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Bhiwani News: डेढ़ माह बाद भी नहीं हुई अल्ट्रासाउंड केंद्र में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति
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नागरिक अस्पताल का बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड केंद्र
भिवानी। नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र से रेडियोलॉजिस्ट का करीब डेढ़ माह पहले तबादला हुआ था। तबादले के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मार्च के अंतिम सप्ताह में अल्ट्रासाउंड केंद्र सील कर दिया।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग न कोई नई नियुक्ति कर पाया है और न ही जांच के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए निजी लैब में जाना पड़ रहा है। जहां उनमें सामान्य अल्ट्रासाउंड के 600 और रंगीन अल्ट्रासाउंड के 1500 से 2000 रुपये लिए जा रहे है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी बार-बार निदेशालय में पत्राचार कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली है।
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200 से अधिक मरीज आ रहे है। इनमें से 150 से अधिक मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच का परामर्श दे रहे है। जिसमें से 70 फीसदी गर्भवती महिलाएं है। पिछली बार जब डॉ. अनिल शर्मा सेवानिवृत्त हुए थे तो स्वास्थ्य विभाग ने जिले के तीन अस्पतालों से अनुबंध किया था, जिसमें गर्भवती महिलाओं के प्रति अल्ट्रासाउंड 150 रुपये लिए जाते थे। लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई व्यवस्था नहीं की है।
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ओपीडी के बाद बंद हो जाता है कक्ष
नागरिक अस्पताल का एक्सरे कक्ष ओपीडी के समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही खुला रहता है। ओपीडी बंद होते ही एक्स-रे की सुविधा भी बंद हो जाती है। दोपहर दो बजे के बाद आपातकालीन विभाग में जो मरीज आते हैं, उन्हें एक्सरे के लिए अस्पताल के बाहर बनी निजी लैब में जाना पड़ता है। इसको लेकर मरीजों ने कई बार अस्पताल प्रशासन से एक्सरे की सुविधा 24 घंटे करने की मांग की है।
नागरिक अस्पताल में स्टाफ की स्थिति:
पद
स्वीकृत
कार्यरत
खाली
एसएमओ
08
02
06
डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट 02
00
02
एमओ
66
45
21
मेटरन 01
00
01
एसिस्टेंट 02
00
02
नर्सिंग सिस्टर
14
07
07
स्टाफ नर्स
143
111
32
एलटी
47
20
27
सहायक
27
14
13
क्लर्क
10
06
04
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति को लेकर कई बार पत्राचार कर चुके है लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक प्रक्रिया नहीं मिली है। उम्मीद है निदेशालय की तरफ से जल्दी ही रेडियोलॉजिस्ट मिल जाएगा, जिसके बाद मरीज निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा सकेंगे।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।
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इसके बाद स्वास्थ्य विभाग न कोई नई नियुक्ति कर पाया है और न ही जांच के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए निजी लैब में जाना पड़ रहा है। जहां उनमें सामान्य अल्ट्रासाउंड के 600 और रंगीन अल्ट्रासाउंड के 1500 से 2000 रुपये लिए जा रहे है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी बार-बार निदेशालय में पत्राचार कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुध नहीं ली है।
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अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1200 से अधिक मरीज आ रहे है। इनमें से 150 से अधिक मरीजों को चिकित्सक अल्ट्रासाउंड जांच का परामर्श दे रहे है। जिसमें से 70 फीसदी गर्भवती महिलाएं है। पिछली बार जब डॉ. अनिल शर्मा सेवानिवृत्त हुए थे तो स्वास्थ्य विभाग ने जिले के तीन अस्पतालों से अनुबंध किया था, जिसमें गर्भवती महिलाओं के प्रति अल्ट्रासाउंड 150 रुपये लिए जाते थे। लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोई व्यवस्था नहीं की है।
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ओपीडी के बाद बंद हो जाता है कक्ष
नागरिक अस्पताल का एक्सरे कक्ष ओपीडी के समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही खुला रहता है। ओपीडी बंद होते ही एक्स-रे की सुविधा भी बंद हो जाती है। दोपहर दो बजे के बाद आपातकालीन विभाग में जो मरीज आते हैं, उन्हें एक्सरे के लिए अस्पताल के बाहर बनी निजी लैब में जाना पड़ता है। इसको लेकर मरीजों ने कई बार अस्पताल प्रशासन से एक्सरे की सुविधा 24 घंटे करने की मांग की है।
नागरिक अस्पताल में स्टाफ की स्थिति:
पद
स्वीकृत
कार्यरत
खाली
एसएमओ
08
02
06
डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट 02
00
02
एमओ
66
45
21
मेटरन 01
00
01
एसिस्टेंट 02
00
02
नर्सिंग सिस्टर
14
07
07
स्टाफ नर्स
143
111
32
एलटी
47
20
27
सहायक
27
14
13
क्लर्क
10
06
04
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति को लेकर कई बार पत्राचार कर चुके है लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक प्रक्रिया नहीं मिली है। उम्मीद है निदेशालय की तरफ से जल्दी ही रेडियोलॉजिस्ट मिल जाएगा, जिसके बाद मरीज निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा सकेंगे।
- डॉ. एडविन, प्रधान चिकित्सा अधिकारी।