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Bhiwani News: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर व्यापारी से ठगी की कोशिश
Sat, 28 Jun 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:55 AM IST
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भिवानी। साइबर ठग अब डिजिटल अरेस्ट जैसी नई-नई चालों से लोगों को डराकर ठगने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ जागरूक नागरिक अपने सतर्क रवैये से न सिर्फ खुद को ठगी से बचा लेते हैं, बल्कि समाज को भी सतर्क रहने का संदेश देते हैं। शुक्रवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया जब भिवानी के एक फैब्रिक व्यापारी ने ठगों की साजिश को भांपकर उन्हें जवाब दिया और तुरंत साइबर थाने पहुंचकर शिकायत की।
रोहतक गेट निवासी रामचंद्र, जो औद्योगिक क्षेत्र में नॉन वुवन फैब्रिक कपड़ा उद्योग चलाते हैं। उनके पास शुक्रवार दोपहर एक महिला की कॉल आई। महिला ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी की प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर का आपराधिक मामलों में प्रयोग हुआ है और उनके खिलाफ केस दर्ज है। कॉलर ने धमकाया कि दो घंटे में उनका मोबाइल नंबर बंद कर दिया जाएगा।
कुछ देर बाद उन्हें एक और कॉल आई, जिसमें एक शख्स ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और मुंबई के कोलाबा थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर एफआईआर नंबर भी बताया। मगर, रामचंद्र ने सूझबूझ दिखाते हुए कॉलर से उसका बैज नंबर पूछ लिया, जिसके बाद वह भड़क गया और गालीगलौच करने लगा और फोन काट दिया। रामचंद्र ने बिना घबराए तुरंत साइबर थाने पहुंचकर कॉल की जानकारी दी। जांच के बाद पुलिस ने इसे साइबर फ्रॉड बताया और व्यापारी की सतर्कता की सराहना की।
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रोहतक गेट निवासी रामचंद्र, जो औद्योगिक क्षेत्र में नॉन वुवन फैब्रिक कपड़ा उद्योग चलाते हैं। उनके पास शुक्रवार दोपहर एक महिला की कॉल आई। महिला ने खुद को एक टेलीकॉम कंपनी की प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर का आपराधिक मामलों में प्रयोग हुआ है और उनके खिलाफ केस दर्ज है। कॉलर ने धमकाया कि दो घंटे में उनका मोबाइल नंबर बंद कर दिया जाएगा।
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कुछ देर बाद उन्हें एक और कॉल आई, जिसमें एक शख्स ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और मुंबई के कोलाबा थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर एफआईआर नंबर भी बताया। मगर, रामचंद्र ने सूझबूझ दिखाते हुए कॉलर से उसका बैज नंबर पूछ लिया, जिसके बाद वह भड़क गया और गालीगलौच करने लगा और फोन काट दिया। रामचंद्र ने बिना घबराए तुरंत साइबर थाने पहुंचकर कॉल की जानकारी दी। जांच के बाद पुलिस ने इसे साइबर फ्रॉड बताया और व्यापारी की सतर्कता की सराहना की।
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