआ है।
दो माह से पूछताछ केंद्र भी बंद पड़ा
अस्पताल की ओपीडी में मरीजों व तीमारदारों को चिकित्सक कक्ष, लैब, दवा कक्ष, रजिस्ट्रेशन विंडो के बारे में जानकारी देने के लिए पूछताछ केंद्र बनाया था। जिस पर एक स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन करीब दो माह से पूछताछ केंद्र बंद पड़ा है, जिसके कारण मरीज व तीमारदारों को जानकारी लेने के लिए एक कक्ष से दूसरे कक्ष में भटकना पड़ रहा है।
रोजाना पहुंच रहे 1000 से 1200 मरीज
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दो जगह ओपीडी की व्यवस्था की हुई है। स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी अल्ट्रासाउंड केंद्र में बनाई हुई है। इसके अलावा फिजिशियन, हड्डी रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, बाल रोग पुरानी ओपीडी में ही मरीजों का चेकअप करते हैं। ऐसे में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं मिलने का काफी अभाव है।
अस्पताल की ओपीडी में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर न होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में संबंधित इंचार्ज से बातचीत कर व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल परिसर में जहां भी सीवर ठप की समस्या है उसका भी समाधान करवाया जाएगा। ओपीडी में मरीजों के लिए वेटिंग रूम बनाया हुआ है।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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व्हीलचेयर नहीं होने से दिव्यांग मरीजों को उनके तीमारदार गोद में उठाकर चिकित्सक के पास चेकअप करवाने पहुंच रहे हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ को जो व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई थी, उनमें किसी के टायर तो किसी के पाइप टूट गए हैं, जो एक कोने में पड़ी है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 350 से 400 मरीज चिकित्सक से जांच करवाने के लिए आते हैं। इनमें से अधिकतर दिव्यांग के पांव में दिक्कत मिल रही है, जिसके कारण वे चल रही पाते। ऐसे में व्हील चेयर नहीं होने से उनका दर्द अधिक बढ़ जाता है।
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मेडिकल जांच रूम में भी नहीं सुविधाएं
नागरिक अस्पताल में कमरा नंबर 29 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर बुधवार को दिव्यांगजनों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जहां उनकी मेडिकल कार्ड भी बनाए जाते हैं। यहां पर भी विभाग की ओर से न कोई व्हीलचेयर दी गई है और न ही स्ट्रेचर की सुविधा है। ऐसे में दिव्यांग मरीज अपने तीमारदार या फिर दीवारों का सहारा लेकर जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
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ओपीडी में फर्श पर बैठे बीमार मरीज
अस्पताल की ओपीडी में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की सुविधा नहीं है। इसके कारण अस्पताल में जांच करने पहुंचे रहे मरीजों को नीचे फर्श पर ही बैठना पड़ रहा है। एक तो बीमारी के कारण पहले ही उनकी हालत खराब रहती है और ऊपर से बैठने के लिए कुर्सियां न मिलने के कारण उनका दर्द बढ़ जाता है। वहीं सर्दी के मौसम में ठंडे फर्श पर बैठने से बीमारियों की चपेट में आना स्वाभाविक है।
छत हो रही लीकेज, पीने को पानी नहीं
ओपीडी की छत से अधिकतर जगहों की फाल्स सिलिंग गिरी हुई है। इसके कारण ओपीडी में पर्याप्त बल्ब व ट्यूबलाइट की सुविधा नहीं है। ओपीडी की छत से वेटिंग एरिया में अक्सर पानी लीकेज होती है। इसकी वजह से मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में लगे वाटर कूलर भी बंद पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के ब्लड सेंटर, टीबी विभाग, आयुष विभाग के पास रखें वाटर कूलर लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिन पर अभी तक किसी ने संज्ञान नहीं किया है। साथ ही अस्पताल की सीवरेज व्यवस्था भी ठप पड़ी है, जिसके कारण ओवरफ्लो होने से दूषित पानी बाहर फैला हुआ है।
दो माह से पूछताछ केंद्र भी बंद पड़ा
अस्पताल की ओपीडी में मरीजों व तीमारदारों को चिकित्सक कक्ष, लैब, दवा कक्ष, रजिस्ट्रेशन विंडो के बारे में जानकारी देने के लिए पूछताछ केंद्र बनाया था। जिस पर एक स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी लगाई थी। लेकिन करीब दो माह से पूछताछ केंद्र बंद पड़ा है, जिसके कारण मरीज व तीमारदारों को जानकारी लेने के लिए एक कक्ष से दूसरे कक्ष में भटकना पड़ रहा है।
रोजाना पहुंच रहे 1000 से 1200 मरीज
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दो जगह ओपीडी की व्यवस्था की हुई है। स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी अल्ट्रासाउंड केंद्र में बनाई हुई है। इसके अलावा फिजिशियन, हड्डी रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, बाल रोग पुरानी ओपीडी में ही मरीजों का चेकअप करते हैं। ऐसे में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं मिलने का काफी अभाव है।
अस्पताल की ओपीडी में व्हीलचेयर व स्ट्रेचर न होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसके बारे में संबंधित इंचार्ज से बातचीत कर व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल परिसर में जहां भी सीवर ठप की समस्या है उसका भी समाधान करवाया जाएगा। ओपीडी में मरीजों के लिए वेटिंग रूम बनाया हुआ है।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।