फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   bhiwani news, jat agitation, strike, place, fixed, arguement

धनाना में निर्धारित स्थल पर धरना नहीं देने पर हुई नोकझोंक

Mon, 06 Jun 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 06 Jun 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
bhiwani news, jat agitation, strike, place, fixed, arguement
बहस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
आरक्षण समेत अन्य मांगों को लेकर जाटों ने रविवार को धनाना और महेंद्रगढ़ बाईपास पर धरना दिया। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान के बजाय धनाना गांव की धर्मशाला में धरना देने पर पुलिस और ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। इसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर निपटा लिया। पहले दिन धरना शांतिपूर्ण रहा। जाट नेताओं ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देकर कहा है कि सारे मुकदमे रद किए जाएं। सभी मृतकों के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा और नौकरी नहीं मिली तो आंदोलन फिर से  किया जाएगा। जिले में दोनों जगह धरने में लोगों की भागीदारी सीमित रही। धनाना में धरने में 60-70 लोग जबकि चरखी दादरी में धरना देने वालों की तादाद भी 40 से नीचे रही। उधर, पैरामिलेट्री फोर्स की पांच कंपनियां, एचएपी की तीन कंपनियां और जिला पुलिस के करीब एक हजार जवान जिले के 38 नाकों पर डेरा डाले रहे और दिनभर गश्त की गई। जिले की इंटरनेट सेवा निर्बाध रहीं।
विज्ञापन


शहर के समीप गांव धनाना में रविवार सुबह लोग ग्राम पंचायत धनाना प्रथम की धर्मशाला में एकत्र हुए। धर्मशाला में धरना शुरू करने के कुछ समय बाद लोगों की उस समय तीखी नोंकझोंक हो गई, जब डीएसपी ने लोगों को धर्मशाला में धरना नहीं देने का कहा। डीएसपी विजय देशवाल का कहना था कि प्रशासन ने धरने के लिए कौंट रोड संजय कॉलेज के पास जगह मुकर्रर की है, केवल वहीं धरना दिया जा सकता है। इस बात को लेकर डीएसपी और ग्रामीणों में नोंकझोंक हुई। बाद में कुछ अन्य अफसरों और ग्रामीणों ने मामले को शांत कराया।  
विज्ञापन


सुबह नौ बजे धनाना प्रथम गांव की धर्मशाला में भी जाट बिरादरी के लोग प्रधान होशियान सिंह की अध्यक्षता में जुटने लगे। सुबह 10 बजे तक खासी संख्या में लोग धरनास्थल पर एकत्रित हो चुके थे। धरने की पूर्व सूचना के कारण पैरामिलेट्री फोर्स, हरियाणा पुलिस फोर्स के जवान पहले ही गांव में तैनात थे। जाट नेताओं ने करीब तीन सौ युवाओं पर देशद्रोह, तोड़फोड़, मारपीट के मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तार करने पर नाराजगी जताई और तुरंत रद करने की मांग की। साथ ही आरक्षण आंदोलन में मारे गए सभी मृतकों के परिजनों को मुआवजा और नौकरी नहीं देने पर भी आपत्ति जताई और मांग की कि आरक्षण आंदोलन में मारे गए प्रत्येक युवा और व्यक्ति चाहे वह किसी भी बिरादरी का क्यों न हो, उसके आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी की मांग की। मौजिज लोगों ने मसले पर एक कमेटी बनाकर विचार-विमर्श किया और फिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। पांच घंटे तक धरना देने के बाद जाट नेताओं ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया कि सारे मुकदमे रद नहीं किए, सभी मृतकों के परिजनों को 10  लाख मुआवजा व नौकरी नहीं मिली तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। जाट नेताओं ने  एसडीएम को अपना मांग पत्र सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधान होशियार सिंह ने कहा कि उनकी मांगे जायज हैं। सरकार ने मांगें नहीं मानी तो फिर आंदोलन किया जाएगा। उक्त मांगों के साथ उनकी मांग आरक्षण की भी है। धरने में कुलदीप सिंह, शेर सिंह रतेरा, जाटू खाप 84 के प्रधान सूबेदार राजपाल, रामचंद्र मित्ताथल, रमेश बागनवाला, राजीव श्योराण एडवोकेट आदि ने धरने में अपने विचार रखे।

डीएसपी से हुई कहासुनी, बिगड़ते-बिगड़ते बची बात
धनाना प्रथम गांव की धर्मशाला में धरना दे रहे जाट बिरादरी के लोगों की डीएसपी से कहासुनी हुई। बात बिगड़ते-बिगड़ते बची। जिला प्रशासन की तरफ से रोहतक रोड पर संजय कॉलेज के पास धरने का स्थान निर्धारित किया गया था। गांव धनाना के ग्रामीण धरने के लिए धनाना प्रथम गांव की धर्मशाला में पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे डीएसपी विजय देशवाल वहां पहुंचे और सभी से धरना खत्म करने की बात कही। उन्होंने कहा किसकी अनुमति से यहां बैठे हो। धारा-144 लागू है, फटाफट खाली करो। इस पर कुछ जाट नेता तैश में आ गए और धरना वहीं देने की बात कही। जिस पर धरने में मौजूद लोगों में हड़कंप भी मचा। धर्मशाला के बाहर तैनात फोर्स भी अलर्ट हो गई। बाद में पुलिस के कुछ अन्य अधिकारियों, सीआईडी स्टाफ और मौजिज लोगों ने अलग से जाकर मसले पर विचार-विमर्श किया और मामला शांत करवाया। जाट बिरादरी के लोगों ने सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक धरना दिया। प्रधान होशियार सिंह ने कहा कि डीएसपी ने धरने पर आकर गलत व्यवहार किया। इस कारण बात थोड़ी बिगड़ी।

अलर्ट रही फोर्स
जाट आरक्षण आंदोलन के तहत धरने की चेतावनी के बाद पैरामिलेट्री, हरियाणा पुलिस, जिला पुलिस फोर्स पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर लगातार गश्त की जा रही थी तो जाट बाहुल्य गांवों में भी पैरामिलेट्री के जवान तैनात रहे।

प्रशासन रहा मुस्तैद
तोशाम क्षेत्र में जाट आंदोलन को लेकर कोई गतिविधि नहीं हुई। अलबत्ता, आंदोलन के अल्टीमेटम को देखते हुए रविवार को भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शनिवार को ही तोशाम में प्रवेश करने वाले सभी मार्गों पर नाके लगा दिए गए थे। रविवार को भी नाकों पर पूरी मुस्तैदी रही। हिसार मार्ग व भिवानी मार्ग पर बाईपास मोड़ के अलावा बाईपास पर सागवान चौक, हांसी चौक, जूई मोड़ और बागनवाला मार्ग पर पुलिस की चौकसी रही। इसके अलावा सुरेंद्र सिंह चौक पर पुलिस तैनात थी और एक पीसीआर व राइडर लगातार गश्त करती रही।

लोहारू में पांच जगह की नाकाबंदी
लोहारू में जाट आरक्षण आंदोलन को देखकर लोहारू में भी पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए एसडीएम सतबीर सिंह जांगु, तहसीलदार राकेश कुमार और थाना प्रभारी मनीषा ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की। लोहारू में पांच जगह पुलिस के नाके स्थापित किए गए हैं।

चप्पे चप्पे पर रही प्रशासन की नजर
बाढड़ा में जाट आंदोलन के मद्देनजर रविवार को कस्बे के चप्पे चप्पे पर प्रशासन की कड़ी नजर रही। सीआईएसएफ के दस्ते ने फ्लैग मार्च कर स्थिति का जायजा लिया।

सीआईएसएफ की एक कंपनी को शनिवार सुबह ही बाढड़ा में तैनात कर दिया गया।  इसके अलावा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी पुलिस स्टेशन में तैनाती की गई। रविवार को सुबह से ही सुरक्षा बल अटेला, बेरला, कादमा, नांधा के अलावा चरखी दादरी में मौजूद रहे। एसडीएम बिजेंद्र सिंह हुड्डा, एएसपी फूल कु मार, डीएसपी सुरेश हुड्डा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार सूरजभान, थाना प्रभारी ओमप्रकाश यादव पल-पल की जानकारी लेते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed