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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Adequate canal water did not reach 268 tanks of the district, how will we get rid of the water crisis in winter

Bhiwani News: जिले के 268 टैंकों तक नहीं पहुंचा पर्याप्त नहरी पानी, कैसे मिलेगा सर्दी में जल संकट से छुटकारा

Thu, 21 Dec 2023 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 21 Dec 2023 11:09 PM IST
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Adequate canal water did not reach 268 tanks of the district, how will we get rid of the water crisis in winter
भिवानी।
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सर्दी के मौसम में इस बार पूरा जिला जल संकट के दौर से गुजरेगा। लगातार पांचवें दिन भी नहर में पानी का स्तर बेहद कम रहा। इसकी वजह से वीरवार सुबह सुंदर नहर को बंद कर जूई फीडर में 850 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जूई फीडर में इस बार नहरी पानी आने पर भी पानी नहीं चला था। नहरी पानी की कमी की वजह से जिले के 268 जलघर टैंकों को पर्याप्त पानी नहीं मिला। ऐसे में सर्दी के मौसम में जल संकट से कैसे निजात मिलेगी।
शहरी जलघर टैंकों को भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने भूमिगत जल से ट्यूबवेल चलाकर टैंकों में पानी डालना शुरू कर दिया है, ताकि राशनिंग के बावजूद शहर को पीने लायक तो पानी दिया जा सके। सिंचाई विभाग के सुंदर ग्रुप में 17 दिसंबर से नहरी पानी दिया जा रहा है। डिमांड 2230 क्यूसेक के मुकाबले मात्र 900 क्यूसेक ही पानी चला है। इसकी वजह से चार दिनों तक जूई फीडर नहर बंद रखी गई।
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वीरवार को पांचवें दिन सुबह जूई फीडर में 850 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि सुंदर नहर में पानी वीरवार को बंद करना पड़ा। मिताथल फीडर में भी मात्र 150 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। पूरे जिले में 268 जलघरों के टैंक पानी भरे जाने का जिम्मा सिंचाई विभाग के कंधों पर है। सबसे अहम तो शहरी जलघर के टैंक जुई फीडर और मिताथल फीडर के जरिये ही भरे जाते हैं। मगर इनके अंदर बेहद कम पानी होने की वजह से टैंकों तक पानी नहीं अब तक नहीं पहुंचा है। थक हारकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने पुराने जलघर टैंकों में भूमिगत जल को ट्यूबवेलों के सहारे पानी का इंतजाम करना शुरू कर दिया है।
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ट्यूबवेल से ज्यादा पानी टैंकों के अंदर भंडारण नहीं हो सकता है, लेकिन फिर भी राशनिंग से पेयजल आपूर्ति को थोड़ा सहारा जरूर मिलता है। वहीं 23 दिसंबर तक ही नहरों में पानी चलेगा। इसके बाद बुटाना ग्रुप में पानी का शेड्यूल रहेगा। मात्र दो दिन में नहरी पानी से टैंक कैसे भर पाएंगे, यह भी समझ नहीं आ रहा है। ये भी तब संभव हो पाएगा जब नहरों में डिमांड के अनुरूप पानी चले।

नहर में पानी का स्तर बहुत कम होने की वजह से जलघर के टैंकों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए टैंकों के आसपास ट्यूबवेल चालू कराकर उनसे टैंकों में पानी डाला जा रहा है। नहर में पानी का स्तर बढ़ने के बाद ही टैंकों को भरने का काम शुरू किया जाएगा।

-सतीशचंद्र, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।

नहर में कुछ घंटे के लिए पानी के स्तर में थोड़ा सुधार हुआ था। अब सुंदर डाउन बंद है और जूई फीडर में 850 क्यूसेक पानी चलाया गया है। मिताथल में भी महज 150 क्यूसेक पानी है। चार दिन अतिरिक्त पानी चलाने की डिमांड मुख्यालय भेजी है, मगर अभी तक अतिरिक्त पानी को लेकर कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
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