{"_id":"65d7945283091f70970e7204","slug":"bku-blocked-bhiwani-dadri-road-raised-slogans-by-burning-government-effigy-bhiwani-news-c-125-1-bwn1003-113594-2024-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: भाकियू ने भिवानी-दादरी रोड पर लगाया जाम, सरकार पुतला जलाकर कर की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: भाकियू ने भिवानी-दादरी रोड पर लगाया जाम, सरकार पुतला जलाकर कर की नारेबाजी
Fri, 23 Feb 2024 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 23 Feb 2024 12:07 AM IST
विज्ञापन
सरकार का पुतला फुंकते किसान संगठन के लोग।
भिवानी। भाजपा सरकार किसान आंदोलन से पूरी तरह से बौखला गई है और किसानों को रोकने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है। जो कार्रवाई सुरक्षाबलों को देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए की जानी चाहिए, वही कार्रवाई सरकार के आदेशों पर किसानों से की जा रही है। ये बात भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के जिला प्रधान राकेश आर्य ने गांव निमड़ीवाली में सरकार का पुतला दहन करने उपरांत रोष जताते हुए कहीं।
खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को एक युवा किसान की मौत के विरोध में वीरवार सुबह भिवानी-दादरी रोड पर किसान एकत्रित हुए और जाम लगाकर अपना रोष जताया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राकेश आर्य ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए तैयारी कर रहे किसानों पर हरियाणा सरकार ने गोली चलवाई, ताकि किसानों को रोका जा सकें। इसमें एक युवा किसान शहीद हो गया। किसान सिर्फ अपने हक मांग रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों को उनके हक देने के बजाय उन पर लाठी-डंडे व आंसू गैस बरसा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीति नहीं रोकी तो संघर्ष को तेज किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
खनौरी बॉर्डर पर बुधवार को एक युवा किसान की मौत के विरोध में वीरवार सुबह भिवानी-दादरी रोड पर किसान एकत्रित हुए और जाम लगाकर अपना रोष जताया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राकेश आर्य ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए तैयारी कर रहे किसानों पर हरियाणा सरकार ने गोली चलवाई, ताकि किसानों को रोका जा सकें। इसमें एक युवा किसान शहीद हो गया। किसान सिर्फ अपने हक मांग रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों को उनके हक देने के बजाय उन पर लाठी-डंडे व आंसू गैस बरसा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी दमनकारी नीति नहीं रोकी तो संघर्ष को तेज किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन