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दरकने लगा नवनिर्मित ओवरब्रिज, सेंटर से सीसी हिस्सा टूटा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:37 AM IST
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टूटा
- फोटो : अमर उजाला
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भिवानी में इसी साल बनकर तैयार हुआ हांसी रोड का नवनिर्मित ओवरब्रिज टूटने लगा है। सेंटर प्वाइंट के पास सड़क की मोटी परत उखड़ गई और अंदर लगे सरिये भी बाहर आ गए हैं। कुछ सरिये तो सीधे होने के कारण हादसों का सबब बन रहे है। 25 करोड़ की लागत से बने ओवरब्रिज के उद्घाटन को अभी साल भी पूरा नहीं हुआ और पुल के बीच का हिस्सा टूटने लगा। इससे निर्माण सामग्री पर सवाल उठ रहे है। बीएंडआर अधिकारियों का कहना है कि सेंटर का हिस्सा रेलवे ने बनवाया था और इस पर पैच वर्क किया जाएगा।
करीब दो साल में हांसी रोड पर 25 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज तैयार हुआ था। लंबे समय तक रास्ता भी बंद रहा था। ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को न केवल रेलवे फाटक के झंझट से छुटकारा मिला बल्कि शानदार मार्ग भी मिला। मगर अब यह भी परेशानी भरा बनने लगा है। दरअसल पुल के सेंटर के हिस्से की सीसी सड़क टूटने लगी है। सड़क के बीच तीन जगह गड्ढे बन गए है और लेंटर के सरिये बाहर निकल आए है। कुछ सरिये तो सीधे और खड़े होने के कारण हादसों का सबब बन रहे है। नीचे से वाहन स्पीड से आते है और अचानक रास्ते में यह टूटा हुआ हिस्सा और सरिये आते है। जिससे हादसे हो रहे है। पुल का बाकी हिस्सा एकदम ठीक है और अचानक ये टूटा हुआ हिस्सा आने के कारण वाहन चालकों को ज्यादा संभलने का मौका भी नहीं मिला।
पुल के सेंटर के हिस्से का निर्माण रेलवे की ओर से कराया गया था। उनके संज्ञान में आया है कि सीसी हिस्सा कुछ टूट गया है। जल्द ही इसे ठीक करवाया जाएगा।
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पीके बागड़ी, एक्सईएन, बीएंडआर
लीकेज ने बिगाड़ी पुराने ओवरब्रिज की हालत
गंदे नाले की लीकेज ने अनाज मंडी के पास बने शहर के सबसे पुराने ओवरब्रिज की हालत बिगाड़ रखी है। एक दिन पैच वर्क होता है और अगले दिन फिर गड्ढा मिलता है। आमजन ही नहीं इससे अधिकारी भी परेशान है। पुल को स्पेशल रिपेयरिंग की जरूरत है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह लीकेज ठीक करने के लिए अनेक बाद पत्र लिखा मगर अब तक समस्या बनी हुई है। स्पेशल रिपेयरिंग का भी प्रपोजल भेजा गया है।
करीब 30-32 साल पुराना शहर का सबसे पुराना अनाज मंडी ओवरब्रिज का पुल जर्जर हालत में है। सबसे बड़ी समस्या है गंदा नाला। यहां से लीकेज के कारण पुल का नीचे का हिस्सा टूटा हुआ है। पानी खड़ा होता है और यहां गड्ढे बन रहे है। पुल पर अनेक जगह गड्ढे बने हुए है। लोहे के ज्वाइंट भी निकले हुए है। जिस कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। करीब सात-आठ साल पहले ओवरब्रिज की रिपेयरिंग हुई थी। उसके बाद से मार्ग खस्ताहाल है।
लीकेज के कारण मार्ग में गड्ढे बन रहे है। लीकेज के बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखा हुआ है। पुल की स्पेशल रिपेयरिंग के लिए भी प्रपोजल भेजा हुआ और मंजूरी मिलने के बाद इसके लोहे के ज्वाइंट, ऊपर की रैलिंग आदि सारी चीजें ठीक की जाएंगी।
करण सिंह, एक्सईएन, नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया
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करीब दो साल में हांसी रोड पर 25 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज तैयार हुआ था। लंबे समय तक रास्ता भी बंद रहा था। ओवरब्रिज बनने के बाद लोगों को न केवल रेलवे फाटक के झंझट से छुटकारा मिला बल्कि शानदार मार्ग भी मिला। मगर अब यह भी परेशानी भरा बनने लगा है। दरअसल पुल के सेंटर के हिस्से की सीसी सड़क टूटने लगी है। सड़क के बीच तीन जगह गड्ढे बन गए है और लेंटर के सरिये बाहर निकल आए है। कुछ सरिये तो सीधे और खड़े होने के कारण हादसों का सबब बन रहे है। नीचे से वाहन स्पीड से आते है और अचानक रास्ते में यह टूटा हुआ हिस्सा और सरिये आते है। जिससे हादसे हो रहे है। पुल का बाकी हिस्सा एकदम ठीक है और अचानक ये टूटा हुआ हिस्सा आने के कारण वाहन चालकों को ज्यादा संभलने का मौका भी नहीं मिला।
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पुल के सेंटर के हिस्से का निर्माण रेलवे की ओर से कराया गया था। उनके संज्ञान में आया है कि सीसी हिस्सा कुछ टूट गया है। जल्द ही इसे ठीक करवाया जाएगा।
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पीके बागड़ी, एक्सईएन, बीएंडआर
लीकेज ने बिगाड़ी पुराने ओवरब्रिज की हालत
गंदे नाले की लीकेज ने अनाज मंडी के पास बने शहर के सबसे पुराने ओवरब्रिज की हालत बिगाड़ रखी है। एक दिन पैच वर्क होता है और अगले दिन फिर गड्ढा मिलता है। आमजन ही नहीं इससे अधिकारी भी परेशान है। पुल को स्पेशल रिपेयरिंग की जरूरत है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को यह लीकेज ठीक करने के लिए अनेक बाद पत्र लिखा मगर अब तक समस्या बनी हुई है। स्पेशल रिपेयरिंग का भी प्रपोजल भेजा गया है।
करीब 30-32 साल पुराना शहर का सबसे पुराना अनाज मंडी ओवरब्रिज का पुल जर्जर हालत में है। सबसे बड़ी समस्या है गंदा नाला। यहां से लीकेज के कारण पुल का नीचे का हिस्सा टूटा हुआ है। पानी खड़ा होता है और यहां गड्ढे बन रहे है। पुल पर अनेक जगह गड्ढे बने हुए है। लोहे के ज्वाइंट भी निकले हुए है। जिस कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। करीब सात-आठ साल पहले ओवरब्रिज की रिपेयरिंग हुई थी। उसके बाद से मार्ग खस्ताहाल है।
लीकेज के कारण मार्ग में गड्ढे बन रहे है। लीकेज के बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखा हुआ है। पुल की स्पेशल रिपेयरिंग के लिए भी प्रपोजल भेजा हुआ और मंजूरी मिलने के बाद इसके लोहे के ज्वाइंट, ऊपर की रैलिंग आदि सारी चीजें ठीक की जाएंगी।
करण सिंह, एक्सईएन, नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया