{"_id":"589389034f1c1bda10e80699","slug":"bhiwani-news-jat-reservation-movement-numbers-increase","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरनास्थल की संख्या बढ़ाने को तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरनास्थल की संख्या बढ़ाने को तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Feb 2017 01:01 AM IST
विज्ञापन
file image
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चरखी दादरी में जाट समुदाय की लंबित मांगों को लेकर हुडा सेक्टर आठ में दिए जा रहे धरने की ही तरह जिले में तीन-चार अन्य स्थानों पर भी धरने शुरू किए जा सकते हैं। जाट आरक्षण संघर्ष समिति को इसके लिए अपने नेताओं के आदेश आने का इंतजार है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि आदेश आते ही तत्काल धरने शुरू कर दिए जाएंगे और इसकी रणनीति तैयार की जा रही है। हालांकि अभी चिन्हित धरनास्थल को लेकर समिति पदाधिकारी कुछ भी बोलने को तैैयार नहीं है। इसके अलावा लोगों समुदाय के साथ-साथ 36 बिरादरी के लोगों से धरनास्थल पर पहुंचने की अपील लगातार जारी है।
आरक्षण संघर्ष समिति की अगुवाई में हुडा सेक्टर आठ में दिया जा रहा धरना वीरवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। पांचवें दिन भी लोगों की तादाद में कुछ इजाफा नजर आया। संघर्ष समिति का दावा है कि उन्हें खापों, बार एसोसिएशन, इनेलो पार्टी के अलावा अन्य गांवों व समुदायों का भी समर्थन मिल रहा है। जिलाध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को बाहरी तत्व बता रहे हैं जबकि मलिक भारत के ही रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सीएम के पद पर रहते हुए उन्हें इस तरह की तुच्छ बयानबाजी करना शोभा नहीं देता। उनका कहना है कि उनके इस बयान से भाजपा की 36 बिरादरियों का भाईचारा बिगाड़ने का मंसूबा स्पष्ट नजर आ रहा है, लेकिन इसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश की 36 बिरादरी के लोग ही इस साजिश को आपसी सौहार्द व भाईचारा कायम रखकर नाकामयाब करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शीर्ष नेताओं के आदेशों का इंतजार है। ज्यों ही उन्हें आदेश मिले तो जिले में तुरंत धरनास्थल की संख्या में इजाफा कर दिया जाएगा। जब उनसे धरनास्थल की लोकेशन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिलहाल ऐसी कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। जिलाध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी का कहना है कि धरने शुरू करने की तैयारियां पूरी हैं, बस आदेशों का हमें इंतजार है।
सीएम से लेकर पीएम तक पर ली वक्ताओं ने चुटकी
धरनास्थल पर जाट नेताओं ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के शीर्ष नेताओं पर खूब चुटकी ली। एक जाट नेता ने कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर कह रहे हैं कि वार्ता के लिए जाट नेताओं के लिए हमारे दरवाजे सदैव खुले हैं। खट्टर साहब दरवाजे लगवाने के लिए तो घर बसाना पड़ता है और आप तो अभी कुंवारे ही हो। वहीं, एक अन्य जाट नेता ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी की 2013 में हुई रेवाड़ी रैली पर भी चुटकी ली। उक्त वक्ता ने कहा कि सैनिक रैली में मोदी ने पीएम बनने पर नमक हरामी न करने के वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद जाट नेताओं को जमीन कुर्क करने की धमकियां सरकार देने से बाज नहीं आ रही।
विज्ञापन
फिर से बना देंगे भाजपा को चूहा
एक वक्ता ने कहा कि एक साधु की कुटिया में एक चुहिया, कुत्ता व बिल्ली रहती थी। कुत्ता व बिल्ली चूहेे को हर रोज डराते थे। एक दिन साधु ने चूहे पर तरस खाकर उसे शेर बना दिया। शेर बनने के बाद चूहे में भी घमंड आ गया और वह दूसरे जानवरों को परेशान करने लगा। इस हरकत से खफा होकर साधु ने उसे फिर से चूहा बना दिया। वक्ता ने कहा कि आगामी चुनावों में खुद को शेर समझने वाली भाजपा को प्रदेश की जनता चूहा बनाकर दिखा देगी।
जवानों के लिए नहीं किए कोई प्रबंध
धरनास्थल पर करीब एक आरएफ कंपनी, हरियाणा पुलिस महिला कर्मचारी टुकड़ी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात है। पिछले पांच दिनों से तैनात फोर्स के लिए न तो पीने के पानी तक की सुविधा प्रशासन द्वारा मुहैया नहीं करवाई गई है। यहां तैनात सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों की व्यवस्थाओं पर ही पूर्णतया निर्भर है। चाय-पानी की पूर्ति भी प्रदर्शनकारियों से मांगकर की जा रही है। प्रशासन को तैनाती के साथ-साथ यहां तैनात जवानों के लिए चाय-पानी जैसे मूलभूत प्रबंध भी करने चाहिए।
अन्य धरने शीर्ष नेताओं के आदेश आने के बाद शुरू किए जाएंगे। आवश्यक तैयारियां हमारी पूरी है। समय आने पर जल्द ही धरनों की संख्या बढ़ाई भी जाएगी, लेकिन सभी धरने शांतिपूर्वक ढंग से जारी रहेंगे।
प्रशासन पूर्णतया अलर्ट है। धरना शांतिपूर्वक व निर्धारित जगह पर दिए जाने की अनुमति हमने दे रखी है। किसी भी प्रकार की अन्य साजिश पर हमारी पूरी निगरानी है।
सुनील दलाल, एसपी
आरक्षण संघर्ष समिति की अगुवाई में हुडा सेक्टर आठ में दिया जा रहा धरना वीरवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। पांचवें दिन भी लोगों की तादाद में कुछ इजाफा नजर आया। संघर्ष समिति का दावा है कि उन्हें खापों, बार एसोसिएशन, इनेलो पार्टी के अलावा अन्य गांवों व समुदायों का भी समर्थन मिल रहा है। जिलाध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को बाहरी तत्व बता रहे हैं जबकि मलिक भारत के ही रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सीएम के पद पर रहते हुए उन्हें इस तरह की तुच्छ बयानबाजी करना शोभा नहीं देता। उनका कहना है कि उनके इस बयान से भाजपा की 36 बिरादरियों का भाईचारा बिगाड़ने का मंसूबा स्पष्ट नजर आ रहा है, लेकिन इसे कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश की 36 बिरादरी के लोग ही इस साजिश को आपसी सौहार्द व भाईचारा कायम रखकर नाकामयाब करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने शीर्ष नेताओं के आदेशों का इंतजार है। ज्यों ही उन्हें आदेश मिले तो जिले में तुरंत धरनास्थल की संख्या में इजाफा कर दिया जाएगा। जब उनसे धरनास्थल की लोकेशन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने फिलहाल ऐसी कोई प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। जिलाध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी का कहना है कि धरने शुरू करने की तैयारियां पूरी हैं, बस आदेशों का हमें इंतजार है।
विज्ञापन
सीएम से लेकर पीएम तक पर ली वक्ताओं ने चुटकी
धरनास्थल पर जाट नेताओं ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के शीर्ष नेताओं पर खूब चुटकी ली। एक जाट नेता ने कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर कह रहे हैं कि वार्ता के लिए जाट नेताओं के लिए हमारे दरवाजे सदैव खुले हैं। खट्टर साहब दरवाजे लगवाने के लिए तो घर बसाना पड़ता है और आप तो अभी कुंवारे ही हो। वहीं, एक अन्य जाट नेता ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी की 2013 में हुई रेवाड़ी रैली पर भी चुटकी ली। उक्त वक्ता ने कहा कि सैनिक रैली में मोदी ने पीएम बनने पर नमक हरामी न करने के वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद जाट नेताओं को जमीन कुर्क करने की धमकियां सरकार देने से बाज नहीं आ रही।
विज्ञापन
फिर से बना देंगे भाजपा को चूहा
एक वक्ता ने कहा कि एक साधु की कुटिया में एक चुहिया, कुत्ता व बिल्ली रहती थी। कुत्ता व बिल्ली चूहेे को हर रोज डराते थे। एक दिन साधु ने चूहे पर तरस खाकर उसे शेर बना दिया। शेर बनने के बाद चूहे में भी घमंड आ गया और वह दूसरे जानवरों को परेशान करने लगा। इस हरकत से खफा होकर साधु ने उसे फिर से चूहा बना दिया। वक्ता ने कहा कि आगामी चुनावों में खुद को शेर समझने वाली भाजपा को प्रदेश की जनता चूहा बनाकर दिखा देगी।
जवानों के लिए नहीं किए कोई प्रबंध
धरनास्थल पर करीब एक आरएफ कंपनी, हरियाणा पुलिस महिला कर्मचारी टुकड़ी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात है। पिछले पांच दिनों से तैनात फोर्स के लिए न तो पीने के पानी तक की सुविधा प्रशासन द्वारा मुहैया नहीं करवाई गई है। यहां तैनात सुरक्षाकर्मी प्रदर्शनकारियों की व्यवस्थाओं पर ही पूर्णतया निर्भर है। चाय-पानी की पूर्ति भी प्रदर्शनकारियों से मांगकर की जा रही है। प्रशासन को तैनाती के साथ-साथ यहां तैनात जवानों के लिए चाय-पानी जैसे मूलभूत प्रबंध भी करने चाहिए।
अन्य धरने शीर्ष नेताओं के आदेश आने के बाद शुरू किए जाएंगे। आवश्यक तैयारियां हमारी पूरी है। समय आने पर जल्द ही धरनों की संख्या बढ़ाई भी जाएगी, लेकिन सभी धरने शांतिपूर्वक ढंग से जारी रहेंगे।
प्रशासन पूर्णतया अलर्ट है। धरना शांतिपूर्वक व निर्धारित जगह पर दिए जाने की अनुमति हमने दे रखी है। किसी भी प्रकार की अन्य साजिश पर हमारी पूरी निगरानी है।
सुनील दलाल, एसपी