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हरिकिशन की जमानत याचिका खारिज
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असम निवासी नाबालिग से बाल आश्रम में छेड़छाड़ के आरोपी हरिकिशन की जमानत याचिका को पोक्सो कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करेगी। गिरफ्तार करने के बाद इस मामले में उससे पूछताछ की जाएगी।
नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी काउंसिलर हरिकिशन मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार हो गया था। कुछ दिन पहले उसने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका लगाई। जमानत के लिए नाबालिग की राजकीय महाविद्यालय में हुई काउंसिलिंग को आधार बनाया था। जबकि एनसीपीसीआर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में उस काउंसिलिंग को ही पूरी तरह से गलत माना है। काउंसिलिंग कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की है। नाबालिग के वकील हेमंत ने यह रिपोर्ट अदालत के सामने रखी तो उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
मनोज एलपीओ सस्पेंड
अवैध काउंसिलिंग में शामिल एलपीओ मनोज को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ज्योति बैंदा ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
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आरोपी हरिकिशन की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। हमने अदालत के सामने एनसीपीसीआर और हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच रिपोर्ट को रखा था। रिपोर्ट में उस काउंसिलिंग को ही गलत बताया गया है, जिसके आधार पर हरिकिशन जमानत मांग रहा था। -हेमंत, भिवानी बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एवं नाबालिग बच्ची के वकील।
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नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी काउंसिलर हरिकिशन मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार हो गया था। कुछ दिन पहले उसने अग्रिम जमानत के लिए अदालत में याचिका लगाई। जमानत के लिए नाबालिग की राजकीय महाविद्यालय में हुई काउंसिलिंग को आधार बनाया था। जबकि एनसीपीसीआर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में उस काउंसिलिंग को ही पूरी तरह से गलत माना है। काउंसिलिंग कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की है। नाबालिग के वकील हेमंत ने यह रिपोर्ट अदालत के सामने रखी तो उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
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मनोज एलपीओ सस्पेंड
अवैध काउंसिलिंग में शामिल एलपीओ मनोज को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ज्योति बैंदा ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
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आरोपी हरिकिशन की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। हमने अदालत के सामने एनसीपीसीआर और हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच रिपोर्ट को रखा था। रिपोर्ट में उस काउंसिलिंग को ही गलत बताया गया है, जिसके आधार पर हरिकिशन जमानत मांग रहा था। -हेमंत, भिवानी बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एवं नाबालिग बच्ची के वकील।