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वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने की हड़ताल, ओपीडी व्यवस्था गड़बड़ाई
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ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर जमीन पर बैठे मरीज। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। दीपावली का त्योहार हर बार खुशी और उल्लास लेकर आता है। लोग जश्न मनाते हैं और एक-दूसरे का मुंह मीठा करवाते हैं। मगर नागरिक अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों के यह त्योहार इस बार बोझ बन गया है। पिछले दो महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उनके पास बच्चों के लिए मिठाई खरीदने तक के पैसे नहीं हैं। दो माह से वेतन न मिलने की वजह से अनुबंध कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। बता दें पहले भी कर्मचारी वेतन जारी न होने के कारण हड़ताल कर चुके हैं। हड़ताल के बाद ही कर्मचारियों का पांच माह का वेतन जारी हुआ था।
करीब 150 कर्मचारी वीरवार को अपना कामकाज छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जैसे ही कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हुई स्वास्थ्य विभाग और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं और सफाई से लेकर ओपीडी की पर्ची काटने का काम प्रभावित हो गया। मरीजों के चेकअप के दौरान चिकित्सक भी परेशान दिखे।
इस दौरान ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग गई। लोग काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संख्या बढ़ती देख स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वार्डों व अन्य अधिकारियों के कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को ओपीडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए भेज दिया। वहीं चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर भी मरीजा आपस में धक्कामुक्की करते नजर आए।
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अनुबंध आधारित कर्मचारियों के प्रधान दीपक तंवर ने बताया कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों में किसी का दो माह, किसी का तीन माह और किसी का एक माह का वेतन बकाया है। कर्मचारी निष्ठाभाव से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार और अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत के कारण उनका वेतन समय पर जारी नहीं हो रहा। साथ ही काफी कर्मचारियों को पीएफ नंबर नहीं मिला है और जिनको पीएफ नंबर मिला है उन्हें कम राशी दी जा रही है। इसके अलावा अभी तक ठेकेदार ने उनका एरियर भी जारी नहीं किया है। ऐसे में कर्मचारी अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार के शोषण के शिकार हो रहे हैं। फिर भी वे समय पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। प्रधान दीपक तंवर ने कहा कि सभी कर्मचारियों की सर्व सहमति से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे ओपीडी के समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक अस्पताल परिसर में धरना देंगे। इस अवसर पर प्रदीप, नवीन, संदीप, रमेश, प्रवीण, शीतल, निशा, राजवीर सहित करीब 150 कर्मचारी उपस्थित रहे।
थक पर जमीन पर बैठे मरीज
कर्मचारी न होने के कारण ओपीडी की व्यवस्था डगमगा गई। मरीजों को पर्ची बनवाने, चिकित्सक के उपचार करवाने, टेस्ट और दवा के लिए घंटों तक लाइन में लगना पड़ा। ऐसे में मरीज मजबूरी में थक पर नीचे जमीन पर बैठ गए। बुजुर्ग मरीज और महिलाएं गोद में बच्चों को लिए बेबस नजर आए। कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण काफी मरीज तो परेशान होकर बिना चेकअप करवाए ही घर लौट गए तो कुछ ने निजी अस्पतालों की ओर रुख किया।
दिवाली से पहले जारी हो जाएगा वेतन
इस संबंध में कंपनी के ठेकेदार से बात की थी। उन्होंने कहा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की एक या दो माह का वेतन बकाया है, जिसे दिवाली से पहले जारी कर दिया जाएगा। कर्मचारियों के अकाउंट में हुए फेरबदल की वजह से वेतन रुक गया था।
- नवीन, सुपरवाइजर, एसराम मैन पॉवर कंपनी।
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करीब 150 कर्मचारी वीरवार को अपना कामकाज छोड़कर हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जैसे ही कर्मचारियों की हड़ताल शुरू हुई स्वास्थ्य विभाग और मरीजों की मुश्किलें बढ़ गईं और सफाई से लेकर ओपीडी की पर्ची काटने का काम प्रभावित हो गया। मरीजों के चेकअप के दौरान चिकित्सक भी परेशान दिखे।
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इस दौरान ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग गई। लोग काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संख्या बढ़ती देख स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को वार्डों व अन्य अधिकारियों के कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों को ओपीडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए भेज दिया। वहीं चिकित्सकों की ओपीडी के बाहर भी मरीजा आपस में धक्कामुक्की करते नजर आए।
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अनुबंध आधारित कर्मचारियों के प्रधान दीपक तंवर ने बताया कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों में किसी का दो माह, किसी का तीन माह और किसी का एक माह का वेतन बकाया है। कर्मचारी निष्ठाभाव से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार और अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत के कारण उनका वेतन समय पर जारी नहीं हो रहा। साथ ही काफी कर्मचारियों को पीएफ नंबर नहीं मिला है और जिनको पीएफ नंबर मिला है उन्हें कम राशी दी जा रही है। इसके अलावा अभी तक ठेकेदार ने उनका एरियर भी जारी नहीं किया है। ऐसे में कर्मचारी अस्पताल प्रशासन और ठेकेदार के शोषण के शिकार हो रहे हैं। फिर भी वे समय पर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। प्रधान दीपक तंवर ने कहा कि सभी कर्मचारियों की सर्व सहमति से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वे ओपीडी के समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक अस्पताल परिसर में धरना देंगे। इस अवसर पर प्रदीप, नवीन, संदीप, रमेश, प्रवीण, शीतल, निशा, राजवीर सहित करीब 150 कर्मचारी उपस्थित रहे।
थक पर जमीन पर बैठे मरीज
कर्मचारी न होने के कारण ओपीडी की व्यवस्था डगमगा गई। मरीजों को पर्ची बनवाने, चिकित्सक के उपचार करवाने, टेस्ट और दवा के लिए घंटों तक लाइन में लगना पड़ा। ऐसे में मरीज मजबूरी में थक पर नीचे जमीन पर बैठ गए। बुजुर्ग मरीज और महिलाएं गोद में बच्चों को लिए बेबस नजर आए। कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण काफी मरीज तो परेशान होकर बिना चेकअप करवाए ही घर लौट गए तो कुछ ने निजी अस्पतालों की ओर रुख किया।
दिवाली से पहले जारी हो जाएगा वेतन
इस संबंध में कंपनी के ठेकेदार से बात की थी। उन्होंने कहा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों की एक या दो माह का वेतन बकाया है, जिसे दिवाली से पहले जारी कर दिया जाएगा। कर्मचारियों के अकाउंट में हुए फेरबदल की वजह से वेतन रुक गया था।
- नवीन, सुपरवाइजर, एसराम मैन पॉवर कंपनी।

वेतन न मिलने से नाराज अनुबंधित कर्मचारी अस्पताल प्रांगण में धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारे?- फोटो : Bhiwani