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नोटिस के चार माह बाद भी वेटरनरी सर्जन ने खाली नहीं किया क्वार्टर, अब भरना होगा 300 गुना जुर्माना
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नोटिस के चार माह बाद भी एक वेटरनरी सर्जन ने जनस्वास्थ्य विभाग का क्वार्टर खाली नहीं किया। दो दफा नोटिस दिए गए। अब विभाग अधिकारियों ने चार माह की रिकवरी का 300 गुना जुर्माने के साथ रिकवरी का नोटिस जारी किया है। चार माह का जुर्माना सहित 18 लाख की रिकवरी के आदेश हुए हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पशुपालन विभाग के उप निदेशक को पत्र भेजा है।
मामला बीते वर्ष का है। एक वेटरनरी सर्जन को आठ फरवरी 2019 में तत्कालीन उपायुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग का एक क्वार्टर अलॉट किया था। चार अगस्त 2020 को उक्त वेटरनरी सर्जन को नोटिस जारी कर क्वार्टर खाली करने के लिए कहा गया। 30 दिन में खाली करने का नोटिस जारी किया गया मगर चिकित्सक ने क्वार्टर खाली नहीं किया। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी किया गया।
इसके बाद भी चार महीने तक चिकित्सक ने क्वार्टर खाली नहीं किया। अब विभाग ने सरकारी नियमानुसार रिकवरी कानोटिस जारी किया गया। नियमानुसार नोटिस के बाद भी खाली न करें तो 300 गुना जुर्माना वसूला जाता है। किराया प्रति माह 1500 रुपये था। ऐसे में अब जुर्माने सहित राशि प्रति माह साढ़े चार लाख रुपये बन गई है और चार माह के 18 लाख। अब 18 लाख की रिकवरी के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रिकवरी का नोटिस पशुपालन विभाग के उप निदेशक के पास भेजा गया है।
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यूं उठा विवाद
पब्लिक हेल्थ के क्वार्टर में पशुपालन विभाग का चिकित्सक रह रहे थे। जबकि जनस्वास्थ्य विभाग के फर्स्ट क्लास ऑफिसर को क्वार्टर नहीं मिला रहा था। ऐसे में वे बाहर किराये पर रहने को मजबूर है।
वेटरनरी सर्जन क्वार्टर में रह रहा था। उन्हें नोटिस जारी किया मगर उन्होंने खाली नहीं किया। दोबारा नोटिस देने के बावजूद भी खाली नहीं किया। गवर्नमेंट नॉर्म्स के अनुसार रिकवरी के लिए नोटिस दिया गया है। पशुपालन विभाग को पत्र लिखा है, विभाग ही रिकवरी करेगा।
- बलविंद्र नैन, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिविजन-2
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मामला बीते वर्ष का है। एक वेटरनरी सर्जन को आठ फरवरी 2019 में तत्कालीन उपायुक्त ने जनस्वास्थ्य विभाग का एक क्वार्टर अलॉट किया था। चार अगस्त 2020 को उक्त वेटरनरी सर्जन को नोटिस जारी कर क्वार्टर खाली करने के लिए कहा गया। 30 दिन में खाली करने का नोटिस जारी किया गया मगर चिकित्सक ने क्वार्टर खाली नहीं किया। इसके बाद दोबारा नोटिस जारी किया गया।
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इसके बाद भी चार महीने तक चिकित्सक ने क्वार्टर खाली नहीं किया। अब विभाग ने सरकारी नियमानुसार रिकवरी कानोटिस जारी किया गया। नियमानुसार नोटिस के बाद भी खाली न करें तो 300 गुना जुर्माना वसूला जाता है। किराया प्रति माह 1500 रुपये था। ऐसे में अब जुर्माने सहित राशि प्रति माह साढ़े चार लाख रुपये बन गई है और चार माह के 18 लाख। अब 18 लाख की रिकवरी के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से रिकवरी का नोटिस पशुपालन विभाग के उप निदेशक के पास भेजा गया है।
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यूं उठा विवाद
पब्लिक हेल्थ के क्वार्टर में पशुपालन विभाग का चिकित्सक रह रहे थे। जबकि जनस्वास्थ्य विभाग के फर्स्ट क्लास ऑफिसर को क्वार्टर नहीं मिला रहा था। ऐसे में वे बाहर किराये पर रहने को मजबूर है।
वेटरनरी सर्जन क्वार्टर में रह रहा था। उन्हें नोटिस जारी किया मगर उन्होंने खाली नहीं किया। दोबारा नोटिस देने के बावजूद भी खाली नहीं किया। गवर्नमेंट नॉर्म्स के अनुसार रिकवरी के लिए नोटिस दिया गया है। पशुपालन विभाग को पत्र लिखा है, विभाग ही रिकवरी करेगा।
- बलविंद्र नैन, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिविजन-2