{"_id":"637d0fa0ff35174f04171c77","slug":"applications-for-property-id-nodes-made-online-hanging-on-verification-bhiwani-news-hsr647806765","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: ऑनलाइन किए प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के आवेदन, वेरिफिकेशन पर लटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: ऑनलाइन किए प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के आवेदन, वेरिफिकेशन पर लटके
विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय। संवाद
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। अगर आपकी शहरी दायरे में प्रॉपर्टी है और उसकी खरीद बिक्री या फिर अन्य किसी के नाम हस्तांतरण के प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज लेना चाहते हैं तो थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि पहले से ही पोर्टल पर ऑनलाइन प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के करीब 1200 से 1500 आवेदन लंबित हैं। ये आवेदन वेरिफिकेशन पर लटके हैं। बुधवार से नगर परिषद मेें पीआईडी नोड्यूज मामले निपटान के लिए टैक्स विभाग के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। जबकि पहले लगा कर्मचारी छुट्टी का आवेदन देकर इस कार्य से तौबा कर चुका है।
पिछले करीब ढाई माह में पीआईडी नोड्यूज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई हैं, क्योंकि लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त कराने और इन्हें खरीद बेचने के लिए भी नगर परिषद से नोड्यूज लेने के लिए दौड़ धूप में लगे हैं। नगर परिषद कार्यालय में रोजाना ही करीब डेढ़ सौ पीआईडी त्रुटी से जुड़े मामले भी आ रहे हैं। इनके संशोधन के बिना पीआईडी नोड्यूज भी नहीं मिल रहे हैं। प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के लिए नगर परिषद ने टैक्स शाखा के एक कर्मचारी को काम पर लगाया था। लेकिन पिछली योजना में अकाउंट ब्रांच में उजागर हुए घोटाले के बाद से ही पीआईडी पर संकट मंडराने लगा। कोई भी कर्मचारी इस काम में हाथ डालने से बचने लगा। नौबत यहां तक आई कि अब पिछले ढाई माह से कर्मचारी पीआईडी नोड्यूज को लेकर तनाव में हैं और एक कर्मचारी ने तो तीन माह की छुट्टी का आवेदन भी अधिकारियों को सौंपा है। जबकि उस कर्मचारी ने पीआईडी नोड्यूज की ड्यूटी से ही हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद अब नगर परिषद ने बुधवार से नए कर्मचारी की व्यवस्था की है। जो पीआईडी नोड्यूज से जुड़े लंबित मामलों को निपटाएंगे।
अधिकारी के फोन पर आने वाले ओटीपी ने भी बढ़ाई मुश्किलें
प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के पोर्टल पर किए गए ऑनलाइन आवेदनों का निपटान करने व त्रुटियों को दुरुस्त किए जाने के मामलों में नगर परिषद के अधिकृत अधिकारी के फोन पर ओटीपी आता है। इस ओटीपी नंबर को सिस्टम में डालने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन नगर परिषद में पिछले काफी अर्से से अधिकारियों का आना-जाना लगा है। यह भी तय नहीं हो रहा है कि किस अधिकारी के फोन पर ओटीपी आएगा। ऐसे में अब व्यवस्था अधिकारियों की बजाए कर्मचारी के फोन नंबर पर ओटीपी तक आ गई हैं, लेकिन ये फोन किसके पास हैं यह भी बड़ा सवाल है। क्योंकि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के फोन पर ही ओटीपी का अधिकार हैं, इससे निचले स्तर के अधिकारी को यह अधिकार नहीं है। अगर ऐसा किया गया है तो भी नियमों के विरुद्ध है। इस तरह के नोड्यूल जारी होने पर भी बड़ा सवाल उठेगा।
विज्ञापन
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज का काम चल रहा है। पिछले कुछ अर्से से रोजाना प्रॉपर्टी आईडी त्रुटी से जुड़े रोजाना ही करीब डेढ़ सौ मामले पहुंच रहे हैं, जिनकी वजह से समस्या बन रही है। लेकिन हमने नगर परिषद में कर्मचारी की व्यवस्था कराकर इस तरह के मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी नागरिक को प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज लेने में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।
विज्ञापन
पिछले करीब ढाई माह में पीआईडी नोड्यूज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई हैं, क्योंकि लोग अपनी प्रॉपर्टी आईडी को दुरुस्त कराने और इन्हें खरीद बेचने के लिए भी नगर परिषद से नोड्यूज लेने के लिए दौड़ धूप में लगे हैं। नगर परिषद कार्यालय में रोजाना ही करीब डेढ़ सौ पीआईडी त्रुटी से जुड़े मामले भी आ रहे हैं। इनके संशोधन के बिना पीआईडी नोड्यूज भी नहीं मिल रहे हैं। प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के लिए नगर परिषद ने टैक्स शाखा के एक कर्मचारी को काम पर लगाया था। लेकिन पिछली योजना में अकाउंट ब्रांच में उजागर हुए घोटाले के बाद से ही पीआईडी पर संकट मंडराने लगा। कोई भी कर्मचारी इस काम में हाथ डालने से बचने लगा। नौबत यहां तक आई कि अब पिछले ढाई माह से कर्मचारी पीआईडी नोड्यूज को लेकर तनाव में हैं और एक कर्मचारी ने तो तीन माह की छुट्टी का आवेदन भी अधिकारियों को सौंपा है। जबकि उस कर्मचारी ने पीआईडी नोड्यूज की ड्यूटी से ही हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद अब नगर परिषद ने बुधवार से नए कर्मचारी की व्यवस्था की है। जो पीआईडी नोड्यूज से जुड़े लंबित मामलों को निपटाएंगे।
विज्ञापन
अधिकारी के फोन पर आने वाले ओटीपी ने भी बढ़ाई मुश्किलें
प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज के पोर्टल पर किए गए ऑनलाइन आवेदनों का निपटान करने व त्रुटियों को दुरुस्त किए जाने के मामलों में नगर परिषद के अधिकृत अधिकारी के फोन पर ओटीपी आता है। इस ओटीपी नंबर को सिस्टम में डालने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ती है। लेकिन नगर परिषद में पिछले काफी अर्से से अधिकारियों का आना-जाना लगा है। यह भी तय नहीं हो रहा है कि किस अधिकारी के फोन पर ओटीपी आएगा। ऐसे में अब व्यवस्था अधिकारियों की बजाए कर्मचारी के फोन नंबर पर ओटीपी तक आ गई हैं, लेकिन ये फोन किसके पास हैं यह भी बड़ा सवाल है। क्योंकि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के फोन पर ही ओटीपी का अधिकार हैं, इससे निचले स्तर के अधिकारी को यह अधिकार नहीं है। अगर ऐसा किया गया है तो भी नियमों के विरुद्ध है। इस तरह के नोड्यूल जारी होने पर भी बड़ा सवाल उठेगा।
विज्ञापन
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज का काम चल रहा है। पिछले कुछ अर्से से रोजाना प्रॉपर्टी आईडी त्रुटी से जुड़े रोजाना ही करीब डेढ़ सौ मामले पहुंच रहे हैं, जिनकी वजह से समस्या बन रही है। लेकिन हमने नगर परिषद में कर्मचारी की व्यवस्था कराकर इस तरह के मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए हैं। किसी भी नागरिक को प्रॉपर्टी आईडी नोड्यूज लेने में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- भवानी प्रताप, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी।