फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Abortion medicines will be used only at 17 authorized centers in the district under the supervision of the CMO.

Bhiwani News: सीएमओ की निगरानी में जिले के 17 अधिकृत केंद्रों पर ही होगा गर्भपात की दवाओं का प्रयोग

Wed, 29 Oct 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Wed, 29 Oct 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
Abortion medicines will be used only at 17 authorized centers in the district under the supervision of the CMO.
भिवानी। जिले में अब गर्भपात किट्स (एमटीपी किट) के उपयोग की पूरी निगरानी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) करेंगे। सीएमओ की देखरेख में ही इन किट्स को जिले के 17 अधिकृत मेडिकल केंद्रों में भेजा जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने बताया कि पूरे हरियाणा में लिंग अनुपात सुधार के उद्देश्य से गर्भपात की दवाओं पर प्रतिबंध है। जिले में केवल अधिकृत मेडिकल केंद्रों को ही गर्भपात के लिए दवा देने की अनुमति दी गई है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि भिवानी में गर्भपात की दवा देने के लिए 17 केंद्र अधिकृत किए गए हैं। इन सभी केंद्रों को लिखित रूप से निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी अन्य स्रोत से गर्भपात की दवा न लें और केवल सिविल सर्जन कार्यालय के स्टोर से ही निशुल्क दवा प्राप्त करें। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी मरीज से दवा के लिए कोई शुल्क न लें और पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। किस मरीज को दवा दी गई है और उसके बाद क्या लक्षण सामने आए, इसकी पूरी जानकारी दर्ज की जाए।
विज्ञापन

डॉ. शांडिल्य ने बताया कि जिले में पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनरों को भी वीसी मीटिंग के माध्यम से दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि लिंग अनुपात को सुधारने और गर्भपात की दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये रखनी है सावधानी
एमटीपी केंद्रों को अब एक स्टॉक रजिस्टर रखना अनिवार्य होगा, जिसमें दवा की उपलब्धता और किस मरीज को दवा दी गई, इसकी पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। सरकार ने यह निर्णय एमटीपी किट्स के दुरुपयोग और उससे जुड़ी जटिलताओं को देखते हुए लिया है। कई बार आधी-अधूरी जानकारी के कारण महिलाएं स्वयं गर्भपात की गोलियां खा लेती थीं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य खतरे पैदा हो जाते थे और कुछ मामलों में जान भी चली जाती थी। हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को देखते हुए सरकार ने अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी की निगरानी में एमटीपी किट्स की बिक्री और रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed