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घर बैठे मिलेंगे बर्थ रजिस्ट्रेशन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2016 01:24 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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अब निजी अस्पतालों में जन्में बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को स्वास्थ्य विभाग या नगर परिषद के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। निजी अस्पताल ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर देगा, जिसके आधार पर घर बैठे भी जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा सकता है। अब नगर परिषद या सामान्य अस्पताल में सिर्फ नाम दर्ज करवाने के लिए ही जाना होगा। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसे तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए।
पिछले वर्ष नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग के अनेक कागजात को ऑन लाइन करने का निर्णय लिया गया था ताकि लोगों को इन विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़े। इनमें जन्म प्रमाण पत्र भी ऑन लाइन करने थे। पहले सरकारी विभागों में इन्हें ऑन लाइन करने की योजना थी। मगर अब इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए प्राइवेट अस्पतालों से ही ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। साथ ही सभी स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को इसे तुरंत और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए है।
अब प्राइवेट अस्पताल संचालकों को उनके यहां जन्में बच्चों का रजिस्ट्रेशन भी ऑन लाइन करना होगा। जिस अस्पताल में बच्चे का जन्म होगा। वहां का डाक्टर ही बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के साथ अब जन्म का ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करवाएगा। रजिस्ट्रेशन नंबर बच्चे के अभिभावकों को दिया जाएगा। हालांकि इस निर्णय से प्राइवेट अस्पताल संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें 15 जानकारी का एक फार्म ऑन लाइन भरना होगा। जिसके लिए बकायदा कंप्यूटर ऑपरेटर रखने पड़ेंगे।
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नहीं काटने होंगे चक्कर
प्राइवेट अस्पतालों से ही ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होने से धोखाधड़ी भी रुकेगी। पिछले वर्ष अनेक खिलाड़ियों ने धोखाधड़ी कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाए और कम उम्र दिखाकर कम उम्र के खिलाड़ियों के ग्रुप में पदक जीते और इनाम प्राप्त किए। खुलासे कुछ दलाल पकड़े जाने के बाद हुए। अब ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होने के बाद यह धोखाधड़ी रुकेगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पास भी जन्म दर-मृत्यु दर का सहीं आंकड़ा मिल सकेगा।
बच्चे के टीकाकारण का भी रहेगा रिकार्ड
ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होने से स्वास्थ्य विभाग के पास न केवल बच्चों के जन्म का सहीं डाटा मिलेगा बल्कि उनकी पूरी जानकारी मिलेगी। इससे बच्चों के टीकाकरण में भी मदद मिलेगी। जिससे बच्चों को बीमारियों से बचाया जा सकेगा।
सभी अस्पतालों में इसे लागू करवाया जाएगा। इससे लोगों को जन्म प्रमाण पत्र में परेशानी नहीं होगी और सारा रिकार्ड ऑन लाइन होगा। जन्म रजिस्ट्रेशन से आधार को लिंक करवाया जाएगा।
डा. वेद कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन, नोडल ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग
पहले बच्चे के जन्म के एक-दो महीने बाद अभिभावक जन्म प्रमाण पत्र लेने आते थे। ऐसे में पूरी प्रक्रिया नए सिरे से होती थी। अब अस्पतालों में ही रजिस्ट्रेशन होगा और वहीं आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। पिछले दिनों शहरी निकाय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया और इसकी पूरी जिम्मेवारी स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद
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पिछले वर्ष नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग के अनेक कागजात को ऑन लाइन करने का निर्णय लिया गया था ताकि लोगों को इन विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़े। इनमें जन्म प्रमाण पत्र भी ऑन लाइन करने थे। पहले सरकारी विभागों में इन्हें ऑन लाइन करने की योजना थी। मगर अब इसमें थोड़ा बदलाव करते हुए प्राइवेट अस्पतालों से ही ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। साथ ही सभी स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों को इसे तुरंत और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए है।
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अब प्राइवेट अस्पताल संचालकों को उनके यहां जन्में बच्चों का रजिस्ट्रेशन भी ऑन लाइन करना होगा। जिस अस्पताल में बच्चे का जन्म होगा। वहां का डाक्टर ही बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के साथ अब जन्म का ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करवाएगा। रजिस्ट्रेशन नंबर बच्चे के अभिभावकों को दिया जाएगा। हालांकि इस निर्णय से प्राइवेट अस्पताल संचालकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें 15 जानकारी का एक फार्म ऑन लाइन भरना होगा। जिसके लिए बकायदा कंप्यूटर ऑपरेटर रखने पड़ेंगे।
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नहीं काटने होंगे चक्कर
प्राइवेट अस्पतालों से ही ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होने से धोखाधड़ी भी रुकेगी। पिछले वर्ष अनेक खिलाड़ियों ने धोखाधड़ी कर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाए और कम उम्र दिखाकर कम उम्र के खिलाड़ियों के ग्रुप में पदक जीते और इनाम प्राप्त किए। खुलासे कुछ दलाल पकड़े जाने के बाद हुए। अब ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होने के बाद यह धोखाधड़ी रुकेगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पास भी जन्म दर-मृत्यु दर का सहीं आंकड़ा मिल सकेगा।
बच्चे के टीकाकारण का भी रहेगा रिकार्ड
ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन होने से स्वास्थ्य विभाग के पास न केवल बच्चों के जन्म का सहीं डाटा मिलेगा बल्कि उनकी पूरी जानकारी मिलेगी। इससे बच्चों के टीकाकरण में भी मदद मिलेगी। जिससे बच्चों को बीमारियों से बचाया जा सकेगा।
सभी अस्पतालों में इसे लागू करवाया जाएगा। इससे लोगों को जन्म प्रमाण पत्र में परेशानी नहीं होगी और सारा रिकार्ड ऑन लाइन होगा। जन्म रजिस्ट्रेशन से आधार को लिंक करवाया जाएगा।
डा. वेद कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन, नोडल ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग
पहले बच्चे के जन्म के एक-दो महीने बाद अभिभावक जन्म प्रमाण पत्र लेने आते थे। ऐसे में पूरी प्रक्रिया नए सिरे से होती थी। अब अस्पतालों में ही रजिस्ट्रेशन होगा और वहीं आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। पिछले दिनों शहरी निकाय और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया और इसकी पूरी जिम्मेवारी स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई।
संजय यादव, सचिव, नगर परिषद